BIG NEWS (वीडियो) गंगा का जलस्तर हुआ बिल्कुल कम,क्या अब महात्मा गांधी सेतु से गिरी Scorpio ढूढ पाएगी SDRF? ताकि एक परिवार को मिले घुटन से मुक्ति

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बृजभूषण कुमार, ब्यूरो प्रमुख, पटना सिटी

पटना Live डेस्क। राजधानी पटना को उत्तर बिहार से जोड़ने वाले महात्मा गांधी सेतु के पाया संख्या 36-38 के पास पुल की रेलिंग तोड़ कर 31 जुलाई 2018 को अहले सुबह एक उजले कलर की स्कॉर्पियो गंगा नदी में गिर गयी थी।घटना की मिली सूचना के बाद मौके पर पहुंची आलमगंज पुलिस ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मदद से उफनती गंगा के पानी में डूब चुके वाहन की तलाश शुरू कर दी थी, लेकिन उस वक्त गंगा के अत्यधिक बढ़े जलस्तर ने तकरीबन एक वीक तक चले सर्च ऑपरेशन नाकामयाब रहा था। जब बिहार SDRF और NDRF की टीमें गंगा में गिरी उजली स्कार्पियो को ढूढ नही पाइ तो फिर उत्तराखंड SRDF की मदद को बुलाया। लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद गंगा की उफ़नती लहरों के बीच उत्तराखंड एसडीआरफ भी गंगा की धार में गिरी स्कार्पियो को नही ढूढ पाइ। लगातार तमाम प्रयास जब विफल होने लगे तो परिजनों ने सीएम नीतीश कुमार से मिलकर लापता आदर्श के ढूढने की गुहार लगाई।
राज्य सरकार की पहल पर इंडियन नेवी को जारी सर्च ऑपरेशन में सहायता खातिर बुलाया गया। सरकार की पहल पर विशाखापत्तनम से इंडियन नेवी को सोनार सिस्टम के साथ को बुलाया गया। आठ सदस्यों वाले इंडियन नेवी के गोताखोर दस्ते ने सोनार सिस्टम की मदद से गंगा के तात्कालिक अथाह जल में गिरी स्कार्पियो को तलाशने शुरू किया। लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद नतीजा सिफर रहा।
थक हार कर तमाम तकनीकी दक्षता के साथ पहुची इंडियन नेवी की 8 सदस्यों वाली टीम भी गंगा के बढ़े जलस्तर, तेज बहाव और बिल्कुल मटमैले पानी की वजह से जब स्कोर्पियो का पता नही कर पाई। लेकिन जाते जाते नेवी के एक्सपर्ट गोताखोर लिखित तौर पर अपना जवाब बिहार सरकार को देकर वापस लौट गए।
अपने लिखित विवरण में गंगा के जलस्तर और मटमैले पानी को सर्च ऑरेशन में बाधक बताया था। साथ ही जलस्तर कम होने पर “स्कार्पियो” के मिलने की संभावना जताई थी।
अब तक घटना के 2 महिने बीत चुके है। गंगा का जलस्तर अब दिन ब दिन घट कर अपने निम्नतर स्तर पर आ चुका है। उल्लेखनीय है कि SDRF, NDRF और इंडियन नेवी ने उस वक्त बढ़े हुए जलस्तर, गंदलेपन और पानी के बेहद तेज बहाव को सर्च ऑपरेशन में बाधक बताया था। लेकिन वर्त्तमान समय मे गंगा का जलस्तर बहुत कम हो चुका है। साथ ही पानी का बहाव भी सामान्य से कम है।                          
अब, यह बड़ा सवाल है कि आखिर अब कब से  SDRF और NDRF फिर से सर्च अभियान चलाकर एक परिवार जो विगत 2 महीने से  हर पल घुटन महसूस करता चला आ रहा है उससे निजात दिलायेगा ? क्योकी लापता आदर्श के पिता का स्पष्ट कहना है कि जब तक गंगा से स्कार्पियो बरामद नही हो जाता कैसे कहा जा सकता है कि उक्त गाड़ी मेरी है और लापता मेरा बेटा उस गाड़ी में मौजूद था ?