सीज फायर की खबरों के बाद जेडीयू फिर से हुई हमलावर!

पटना Live डेस्क.   मंगलवार को कैबिनेट की बैठक के बाद सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की वन टू वन मुलाकात के बाद ये कयास लगाए जा रहे थे कि अब महागठबंधन की गाड़ी दोबारा से पटरी पर लौट आयी है. सबकुछ सामान्य होने की खबरें आ रही थीं. कहा जा रहा था कि तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के सामने अपना पक्ष दमदार तरीके से रखा है और नीतीश कुमार भी काफी हद तक तेजस्वी के तर्क से संतुष्ट हैं. महागठबंध समर्थकों में इस मुलाकात के बाद उम्मीद की एक नई किरण जगी थी. राजद की तरफ से ये कहा भी गया कि अब सबकुछ ठीक है और महागठबंधन अटूट है. वर्तमान हालात पर राजद खेमे की तरफ अतिउत्साहित शिवानंद तिवारी ने ये घोषणा कर दी कि सबकुछ ठीक हो गया है और गठबंधन सरकार दोबारा से पटरी पर लौट चुकी है. कांग्रेस भी इस मुलाकात के बाद आश्वस्त थी कि अब गठबंधन में कोई उलझन नहीं है. कारण है कि इसी उलझन को खत्म करने के  लिए कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व भी खासा एक्टिव था और प्रदेश के नेताओं से मिलकर राजद और जेडीयू के बीच सुलह कराने का आतुर था. प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चौधरी दोनों पार्टियों के बीच मध्यस्थ की भूमिका में थे और जानकारी के मुताबिक उन्होंने ने अपनी पहल पर ही नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव की वन टू वन बैठक कराई. खबरों के मुताबिक इस बैठक के बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने भी राहत की सांस ली. तेजस्वी यादव भी बैठक के बाद दिल्ली चले गए. लेकिन जेडीयू खेमे ने इस बैठक में सीज फायर की बात को नकार दिया. पार्टी प्रवक्ता अजय आलोक ने ये साफ कहा की तेजस्वी को आरोपों पर सफाई देनी ही पड़ेगी और दोनों नेताओं की ये मुलाकात बस कामकाज को लेकर ही थी. अब जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी तेजस्वी पर हमला बोला है. नीरज कुमार के मुताबिक जेडीयू के सवालों का अबतक कोई जवाब नहीं मिला है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार पूछने पर अब अच्छा नहीं लगता. साथ ही उन्होंने तेजस्वी यादव का नाम लिए बगैर कहा कि वो कब  तक मौन रखेंगे. जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि गठबंधन के लिए जवाब जरुरी हो गया है और अब जवाब मिलना चाहिए.

इन बनते-बिगड़ते रिश्तों के बीच जेडीयू प्रवक्ता ने राजद खेमे की तरफ से सक्रिय शिवानंद तिवारी पर भी हमला बोला है. नीरज कुमार ने कहा कि शिवानंद किसका राजनीतिक अनुष्ठान करने में लगे हैं,वह जिसके साथ रहते हैं उसका पूरा नाश कर देते हैं. उन्होंने कहा कि राजनीतिक सन्यासी को राजनीतिक मोक्ष की ओर बढ़ना चाहिए वरना जेडीयू राजनीतिक पिंडदान करना अच्छी तरह से जानती है.