Big Breaking – गन्ना मंत्री से 10 लाख की रंगदारी मामले में जमुई पुलिस को मिली अहम सफलता, झाझा  से महिला को लिया गया हिरासत में,पूछताछ जारी

ब्रिजमोहन, वरीय संवाददाता, जमुई

पटना Live डेस्क। बिहार सरकार के गन्ना उद्योग सह अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री सह जमुई जिला के प्रभारी मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद से 10 लाख की रंगदारी मांगे जाने के मामले में झाझा पुलिस ने एक महिला को हिरासत में लिया है। जमुई के एसपी जयंकान्त खुद हिरासत में ली गई महिला से स्वयं कर रहे है पूछताछ। मिली जानकारी के अनुसार जल्द ही रंगदारी के इस मामले से उठ सकता है पर्दा। विदित हो कि बिहार सरकार के गन्ना उद्योग और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. खुर्शीद आलम से अब तक कुल चार बार मोबाइल पर धमकी और रंगदारी की मांग की जा चुकी है।अब तक मंत्री महोदय धमकी और रंगदारी की मांग को लेकर ही समाचार की सुर्खियां  बटोरते रहे है। एक फिर शनिवार को सुर्खियों में आ गए हैं। शनिवार को चौथी बार उनसे रंगदारी की मांग हुई है। इस बार भी फोन से दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई।
मंत्री महोदय ने धमकी और रंगदारी के मैसेज मिलने के बाद कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।  शनिवार की दोपहर गन्ना मंत्री मो. खुर्शीद आलम अपने सरकारी आवास पर मौजूद थे। इसी दौरान एक बजकर 59 मिनट पर उन्हें अज्ञात नंबर से फ़ोन किया गया और फ़ोन करने वाले व्यक्ति ने मंत्री से दस लाख रुपये बतौर रंगदारी देने को कहा और साथ ही साथ ही रंगदारी की रकम नहीं मिलने पर जान से मारने की धमकी दी। 
साथ ही धमकी देने वाले ने मंत्री को एक बैंक खाते का नंबर भी दिया और कहा कि रंगदारी की रकम इस खाते में जमा करो। धमकी और रंगदारी की मांग के बाद जब गन्ना मंत्री ने अपना मोबाइल खंगाला तो मालूम हुआ कि शुक्रवार की शाम को भी उन्हें रंगदारी के लिए एसएमएस आया था, लेकिन वह देख नहीं पाए थे।
वही मामले के बाबत विधि-व्यवस्था डीएसपी डॉ. मो. शिब्ली नोमानी ने बताया कि जिस मोबाइल नंबर से कॉल कर मंत्री से रंगदारी मांगी गई है, उसका इस्तेमाल करने वाले का पता लगाया जा रहा है।विदित हो कि खुर्शीद आलम से पूर्व में 10 दिसंबर को उन्हें रंगदारी के लिए कॉल आया था। तब मंत्री के सरकारी मोबाइल नंबर 943109613 पर 7759022823 से रंगदारी मांगी थी और फिर साथ ही अपराधियों ने मंत्री के पेट्रोल पंप मैनेजर के फोन पर भी धमकी देते हुए रंगदारी मांगी थी। उस वक्त वह बेतिया जिले में मौजूद थे। वहीं के पुरुषोत्तम पुर थाने में उन्होंने इस बाबत प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
इससे पूर्व 3 जून को भी उन्हें पटना में रहने के दौरान मोबाइल से धमकी मिली थी। जिसकी लिखित शिकायत सचिवालय थाने में मामला दर्ज कराया था।