चारा घोटाला में लालू यादव दोषी करार, तीन जनवरी को होगा सजा का ऐलान,हिरासत में लिए गए लालू

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पटना Live डेस्क। बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाला  के स्थित सीबीआई की विशेष अदालत शनिवार को फैसला सुनाया। जगन्‍नाथ मिश्रा, ध्रुव भगत, विद्या सागर बरी कर दिए गए हैं। प्रमुख आरोपी व घोटाले के समय बिहार के सीएम रहे लालू प्रसाद यादव, पीएसी के तत्कालीन अध्यक्ष जगदीश शर्मा, आर के राणा, तीन आईएएस अधिकारी फूलचंद सिंह, बेक जूलियस एवं महेश प्रसाद, कोषागार के अधिकारी एस के भट्टाचार्य, पशु चिकित्सक डा. के के प्रसाद तथा शेष अन्य चारा आपूर्तिकर्ताओं को दोषी ठहराया गया है। सभी दोषियों को 3 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी। तब तक के लिए सभी को जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। सजा के ऐलान तक दोषी जेल में ही रहेंगे। देवघर कोषागार से अवैध ढंग से पैसा निकालने के मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र एवं कई अन्य राजनेताओं तथा आईएएस अधिकारियों समेत 22 आरोपी रांची में सीबीआई की विशेष अदालत में शनिवार सुबह पेश हुए थे।

राजद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है कि वह ऊपरी अदालत में फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। पार्टी नेताओं का कहना है कि उन्‍हें न्‍याय व्‍यवस्‍था में विश्‍वास है। पार्टी के मनोज झा ने कहा कि लालू को जबरन फंसाया गया है। उन्‍होंने कहा कि ‘कल तक जो पिंजड़े में तोता था, मगर आज उसे चिप से नियंत्रित किया जा रहा है। जो उनके सामने झुक जाता है, वह बच जाता है जो नहीं झुकता, उसे झेलना पड़ता है।’

अदालत ने लालू समेत कुल 15 आरोपियों को दोषी ठहराया है। डिप्‍टी सीएम जगन्‍नाथ मिश्रा समेत 7 अन्‍य को निर्दोष पाते हुए बरी कर दिया गया है।लालू अपने बेटे तेजस्‍वी के साथ रांची की विशेष सीबीआई अदालत पहुंचे ।अदालत के बाहर बेहद भीड़ है।

फैसला आने से पहले ही बिहार की राजनीति गरमा गई है और सियासी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। राजद जहां इस मामले में विपक्षियों द्वारा फंसाने का आरोप लगा रहा है वहीं सत्ताधारी जनता दल (युनाइटेड) के नेता लालू को सजायाफ्ता बताते हुए उन्हें भ्रष्टाचार का पर्याय बताया जा रहा है। जद (यू) के प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने कहा कि नई परिस्थिति में भ्रष्टाचार के खिलाफ देश में जो नजरिया उत्पन्न हुआ है और लोगों की जो मनोदशा है, उसके मुताबिक अदालत का यही फैसला देश के लिए एक नजीर बनेगा। उन्होंने राजद पर तंज कसते हुए कहा, “लालू प्रसाद पहले से ही सजायाफ्ता हैं और इस फैसले को लेकर राजद के नेता ऐसे ‘रांची चलो’ अभियान चला रहे हैं, जैसे लालू को आजादी की लड़ाई के मामले में फैसला सुनाया जाने वाला है।” उन्होंने कहा कि लालू खुद भ्रष्टाचार के मामले में लिप्त हैं ही उनके बेटे तेजस्वी (26) भी भ्रष्टाचार के मामले में फंसे हैं। उन्होंने कहा कि राजद की नीति धर्मनिरपेक्ष की छद्म लडाई में संपत्ति उगाही की रही है और अदालत का भ्रष्टाचार के पर्याय बने लालू के खिलाफ यह फैसला देश के लिए नजीर बनेगा।