19 अगस्त का इंतजार,क्या दो फाड़ होगी जेडीयू?

पटना Live डेस्क. जेडीयू में शरद यादव और नीतीश कुमार के बीच शह और मात का खेल जारी है.शरद यादव और उनके समर्थक सीधे तौर पर नीतीश कुमार की सत्ता को चुनौती दे रहे हैं. शरद अपनी राजनीतिक जमीन और भविष्य के फैसले को लेकर बिहार के दौरे पर हैं जहां वो अपनी सियासत की नींव की मजबूती देखने निकले हैं. इस बीच उनके दिल्ली में विपक्षी नेताओं से भी संपर्क जारी हैं. मतलब साफ है कि वो नीतीश कुमार से महागठबंन तोड़ने के फैसले से बिल्कुल असहमत हैं और सीधे तौर पर कहें तो वो पार्टी तोड़ने की जुगत में हैं. पिछले कुछ दिनों से शरद यादव और अली अनवर के बयानों को देख अब नीतीश कुमार भी फैसले लेने के मूड में दिखाई दे रहे हैं. शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के बाद एक तरह से उन्होंने शरद यादव को खुलकर जतला दिया कि पार्टी अब उऩके पार्टी विरोधी कामों को हल्के में नहीं लेगी. सीधे तौर पर नीतीश कुमार ने यह भी कह दिया कि शरद यादव अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र हैं और वो जिधर जाना चाहते हैं उधर जा सकते हैं. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर रहे थे उधर दूसरी तरफ पार्टी के विक्षुब्ध नेता अली अऩवर सोनिया गांधी की विपक्षी पार्टियों के लिए बुलाई बैठक में पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. मतलब साफ है कि शरद यादव और पार्टी के राज्यसभा सांसद अली अनवर पार्टी के अंदर ही दो धुरी बनने की कोशिश कर रहे हैं. अब अली अनवर के बैठक में हिस्सा लेने को जेडीयू ने गंभीरता से लिया है. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के सी त्यागी ने इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराया है. बकौल के सी त्यागी सोनिया गांधी जेडीयू को तोड़ने की कोशिश कर रही हैं. जेडीयू के वर्तमान हालात को देखा जाए तो यह साफ है कि पार्टी के कुछ नेता सत्ता पक्ष के साथ हैं तो कुछ विपक्ष के साथ. राज्यसभा सांसद अली अनवर के पार्टी विरोध में जाकर विपक्ष की बैठक में शामिल होने को लेकर उन्हें निलंबित कर दिया गया है. इससे पहले पार्टी विरोधी कामों के लिए महासचिव अरुण श्रीवास्तव को भी जेडीयू ने पदमुक्त कर दिया था. अब अगर बड़ी कार्रवाई की बात करें तो पार्टी अब अपने बड़े विक्षुब्ध नेताओं को जल्दी ही बाहर का रास्ता दिखा सकती है. पार्टी महासचिव के सी त्यागी की बातों से तो अब ऐसा ही लगता है.

त्यागी ने बताया कि अली अनवर ने विपक्षी दलों की बैठक में हिस्सा लेकर पार्टी विरोधी काम किया है.  पार्टी के बड़े नेताओं के बारे में क्या फैसला लिया जाए इस संबंध में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को दिल्ली में बैठक हुई.   बैठक में जाने से पहले बिहार के मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने संकेत देते हुए कहा कि शरद यादव पार्टी में रहेंगे या नहीं, इसका फैसला लेने के लिए वे स्वतंत्र हैं.

गौरतलब है कि बगावती तेवर अपना चुके शरद यादव ने बीजेपी के साथ जदयू के गठबंधन को जनता के साथ धोखा बताया है. शरद यादव ने कहा कि वो कार्रवाई से नहीं डरते हैं, बेशक सरकार नीतीश कुमार की है लेकिन मैं जनता के लिए जेडीयू का नेता हूं और महागठबंधन में था और रहूंगा. पार्टी के खिलाफ जाकर ऐसे बयान देना जदयू को नागवार गुजर रही है और अब तलवार शरद यादव पर भी लटक रही है जो खुलकर बीजेपी के साथ सरकार बनाने के नीतीश कुमार के फैसले से नाराज़ हैं और इसके ख़िलाफ़ बिहार में जनसंवाद यात्रा कर रहे हैं.

के सी त्यागी ने शुक्रवार को कहा, “शरद जी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं. 19 अगस्त को पार्टी की नेशनल एक्ज़ेक्यूटिव की बैठक है एनडीए के साथ सरकार बनाने के नीतीश कुमार के फैसले को एंडोर्स करने के लिए, शरद जी आएंगे और अपनी बात रखेंगे तो हमें प्रसन्नता होगी.”

इससे  साफ है कि पार्टी 19 तारीख की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का इंतज़ार कर रही है. शरद यादव अगर इस बैठक में शामिल नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की शुरुआत हो सकती है और उन्हें निलंबित किया जा सकता है.