बड़ी खबर – पूर्णिया एसपी निशांत ने अन्तरराज्यीय गांजा सिंडिकेट के 8 को दबोचा,बोलेरो, 2 करोड़ मूल्य का गांजे का जखीरा और ट्रक समेत एक लाख कैश बरामद

पटना Live डेस्क। सूबे में पूर्ण शराबबन्दी को धरातल पर सुनिश्चित करने में सफल रहे सूबे के बेहद संवेदनशील और कर्मठ आईपीएस अधिकारियों में शुमार आईपीएस निशांत कुमार तिवारी ने पूर्णिया में अब काले धुएं अर्थात गांजा के धंधेबाजों को खिलाफ जबरदस्त मुहिम चला रखी है। नशे को समाज सूबे और मुल्क ख़ातिर घातक मनाने वालो में शुमार पूर्णिया एसपी ने “नशे को ना” ख़ातिर सामाजिक जागरूकता के साथ ही नशे के कारोबारियों को पकड़ने की खातिर जिले में स्वयं कमान संभाल रखी है। ज्ञात हो कि कुछ दिन पूर्व भी निशांत ने एक कॉलेज जाने वाले युवक के तौर पर बुलेट सवार होकर शहर के सड़को पर गांजा बेचने वालों के खिलाफ जबरदस्त अभियान चलते हुए के धंधेबाजों को बेनकाब किया था।

“नशे को ना” अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक,पूर्णियाॅ निशांत कुमार तिवारी को गुप्त सूचना मिली थी कि कई राज्यों में गांजा तस्करी करने वाले सिंडिकेट द्वारा गांजे की एक बड़ी खेप को ट्रक से लेकर आ रहे हैं। सूचना के पर जिले की सीमा पर जबरदस्त चौकसी बरतते हुए तस्कर की गिरफ्तारी हेतु जाल बिछाया गया था। साथ ही वाहन चेकिंग के लिए सघन अभियान शुरू किया गया। इसी दौरान इमली चौक,श्रीनगर के समीप वाहन चेकिंग लगाया गया। वाहन चेकिंग के दौरान बोलेरो गाड़ी नं0-BR -11 M-4300 एवं उसके पीछे चल रहे ट्रक नं0-AS-02-GC-9593 पुलिस बल को देखकर काफी तेजी से चकमा देकर भागने लगा। पुलिस बल द्वारा पीछा करते ट्रक एवं बोलेरो सवार 08 व्यक्तियों को पुलिस हिरासत लेकर पूछताछ किया गया तथा गाड़ी की तलाशी ली गई।तलाशी के क्रम में ट्रक के बाॅडी के अन्दर गुप्त रूप से चदरा को वेलडिंग कर बाॅक्स बनाया गया था। जिसके अन्दर 950 किलो ग्राम गांजा था। सभी गिरफ्तार व्यक्तियों के पास से एक लाख रूपया नकद एवं 10 मोबाईल सेट बरामद किया गया है।पकड़े गए आठ तस्कर में तीन पश्चिम बंगाल के मुख्य सप्लायर हैं।इस अंतर-राज्ययी गैंग द्वारा सीमांचल के सभी जिलों तथा भागलपुर नवगछिया में मुख्य रूप से कारोबार किया जाता था।


पूछताछ में ख़ुलासा हुआ है कि यह गांजा की खेप रानीगंज (अररिया) ले जाया जा रहा था। बरामद गांजा का मुल्य लगभग दो करोड़ रूपया है। गांजा जैसे घातक नशे के कारोबारियों के खिलाफ जबरदस्त कामयाबी इस बात को साबित करती है कि निशांत नशे के खिलाफ मुहिम को कभी शान्त नही होने देते है।