बड़ी खबर – (वीडियो)बहुचर्चित चारा घोटाले के 48वें मामले में फैसला कल,सजा के बिन्दुओं पर सीबीआई कोर्ट करेगा ऐलान,समर्थकों और कार्यकर्ताओं से संयम और धैर्य बनाए रखने की अपील

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पटना Live डेस्क।पिछले 21 सालों से चल रहे बहुचर्चित चारा घोटाले में दूसरा एवं अहम फैसला शनिवार को आएगा। रांची स्थित सीबीआई की अदालत द्वारा बीते 13 दिसम्बर को इस मामले में राज्य के दो पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र एवं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद, पूर्व सांसद जगदीश शर्मा सहित 31 आरोपितों को दोषी पाते हुए सजा के बिन्दु पर फैसला 23 दिसम्बर के लिए सुरक्षित रख लिया था। शनिवार को आने वाले फैसले पर बिहार सहित सारे देश और राजनीतिक दलों की निगाहें जमी हुई हैं।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की कोर्ट में चारा घोटाले के एक मामले आरसी 64ए/96 में सुनवाई 13 दिसम्बर को ही पूरी हो गई थी। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद शुक्रवार को दोपहर बाद 3:30 बजे सेवा विमान से रांची के लिए रवाना हो गए। उनके साथ उनके दोनों पुत्र तेजप्रताप यादव और तेजस्वी यादव, विधायक भोला यादव सहित राजद के कई नेता भी रांची गए हैं। रांची जाने से पूर्व तक राजद सुप्रीमो ने मीडिया से परहेज रखा और आवास के बाहर जुटे मीडियाकर्मियों से बिना कोई बात किए अपनी गाड़ी से एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए।
शुक्रवार को रांची जाने से जाने के पूर्व राजद सुप्रीमो ने  एक पोर्टल न्यूज़ से बातचीत में के कहा ‘मैं  तनीक भी विचलित नहीं हूँ। माननीय न्यायालय का जो भी फैसला आएगा मैं उसका सम्मान करुंगा।’ उन्होंने राजद के तमाम नेता, कार्यकर्ताओं और समर्थकों से इस विपरीत परिस्थिति में धैर्य और संयम बनाए रखने तथा किसी भी कीमत पर कानून को हाथ में न लेने की भावनात्मक अपील की है।
चारा घोटाले का यह 48वां मामला देवघर कोषागार से 89 लाख रुपए के अवैध निकासी का है,इस में  बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, जगन्नाथ मिश्र, ध्रुव भगत, पूर्व सांसद आरके राणा, पूर्व सांसद जगदीश प्रसाद, विद्यासागर निषाद, आईएएस अधिकारी फूलचंद सिंह, महेश प्रसाद, बेक जूलियर, डॉक्टर कृष्ण कुमार, आपूर्तिकर्ता त्रिपुरारी मोहन प्रसाद, सुशील कुमार, सरस्वतीचंद्र, ज्योतिष कुमार झा सहित 31 आरोपी हैं। इस मामले में कई चरणों में लालू प्रसाद यादव के द्वारा गवाही हुई थी जिसमें वो हाजिर हुए थे। इनमें आरोपी बने लोगों में से 11 लोगों की मौत हो चुकी है तो सरकारी गवाह पीके जयसवाल और सुशील झाले निर्णय से पहले ही दोषी स्वीकार कर लिए गए थे। अब 21 साल बाद चारा घोटाले के इस चर्चित 48वें मामले में फैसला सुनाया जाएगा। इस फैसले पर बिहार झारखंड के साथ-साथ पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं और अभी से ही लोग इस फैसले को लेकर तरह-तरह की चर्चा करते नजर आ रहे हैं। मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने चारा घोटाले से संबंधित पांच मामलों में से दूसरे नंबर पर देवघर कोषागार से अवैध निकासी के मामले की सुनवाई पूरी की। इस दौरान सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में फैसले के दिन सभी आरोपियों को सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया गया है। गौरतलब है कि राजनीतिक आरोपी के साथ-साथ इस मामले में आईएएस अधिकारी और पशुपालन अधिकारी भी शामिल हैं। जिन सभी का फैसला 23 दिसंबर को होगा। इस फैसले में सबसे खास कुछ चर्चित चेहरे हैं जिनके ऊपर पूरा देश ध्यान से नजर रखेगा, जिसमें राजनीतिक आरोपी लालू प्रसाद यादव और डॉक्टर जगन्नाथ मिश्र के साथ-साथ सांसद जगदीश शर्मा, पूर्व सांसद डॉ. आर के राणा और बिहार के पूर्व पशुपालन मंत्री विद्यासागर निषाद और पीएसी अध्यक्ष ध्रुव भगत शामिल हैं। लालू प्रसाद को इस मामले मेंं 1996 में सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया था और 30 जुलाई 1997 को वो चारा घोटाले के आरोप में जेल चले गए थे। यही नहीं घोटाले में दोषी पाए जाने के बाद उन्हें लोकसभा से अयोग्य भी ठहराया गया था और चुनाव लड़ने पर पाबंदी लग गई। चारा घोटाले मामले में सीबीआई ने 15 मई 1996 को प्राथमिकी दर्ज कर 21 अप्रैल 2003 को 44 लोगों के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किए गए थे जिनमें 35 पर ट्रायल जारी है। इसमें आरोपित किए गए लालू प्रसाद, जगन्नाथ मिश्र ,विद्यासागर निषाद, ध्रुव भगत और आर के राणा आदि सहित 35 के खिलाफ मामले पर अब फैसला सुनाया जाएगा। लालू प्रसाद को 30 सितम्बर 2013 को रांची की ही सीबीआई अदालत ने पशुपालन घोटाले के एक अन्य मामले में पांच वर्षों की सजा औश्र 25 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनायी थी। तब वह 76 दिनों तक रांची के बिरसा मुंडा केन्द्रीय कारागार में बंदी थे। 13 दिसम्बर 2013 को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें उस मामले में जमानत दे दी थी। इस मामले में दोषी पाए लोगों के लिए न्यूनतम दो वर्ष और अधिकतम 10 वर्ष की सजा का प्रावधान है।