सुप्रीम कोर्ट ने नीट रिजल्ट जारी करने का दिया आदेश, 8 जून को आने वाले रिजल्ट पर मद्रास हाईकोर्ट ने लगा दी थी रोक

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पटना Live डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने 12 जून, सोमवार को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्‍ट के नतीजे पर लगी रोक पर अपना फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई को जल्द रिजल्ट जारी करने का आदेश दिया। एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स में एडमिशन के लिए एंट्रेंस टेस्ट देने वाले 12 लाख छात्र-छात्राओं को राहत मिली। बता दे कि तीन हफ्ते पहले मद्रास हाईकोर्ट ने रिजल्ट नहीं जारी करने का आदेश दिया था। इसलिए 8 जून को घोषित रिजल्ट नहीं निकला गया। सीबीएसई ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसका फैसला आज सुनाया गया।

मेडिकल और डेंटल कॉलेज में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्सेस में एडमिशन लेना हो तो बच्चें नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्‍ट के जरिये ही एंट्रेस ले पाते है। जो भी कॉलेज मेडिकल कांउसिल ऑफ इंडिया और डेटल कांउसिल ऑफ इंडिया के तहत मान्यता प्राप्त होते हैं, उन सभी कॉलेजों में एडमिशन के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्‍ट में पास होना अनिवार्य होता है ।

इस साल नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्‍ट हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 8 लैंग्वेज में हुआ था। जिसमें असमी, बांग्ला, गुजराती, मराठी, कन्‍नड़, ओड़िया, तमिल और तेलुगू शामिल हैं। मदुरै बेंच में लगाई पिटीशन में कहा गया था कि रीजनल लैंग्वेज में पूछे गए सवाल अंग्रेजी लैंग्वेज में पूछे गए सवालों के मुकाबले आसान थे। इधर गुजरात हाईकोर्ट में एक पिटीशन दाखिल कर कहा गया था कि गुजराती में पूछे गए सवाल अंग्रेजी के मुकाबले मुश्किल थे। पर सीबीएसई ने अपनी बात रखते हुए कहा था कि सभी पेपरों को मॉडरेटरों ने तय करके एक ही लेवल का निकाला था और सभी लैंग्वेज में पेपर का डिफिकल्टी लेवल एक सामान था।