कृष्णा सिंह की हत्याकांड में बड़ा खुलासा,हम प्रवक्ता रहे दानिश रिजवान समेत 23 लोगों ने रची थी साज़िश,श 2 महिलाओं समेत 7 गिरफ्तार

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पटना Live डेस्क। आरा में रविवार 2 जुलाई को हुए व्यवसायी कृष्णा कुमार की हत्या प्रोफेशनल शूटर्स ने की थी।शहर में दिनदहाड़े हुई इस हत्याकांड के महज 96 घंटों के अंदर पुलिस ने शूटर्स को हथियार के साथ धर दबोचा  है। साथ ही मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने हत्या में शामिल 3 अपराधियों 2 महिलाओं समेत 7 लोगों को आरा और सीवान से गिरफ्तार किया है। इस दौरान हत्या में प्रयुक्त 3 पिस्टल और 15 जिन्दा कारतूस समेत 4 मैगजीन और 2 बाइक भी पुलिस ने बरामद किया है।

                               गुरुवार को भोजपुर के एसपी क्षत्रनील सिंह ने बताया कि इस मर्डर केस को पुलिस ने चुनौती के रूप में लिया था। जमीन पर कब्जा लेने को लेकर इस वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस की अलग-अलग टीम ने कृष्ण कुमार की हत्या करने वालों को आरा और सिवान से गिरफ्तार किया। एसपी के मुताबिक 4 बाइक पर सवार 8 शूटर्स ने घटना को अंजाम दिया था, जबकि 4 अन्य लोग मृतक की हर बात की जानकारी शूटर्स तक पहुंचा रहे थे। यानी कुल 12 लोगो ने हत्याकांड को अंजाम दिया। घटना को अंजाम देने के बाद सभी शूटर्स मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने एक शूटर राजा को आरा के नगर थाना के बड़ी मस्जिद से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने राजा की निशानदेही पर हत्या में शामिल एक शूटर सोनू को सीवान जिले से गिरफ्तार किया है।शूटर्स ने हत्या के बाद हथियार को छिपा कर रखा था जिसे पुलिस ने बरामद किया है। पुलिस को हथियार घटना में नामजद कुख्यात चांद मियां की बहन के घर से मिले। एसपी के मुताबिक गिरफ्तार अपराधियों के बयान के आधार पर प्राथमिकी में दिए गए नामजद आरोपियों और साजिशकर्ताओं की हत्या में संलिप्तता सामने आई है जिनकी गिरफ्तारी में पुलिस लगी है।


कुख्यात चांद मियां एवं नईम ने इस कांड में नए लड़कों का इस्तेमाल किया जबकि कई पुराने हिस्ट्रीशीटर भी इस हत्यकांड में शामिल हैं। चांद मियां के करीबी समझे जाने वाले राजा को जब पुलिस ने उठाया तो परत-दर-परत बातें खुलती चली गईं और एक-एक कर सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आते चले गए। पुलिस कप्तान की गठित टीम जिसमें एएसपी जगदीशपुर दयाशंकर के नेतृत्व में सदर एसडीपीओ संजय कुमार समेत कई थानाध्यक्ष और सिपाही शामिल किये गए थे ने यह कामयाबी घटना के 6 दिन बाद हासिल की जो हत्या के तुरंत बाद से ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई थी। सबसे पहले पुलिस ने बड़ी मस्जिद से मोहम्मद राजा को उठाया।उसने अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए पुलिस को कई सुराग दिए। यह भी बताया कि यह हत्या जमीन के लिए की गई है।
मोहम्मद राजा ने इस मामले में पुलिस को मोहम्मद नुरैना आलम उर्फ सोनु का का नाम बताया जिसकी गिरफ्तारी सीवान जिले से की गई। सोनू की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के लिए सारे रास्ते खुल गए और फिर इस हत्याकांड के सभी पहलुओं से पर्दा उठता चला गया।

