जलेबी छानते,समोसा तलते,बासुरी बजाते और फिर शंखनाद के बाद अब राजमिस्त्री के रूप में लालू के लाल तेजप्रताप ने दिखाया अपना हुनर तो वायरल हुई तस्वीर

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पटना Live डेस्क। बिहार के दो-दो पूर्व मुख्यमंत्रियों राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के बड़े सुपुत्र व पूर्व स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री तेजप्रताप यादव अपने अनूठे और निराले अंदाज के लिए मशहूर है अमूमन वे कभी साइकिल तो कभी घोड़े पर सवार दिखते हैं तो कभी जलेबी छानते तो कभी कैंटीन में समोसा बनाते नजर आते हैं। तो कभी कान्हा के भेष में मुरली बजाते भी देखे जा चुके हैं। वही, विगत दिनों गांधी मैदान में राजद की रैली में शंखनाद करते दिखे। वही अब इस कड़ी में उनका एक अन्य रूप दिखाई दिया है। ताजा मामला उनके राज मिस्‍त्री बनकर ईंट जोड़ने का है। इसे लेकर वे एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं।
सोशल मीडिया के जरिये बेहद सक्रिय रहने वाले तेजप्रताप ने अपनी तस्‍वीरों को साझा करते हुए लिखा है कि श्रमिक समाज के महत्वपूर्ण अंग हैं। इनका राष्ट्रनिर्माण,विकास एवं अर्थव्यवस्था में बेहद अहम और महत्वपूर्ण योगदान होता है।देश की विकसित अर्थव्यवस्था श्रमिकों की अच्छी स्थति पर निर्भर करती है।लेकिन,केन्द्र व राज्य सरकारों की योजनाओं में श्रमिकों की महत्ता को नजरअंदाज कर दिया जाता है।


तेजप्रताप यही नही रुकते है बल्कि केंद्र की भाजपा सरकार की योजनाओं पर टिप्पणी करते हुए उन्‍होंने लिखा है कि कौशल विकास के नाम पर सरकारें योजनाएं तो खूब बनाती हैं,पर अवसर के बिना युवा बेरोजगार ही रह जाते हैं। हर हाथ हुनर, हर हुनर को रोजगार- यही देश के युवाओं को सही मार्ग पर रखेगा। वही जाति व्यवस्था के बाबत भी उनका कहना है कि वर्ण व्यवस्था ने भारतीय मानसिकता में काम को छोटा या बड़ा बना दिया है। जिस कर्म से सहायता, सहयोग या सृजन हो वह काम छोटा कैसे?विदित हो कि तेजप्रताप यादव अपने पिता राजद सुप्रीमो लालू यादव जो वर्त्तमान में चारा घोटाले में साज़वार होकर रांची स्थिति होटवार के बिरसा मुंडा जेल में कैद है कि तरह ही ठेठ गवई अन्दाज़ व अपने निराले करतबों के साथ ही जनता से कनेक्‍ट करने के लिए जाने जाते हैं। साथ ही अक्सर अपने विवादित बयानों और टिप्पणियों को लेकर भी सूबे और देश की राजनीति में सुरखुरु बने रहते है।