बिहार में बाढ़ त्रासदी का हाल जानने पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी,सीएम और डिप्टी सीएम के साथ किया हवाई सर्वेक्षण,देखे बाढ़ के भीषण हालात

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पटना Live डेस्क. राज्य में बाढ़ की त्रासदी का हाल जानने पीएम नरेद्र मोदी पूर्णिया पहुंचे. पीएम के पूर्णिया पहुंचने पर सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने एयरपोर्ट पर उऩकी अगुवानी की. जिले के चूनापुर हवाई अड्डे पर उतरने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीएम औ डिप्टी सीएम के साथ पूर्णिया,अररिया,कटिहार और किशनगंज इलाके का हवाई सर्वेक्षण किया और बाढ़ की विभीषिका देखी. इन जिलों का एरियल सर्वेक्षण करने के बाद पीएम पूर्णिया में ही सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सुशील मोदी और राज्य सरकार के आलाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं. इस बैठक में बाढ़ से हुए नुकसान का आकनल किया जा रहा है.

प्रधानमंत्री की यात्रा के सिलसिले में वरिष्ठ अधिकारियों की टीम शुक्रवार की दोपहर ही पूर्णिया पहुंच चुकी थी. मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और लघु सिंचाई मंत्री दिनेश चंद यादव शनिवार को सुबह आठ बजे हेलीकॉप्टर से पूर्णिया पहुंचे.

गौरतलब है कि भीषण बाढ़ ने राज्य के एक करोड़ से भी ज्यादा लोगों को प्रभावित हैं. बीते सोमवार शाम को दिल्ली के भाजपा कार्यालय में आयोजित मुख्यमंत्रियों और उप-मुख्यमंत्रियों की बैठक में सुशील मोदी शामिल हुए थे और उनसे पीएम ने बिहार के बाढ़ बारे में बात की थी.

इस बैठक में सुशील मोदी ने बाढ़ राहत में सहायता देने के लिए पीएम को धन्यवाद दिया. पीएम गुजरात और असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर चुके हैं.

पीएम मोदी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी कि आज बिहार में बाढ़ की स्थिति जानने पहुंचा हूं, बिहार में बाढ़ की स्थिति चिंताजनक है।

In Bihar today to review the situation arising due to the floods in the state.

— Narendra Modi (@narendramodi) August 26, 2017

प्रधानमंत्री के साथ उच्चस्तरीय बैठक के पहले शुक्रवार की सुबह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विभिन्न विभागों के आला अधिकारियों के साथ बैठक की. सभी विभागों के प्रधान सचिवों ने अपने-अपने महकमे को हुए नुकसान से संबंधित एक आरंभिक प्रतिवेदन मुख्यमंत्री को सौंपा. मुख्यमंत्री के स्तर पर प्रतिवेदन के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अकेले आपदा प्रबंधन विभाग ने 3500 करोड़ रुपये की जरूरत का आकलन किया है. पथ निर्माण विभाग ने 215 सड़कों को हुए नुकसान के आधार पर 780 करोड़ रुपये की आवश्यकता का आकलन किया है.

कृषि विभाग ने 2100 करोड़, पशुपालन ने 1500 करोड़ और ग्रामीण कार्य विभाग ने 1200 करोड़ रुपये का आकलन नुकसान की भरपाई के लिए किया है. प्रधानमंत्री को एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से सीमांचल में फ्लैश फ्लड के कारण हुए नुकसान की जानकारी दी जाएगी.