दानिश रिजवान ने कहा था, जमीन निकल गया कुछ उपाय करना पड़ेगा

पुलिस कप्तान क्षत्रनील सिंह ने बताया कि सोनू एवं राजा ने पुलिस के सामने यह स्वीकार किया कि ईद खत्म होने के बाद 28 जून को हम पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहम्मद दानिश रिजवान ने चांद मियां एवं नईम से कहा था कि भलुहीपुर वाली जमीन हाथ से निकल गई है। कुछ उपाय करना पड़ेगा। इसके बाद चांद,नईम और मैं अपने घर पर कुछ अपराधियों की मीटिंग बुलाकर कहा कि कृष्णा सिंह की हत्या की जानी जरूरी है। तभी वह जमीन हमारे हाथ लगेगी। साथ ही यह भी तय हुआ कि जमीन हाथ आने पर उसमें सभी हिस्सेदार होंगे। उल्लेखनीय है कि रविवार को कृष्ण कुमार की हत्या उस वक्त कर दी गई थी जब वो बाजार से अपने घर लौट रहे थे। इसके बाद सभी लोग पड़ाव पर पहुंचे जहां शूटर्स ने आरा के रसूखदार जमींदारों में से एक कृष्णा सिंह को 22 गोलियां मारी थीं। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। कृष्णा सिंह पर ताबड़तोड़ 25 से ज्यादा गोलियां चलाई गईं थी।

बहन के यहां छुपाया था नईम ने हथियार

अपराधियों ने हत्या करने के बाद तय रास्तों से भागने की स्कीम बनाई गई। इस दौरान चांद मियां का भाई नईम मियां भागते वक्त नाला रोड स्थित अपनी बहन गुड़िया खातून के यहां हथियारों से भरा बैग रख दिया। जिसमें हत्या में उपयोग किए गए हथियार भी थे। पुलिस कप्तान ने बताया कि जब गुड़िया खातून की गिरफ्तारी हुई तो उसने बताया कि भागने के दौरान नईम मियां एवं आरिफ ने बैग में रख कर हथियार दिया था। पुलिस ने पूछा कि हथियार कहां है तब गुड़िया ने बताया कि चौधरी आना स्थित अपनी एक सहेली मेहरूनिशा के घर पर छिपा कर रखा है। पुलिस ने वहां रेड किया तो उसका पति नेहाल अहमद एवं मेहरूनिशा मिल गई। पुलिस ने वहां से तीन पिस्टल 4 मैगजीन एवं 15 जिंदा कारतूस बरामद किया है।

पुलिस कप्तान क्षत्रनील सिंह ने बताया कि इस कांड के उद्भेदन के लिए एसआईटी टीम जांच करेगी और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी में लगी हुई है। उन्होंने बताया कि यदि जल्द ही हत्या में शामिल अभियुक्त गिरफ्तार नहीं किए जाते तो उनके संपत्ति को कुर्क किया जाएगा। क्षत्रनील सिंह ने आगे बताया कि हम प्रवक्ता दानिश रिजवान व उनके भाइयों का हथियार के  लाइसेंस रद्द किया जाएगा और हत्या में संलिप्त अपराधियों की कुर्की के लिए कोर्ट में आर्जी दिया गया है। फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह छापेमारी कर रही है।

अब तक 7 हो चुके हैं गिरफ्तार

पुलिस कप्तान की गठित टीम के हाथों साजिशकर्ता तो नहीं आए लेकिन पुलिस ने लाइनर, हत्या में उपयोग किए गए पिस्टल छुपाने वाली कुख्यात नईम मियां की बहन और बहन की सहेली एवं उसके पति समेत हत्या में किसी न किसी रूप में शामिल सात आरोपितों को धर दबोचा। पकड़े गए लोगों में नगर थाना क्षेत्र के गुण हाथी गली बड़ी मस्जिद से मोहम्मद जमील के पुत्र मोहम्मद असलम उर्फ राजा, नगर थाना क्षेत्र के ही भलूहीपुर के रहने वाले नुरैना आलम उर्फ सोनू, नगर थाना क्षेत्र के बल बसरा निवासी मोहम्मद नईम के पुत्र मोहम्मद आजाद,नगर थाना क्षेत्र के काजी टोला निवासी स्वर्गीय अहमद सफुद्दीन, नगर थाना क्षेत्र चौधरीयाना के मोहम्मद समीम की पत्नी मेहरुनिशा तथा नाला रोड से गुड़िया खातुन को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस कप्तान छत्रनिल सिंह की गठित टीम ने हत्या में उपयोग किया गया एक 9 एमएम का पिस्टल तथा 7.6 एमएम का पिस्टल बरामद किया. इसके अलावा पुलिस को चार मैगजीन समेत15 जिंदा कारतूस, चार मोबाइल बरामद किया।

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