राष्ट्रपति चुनाव का जाती से कोई लेना देना नहीं है और जो भी हो रहा है उससे मैं दुःखी हूँ : मीरा कुमार

पटना Live डेस्क। मीरा कुमार ने खुद को राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार के तौर पर चुने जाने के लिए 17 विपक्षी राजनीतिक पार्टी का आभार जताया साथ ही कहा कि मुझे निर्वाचक मंडल के सभी सदस्यों का समर्थन चाहिए। मालुम हो कि 30 जून को अहमदाबाद में साबरमती आश्रम से मीरा कुमार अपना प्रचार अभियान शुरू करने जा रही है। उनका कहना है कि महात्मा गांधी साबरमती के संत थे और उनका हमारे देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका अहम् है, इसलिए साबरमती से ही शुरुवात सबसे सही डिसिशन होगा। अभियान के दौरान मीरा कुमार सभी राज्यों का दौरा करेंगी और साथ ही विधायकों से मुलाकात भी करेंगी।

 

जब मीडिया ने मीरा कुमार से उनके और केंद्र सरकार के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद की जाति को लेकर हो रहे वाद-विवादों पर पुछा तो मीरा कुमार ने हो रही सभी चीजों को बेबुनियाद बताया। साथ ही हैरान होते हुए और दुख जताते हुए अहले दिन 27 जून को कहा, “दोनों राष्ट्रपति उम्मीदवारों की उपलब्धियों और योग्यताओं पर बहस के बजाय उनकी जाति पर बहस की जा रही है। याद दिला दूँ कि राष्ट्रपति चुनाव जाति के आधार पर नहीं होगा बल्कि विचारधारा के आधार पर किया जाएगा। लोकतांत्रिक मूल्य, सामाजिक न्याय, पारदर्शिता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, समावेशीकरण, जाति प्रथा की समाप्ति, गरीबी उन्मूलन उस विचारधारा का हिस्सा हैं। मैं इस विचारधारा को साथ लेकर प्रतिस्पर्धा करूंगी क्योंकि ये चीजें मेरे दिल के बेहद करीब है।”

जब विपक्षी दलों की ओर से राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार, मीरा कुमार से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि राजनीति में ऐसी चीजें होती रहती है इसलिए इस बारे में उन्हें कुछ कहने और करने की जरूरत नहीं है। आगे उन्होंने जोड़ते हुए कहा कि, “हाँ, जब सही वक़्त आएगा तब मैं अपना निर्णय अवस्य लुंगी।”