बड़ी खबर – बिहार के लव गुरु को लगा तगड़ा झटका, देना होगा बकाया पैसा और गुजरा भत्ता के साथ पेंशन में भी हिस्सा

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पटना Live डेस्क। बिहार में ‘लव गुरु’ के नाम से चर्चित पटना विश्वविद्यालय के बी एन कॉलेज के हिन्दी के प्रोफेसर मटुकनाथ चौधरी को सुप्रीमकोर्ट ने तगड़ा झटका दिया है।सुप्रीम कोर्ट रहत की आस में पहुचे लव गुरु को आदेश मिला है अपनी पहली पत्नी आभा चौधरी को मुवावजा देना होगा।साथ ही साथ निचली अदालत के आदेश का पालन करते हुए मटुकनाथ को अब दिसंबर 2018 तक अपनी पत्नी को बकाये की राशि 8.5 लाख रुपये देना होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार तीन हफ्ते के अंदर लव गुरु और उनकी पहली पत्नी आभा चौधरी को एक-दूसरे के खिलाफ दाखिल मुकदमो को न केवल वापस लेना होगा बल्कि इसके बाद दोनों एक-दूसरे पर कोई कानूनी दावा नहीं करेंगे।

अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मटुकनाथ पत्नी आभा चौधरी को अपने वेतन का एक तिहाई हिस्सा बतौर रखरखाव देंगे। वही रिटायर होने के बाद पेंशन का भी एक तिहाई हिस्सा आभा को देंगे। साथ ही कोर्ट ने ये भी कहा है कि मटुकनाथ का विभाग सीधे ही इस रकम को काट कर पत्नी के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर सकता है। साथ ही साथ कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत का फैसला बिल्कुल सही है।उल्लेखनीय है कि मटुकनाथ पटना यूनिवर्सिटी में हिंदी के प्रोफेसर हैं। मटुक अपनी उम्र से 30 साल छोटी छात्रा के साथ ‘लिव इन’ में हैं। मटुक ने अपनी पत्नी को 2007 में छोड़ दिया था। उनकी पत्नी आभा पिछले 10 सालों से अपने हक के लिए लड़ रही हैं ताकि उनको गुजारा भत्ता मिल सके।                                                       गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट मटुकनाथ की याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिन्होंने पटना हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी. पटना हाईकोर्ट ने मटुकनाथ को 25 हजार रुपये गुजारा भत्ता और घरेलू उत्पीड़न के लिए देने का आदेश दिया था। इससे पहले पिछली सुनवाई में पटना यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मटुकनाथ की  पत्नी को सुप्रीम कोर्ट ने सलाह देते हुए कहा था कि ऐसे व्यक्ति के साथ संबंध न रखें, जो आपकी परवाह नहीं करता हो। कोर्ट ने मटुकनाथ की पत्नी आभा चौधरी से कहा कि हम आपके हितों की रक्षा करेंगे। आप जैसे लोग समाज के लीडर बन सकते हैं। आप जैसे लोगों को प्रताड़ित नहीं होना चाहिए बल्कि मजबूती से लड़ना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने मटुकनाथ की पत्नी को कहा कि आप बदनामी क्यों सहेंगी। यह व्यक्ति मुकदमे को अगले 10 सालों तक खींचने की कोशिश करेगा। जब ये रिटायर्ड हो जाएगा तो आपसे पीछा छुड़ाना चाहेगा।                                                                    पूर्व में पटना की स्थानीय निचली अदालत ने झटका दिया था। अपने से आधी से भी कम उम्र की जूली के साथ ‘लिव इन रिलेशनशिप’ में जीवन गुजार रहे प्रो. मटुकनाथ चौधरी को अदालत ने उनकी पत्नी आभा चौधरी को भरण-पोषण के लिए हर महीने पंद्रह हजार रुपये देने का निर्देश दिया था। प्रोफेसर साहब अपनी पत्नी के उत्तरदायित्व से बच रहे थे, तब मजिस्ट्रेट ने यह अंतरिम फैसला सुनाया था।

