बालू के अवैध खनन को लेकर हाईकोर्ट सख्त,चार हफ्ते में कार्रवाईयों का ब्योरा पेश करने को कहा

पटना Live डेस्क. सरकार बदलने के साथ ही बिहार पुलिस बालू माफिया के खिलाफ एक्शन में है. पटना पुलिस ने छापेमारी की बड़ी कार्रवाई कर बालू माफिया के कई मशीनों और मजदूरों को गिरफ्तार किया है. राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि एक विधायक का अवैध बालू खनन में हाथ है. नई सरकार के डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि अवैध बालू खनन को रोका जाएगा और इसमें शामिल कोई भी रसूख वाला बख्शा नहीं जाएगा. अब राज्य सरकार की कार्रवाई पर मुहर लगाते हुए पटना हाईकोर्ट ने भी बालू माफिया के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है और राज्य सरकार से चार हफ्ते में की गयी कार्रवाईयों का ब्योरा मांगा है. बालू पर अवैध खनन को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हए मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन की खंडपीठ ने राज्य सरकार को यह निर्देश दिए. राज्य की तरफ से महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट में बताया कि अवैध बालू खनन को रोकने के लिए राज्य सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है. उऩ्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कार्रवाई भी शुरु कर दी है. कोर्ट अब इस मामले में अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद करेगी.

उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले ही बिहार सरकार ने बालू के अवैध खनन पर कड़ी कार्रवाई की है.बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बालू माफिया राजद के फाइनेंसर हैं और जल्दी ही वो इस मामले का खुलासा करेंगे. सुशील मोदी ने कहा कि जो भी आरोपी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. राज्य सरकार ने मंगलवार को राजद के मनेर से विधायक भाई विरेंद्र और उऩके भतीजे के खिलाफ बालू के अवैध खनन और कारोबार को लेकर केस दर्ज किया है.