विधानसभा के मॉनसून सत्र का दूसरा दिन भी हंगामेदार,सृजन घोटाले को लेकर विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना,चर्चा कराने की मांग

पटना Live डेस्क. बिहार विधानसभा के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन भी सृजन घोटाले को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा मचाया. आरजेडी की तरफ से इस मामले में कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया गया था. पार्टी के लोग प्रश्नकाल को रोककर इस महाघोटाले पर चर्चा कराना चाहते थे लेकिन विधानसभाध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने इसकी इजाजत नहीं दी. विधानसभाध्यक्ष की तरफ से विशेष चर्चा की अनुमति नहीं मिलने पर राजद के विधायक वेल में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे. इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने भोजनावकाश तक विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी.
विधानसभा की कार्यवाही जैसे ही आरंभ हुई वैसे ही भाकपा माले के विधायक सत्यदेव राम और महबूब आलम ने बाढ़ पीडि़तों को राहत नहीं मिलने का मामला उठाया. उनके हाथों में पोस्टर भी थे. पोस्टर देखकर नाराज विधानसभाध्यक्ष ने मार्शल को उनके हाथों से पोस्टर छीनने के आदेश दिए. उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा जाएगी तो आपकी भी मर्यादा जाएगी. इसके बाद माले विधायक बैठ गए. माले विधायकों के बैठने के बाद राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी उठे और सृजन घोटाले पर बोलना आरंभ कर दिया.

सिद्दीकी ने कहा कि सृजन घोटाला एक काला धब्बा है. पूरे देश और दुनिया में इस घोटाले की चर्चा हो रही है. इस सदन की परंपरा रही है कि ऐसे मामलों पर विशेष चर्चा करायी जाए. इस मामले में सरकार की कहीं न कहीं से संलिप्तता नजर आ रही है.

सृजन की संस्थापिका मनोरमा देवी के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और कई केंद्रीय मंत्री भी शामिल हुए हैं. गवाहों की मौत हो रही है. उन्होंने कहा कि अगर कार्यस्थगन स्वीकृत होगा तभी सदन चलेगा.

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रश्नों के हितों को बाधित किए बिना इस विषय पर जितनी देर तक विमर्श करना चाहते हैं, कर सकते हैं. पर राजद कार्यस्थगन स्वीकृत कर चर्चा पर अड़ा रहा.