रातों-रात सुर्खियां बन गए थे प्रो. मटुकनाथ

दरअसल, गुरु जी की धर्मपत्नी आभा 2007 से ही निर्वासित जिंदगी जी रही हैं। उस समय अपनी ही छात्रा जूली से प्रेम सम्बंधों और फिर तथाकथित शादी के बाद चर्चित हुए पटना विश्वविद्यालय प्रोफेसर मटुकनाथ रातों-रात सुर्खियां बन गए थे।जूली के साथ प्रेम संबंध में पड़ने के बाद छात्रों के बीच उनका विरोध शुरू हो गया था। छात्रों से होते हुए जब यह विरोध उनके घर के अंदर पहुंचा तो बवाल शुरू हो गया।एक दिन अचानक उनकी पहली पत्नी आभा चौधरी ने गुरु जी की प्रेमलीला पकड़ ली और शुरू हो गई मारपीट। इस दौरान आभा चौधरी ने दोनों के चेहरे पर कालिख भी पोत दी।

विरोध के बावजूद एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा लेकिन, कहते है ना की प्रेम सचमुच अंधा होता है। तमाम विरोधों के बावजूद मटुकनाथ और जूली ने एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा। यहां तक की इस कदम के बाद पटना विश्वविद्यालय ने उन्हें बर्खास्त भी कर दिया था। पटना विश्वविद्यालय ने 15 जुलाई, 2006 को मटुकनाथ को बी एन कॉलेज के हिंदी विभाग के रीडर पद से निलम्बित कर दिया। बाद में 20 जुलाई, 2009 को उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।उन पर अपनी कक्षा में बाहरी लोगों को बैठाने व अमर्यादित आचरण करने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद मामले प्रोफेसर मटुकनाथ को लेकर पटना विश्वविद्यालय प्रशासन से लेकर कुलापति तक न्याय की गुहार लगाई।

प्रेमिका के साथ आमरण अनशन पर बैठे  जब गुरु जी को कही न्याय नहीं मिला तो पटना उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की। इस बीच वे जूली के साथ इस मामले को लेकर पटना के कारगिल चौक पर आमरण अनशन पर बैठे गए। नवंबर 2011 में आमरण अनशन के बाद राज्य सरकार ने गुरु जी की बर्खास्तगी का आदेश वापस ले लिया। राजभवन ने पटना विश्वविद्यालय को उनकी बहाली का निर्देश जारी किया।इसके बाद गुरु जी की प्रेमिका जूली ने उन्हें जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया| अनशन तोड़ने के बाद ‘लव गुरु’ नाम से चर्चित मटुकनाथ ने कहा कि उन्हें लम्बे समय के बाद न्याय मिला है और यह लोकतंत्र की जीत है।

मटुकनाथ ने खोला ‘लव स्‍कूल’

              गुरु जी ने अपने गांव जयरामपुर में एक ‘लव स्‍कूल’ खोला है।इस स्‍कूल के बारे में वे कहते हैं कि प्यार हमें रचनात्मक बनाता है। प्यार का मतलब है बलिदान, इसमें स्वार्थ के लिए कोई जगह नहीं होती। प्यार के दो चेहरे होते हैं-पहला विध्वंसात्मक होता है और दूसरा रचनात्मक। दुख की बात है कि आज के युवा प्यार के सही तरीके को नहीं पहचान पा रहे। हम उन्हें सिखाएंगे कि कैसे सर्वोच्च बलिदान करते हुए समाज के लिए उदाहरण पेश किया जाए और कैसे रचनात्मक प्यार किया जाए।मटुकनाथ ने इस स्कूल को मान्यता दिलाने के लिए सीबीएसई में आवेदन भी किया है। मटुकनाथ के अनुसार इस जीवन जागृति पाठशाला में जूली केन्द्रीय भूमिका में होंगी और उन्हें स्कूल की माता बनाया जाएगा। गांव के लोग भी इसके लिए तैयार हैं।