बोले नीतीश – पीएम मोदी के निमंत्रण का गलत मतलब निकाला जा रहा है,सियासी अटकलों पर लगाया विराम

0
8

पटना Live डेस्क। सूबे में महागठबंधन के भविष्य पर उठ रहे सियासी अटकलों और सत्ता के गलियारों में  उठे सियासी शगुफों पर विराम लगाते हुए नीतीश ने कहा कि इसका गलत मतलब नहीं निकालना चाहिए।उल्लेखनीय है कि सोनिया गांधी द्वारा आयोजित भोज में शामिल नहीं होने और शनिवार को पीएम मोदी की तरफ से आयोजित लंच के लिए मिले निमंत्रण को लेकर लगाए जा रहे अटकलों पर विराम लगाया है।

साथ ही सोनिया गांधी के यहां आयोजित भोज में शामिल नहीं होने पर नीतीश ने कहा कि इसका गलत अर्थ निकाला जा रहा है। जाने या ना जाने जैसी कोई बात ही नहीं है। चार-पांच दिन पहले कांग्रेस के नेता अहमद पटेल ने जब सोनिया गांधी के यहां दोपहर के भोज पर बैठक की खातिर जेडीयू को निमंत्रित करने के लिए मुझे फोन किया था तब ही मैंने उन्हें इसके बारे में बता दिया था।’
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कैबिनेट की बैठक से निकलने के बाद कहा,‘जेडीयू को निमंत्रण दिया गया था और पार्टी प्रतिनिधि के तौर पर उसमें शरद यादव शामिल हुए।’।शुक्रवार को विपक्ष की बैठक से नीतीश के गैर-मौजूद रहने को राष्ट्रपति पद के आगामी चुनाव में गैर बीजेपी दलों द्वारा साझा उम्मीदवार खड़ा करने की कोशिशों को झटके की तरह देखा जा रहा है।


इसपर नीतीश कुमार ने कहा ‘मैं पहले ही इसपर सोनिया गांधी से मिल चुका हूं और दूसरे दलों के प्रमुख नेताओं से फोन पर बात की है।’शनिवार को प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित भोज में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने कहा कि ‘उन्होंने यह निमंत्रण बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर स्वीकार किया है। मॉरिशस के लंबे समय से बिहार से भावनात्मक संबंध रहे हैं। मॉरिशस की 52 फीसदी से ज्यादा आबादी मूल रुप से बिहारी हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मॉरिशस के पूर्व एवं मौजूदा प्रधानमंत्री की जड़ बिहार में है।’ नीतीश ने कहा कि शनिवार दोपहर के भोज के बाद वह प्रधानमंत्री के साथ बैठेंगे और गंगा नदी पर चर्चा करेंगे।
सनद रहे कि सियासी तौर पर भोज विपक्ष के सबसे बड़े नेता वही हैं। नीतीश की गैर मौजूदगी से कांग्रेस के बनाए जा रहे संयुक्त विपक्षी बैठक के गुब्बारे की हवा निकल गई।सोनिया के लंच में न जाकर नीतीश ने साबित कर दिया कि विपक्ष के सबसे बड़े नेता वही हैं। साथ ही इस बात को साबित कर दिया है कि वर्त्तमान में विपक्ष में सबसे भरोसेमंद नीतीश कुमार का ही चेहरा है।