बड़ी खबर – लालू पर कसता कानून का शिकंजा,चारा घोटाले के चाईबासा कोषागार 68ए/96 मामले में 24 जनवरी को सुनाई जाएगी सज़ा 

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पटना Live डेस्क। राजद सुप्रीमो खातिर वर्ष 2018 की शुरुआत ही मुसीबतों और झटकों का सबब बनता जा रहा है। 6 जनवरी को देवघर कोषागार से फर्जी बिल के आधार पर करीब 90 करोड़ रुपये की निकासी के मामले में लालू प्रसाद को कोर्ट द्वारा साढ़े तीन साल की सजा मुकर्रर कर दी गई है। यानी कुल चारा घोटाले के 5 मामलों में से 2 मामलो आर सी 20/96 और 64/96 में उन्हें दोषी भी करार दिया जा चुका है।वही अब लालू प्रसाद यादव को 950 करोड़ के चारा घोटाला के एक और मामले में 24 जनवरी को सजा सुनायी जा सकती है। लालू प्रसाद के वकील ने यह जानकारी बुधवार को मीडिया से साझा किया।
लालू के वकील ने बताया कि चाईबासा कोषागार से 37.68 करोड़ की फर्जी निकासी से संबंधित मामला 68ए/96 में सुनवाई पूरी हो गयी है।अब कोर्ट ने लालू समेत अन्य को सजा सुनाने के लिए 24 जनवरी की तिथि तय की है।
लालू प्रसाद को बुधवार को चारा घोटाला के कई और मामलों में पेश किया गया। उन्हें दुमका और डोरंडा कोषागार से फर्जी बिल के आधार पर बड़े पैमाने पर धन की निकासी के मामले में सशरीर कोर्ट में पेश किया गया। डोरंडा कोषागार से फर्जी कागजात के आधार पर करोड़ों रुपये की निकासी के मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो को गुपचुप तरीके से कोर्ट में पेश किया गया। डोरंडा,चाईबासा और दुमका कोषागार से निकासी के मामले में लालू के साथ-साथ आरके राणा और जगदीश शर्मा ने भी कोर्ट में हाजिरी लगायी।
हाज़री खातिर सुरक्षा बलों के जवानों के घेरे में लालू प्रसाद को राजधानी के होटवार स्थित बिरसा मुंडा जेल से कचहरी के सिविल कोर्ट परिसर में सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया। लालू की पेशी काफी गोपनीय तरीके से हुई। इससे पहले कोर्ट परिसर की सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गयी थी। 300 से अधिक जवानों को कोर्ट परिसर के आसपास सड़क के दोनों किनारे तैनात किया गया था। जब लालू प्रसाद यादव को कोर्ट लाया गया, तो वह जवानों के सुरक्षा घेरे में थे।
उल्लेखनीय है कि जब भी लालू प्रसाद की कोर्ट में पेशी होती है, भारी संख्या में उनके समर्थक रांची पहुंच जाते हैं,जिससे सुरक्षा व्यवस्था संभालने में पुलिस को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसलिए जेल प्रशासन और पुलिस ने लालू प्रसाद को गुपचुप तरीके से कोर्ट में पेश करने का खाका तैयार किया। किसी को इस बात की भनक तक नहीं लगने दी कि लालू को कोर्ट में सशरीर पेश किया जायेगा।विदित हो कि एक अन्य मामले में राजद सुप्रीमो की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट में पेशी हुई। इसके बाद उन्हें विशेष सुरक्षा के बीच सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया।

चारा घोटाला और लालू यादव

950 करोड़ के चारा घोटाला के मामले में लालू पर सीबीआई ने कुल छह मामले दर्ज किए थे। इनमें एक मामला आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा था। बाद में लालू उसमें बरी हो गए। पशुपालन घोटाला यानी कोषागारों से फर्जी निकासी, दवा-चारा आदि की फर्जी आपूर्ति आदि मामलों में लालू प्रसाद पर पांच केस दर्ज किए गए थे। इनमें दो मामलों आर सी 20/96 और 64/96 में उन्हें दोषी भी करार दिया जा चुका है। सजा हो चुकी है लेकिन अभी सबसे बड़ा मामला आरसी 47ए/96 में फैसला आना अभी बाकी है।

सबसे बड़ा मामला

डोरंडा कोषागार से 184 करोड़ की फर्जी निकासी के मामले में लालू समेत 200 लोग अभियुक्त हैं और 900 गवाह हैं। करीब आधी गवाही हो भी चुकी है। इस केस में भी अभियुक्तों को अधिकतम सात साल की कैद हो सकती है। आरसी 38 ए/96 में दुमका कोषागार से 34.7 करोड़ रुपये निकाले गए हैं। इनमें सीबाआई के पूर्व संयुक्त निदेशक यूएन विश्वास की गवाही भी हो चुकी है। चाईबासा कोषागार से 37.68 करोड़ की फर्जी निकासी से संबंधित एक मामला 68ए/96 में दर्ज किया गया। इसमें भी लालू प्रसाद अभियुक्त बनाए गए हैं। लालू पर हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने पहला केस आरसी 20/96 27 मार्च 1996 को दर्ज किया था।

 

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