बड़ी खबर -(वीडियो)चंपारण के “वीरप्पन” नाम से कुख्यात लकड़ी तस्कर की गोली मार हत्या

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शकील अहमद, संवाददाता, पश्चिम चंपारण

पटना Live डेस्क। बिहार नेपाल की अंतरराष्ट्री सीमा से सटे इलाको में लकड़ी तस्कारी करने वालो गिरोह के सबसे बड़े सरगनाओं में शुमार रहा चम्पारण के ‘वीरप्पन के नाम से कुख्यात सहोदरा थाना के एकवा परसौनी निवासी 60 वर्षीय शेख मुस्तफा की मंगलवार की देर शाम बदमाशों ने गर्दन में गोली मार कर हत्या दी। मुस्तफा को उस वक्त गोली मारी गई जब वह अपने गांव की मस्जिद से नमाज पढ़ कर अपने घर वापस लौट रहा था। इस हत्याकांड के बाबत नरकटियागंज एसडीपीओ अमन कुमार ने बताया कि गोली मारने में दो बदमाश शामिल थे।दोनों की पहचान कर ली गई है। वारदात को अंजाम देकर फरार दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम द्वारा उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही हैं।
घटना के बाबत पुलिस का कहना है कि मुस्तफा देर शाम में मस्जिद से नमाज पढ़ कर बाहर निकला तो उसके पीछे पीछे दो बदमाश भी बाहर निकले। शेख ने मस्जिद से अपने घर की तरफ चंद कदम ही बढ़ा था कि तभी पीछे आ रहे बदमाशो में से एक नए बेहद करीब आकर पीछे से उसकी गर्दन में पिस्तौल सटाकर गोली मार दी। अचानक हुई फ़ायरींग की आवाज सुनकर गांव वाले दौड़े तो दोनो बदमाश घने कोहरे का फायदा उठाकर घटना स्थल से फरार हो गए।
वारदात की सूचना मिलते ही सहोदरा थानाध्यक्ष कृष्ण मुरारी गुप्ता मौके पर पहुंचे और आनन फानन गंभीर रूप जख्मी मुस्तफा को पुलिस जीप में लेकर नरकटियागंज अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

विदित हो कि कत्ल कर दिया गया कुख्यात शेख मुस्तफा वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना के इलाके में अवैध ढंग से बालू-पत्थर के उत्खनन के साथ साथ पेड़ों की कटाई दो दशक से करवाता था। वही वर्ष 2006 में तत्कालीन डीएफओ वीपी सिन्हा पर शेेेख ने गोली चलाई थी, जिसमें दो वनकर्मी घायल हो गए थे। शेख़ का एक बेहद संगठित गिरोह भी है। इस गिरोह का मुख्य काम लकड़ी तस्करी के धंधे से लेकर बालू पत्थर उत्खनन और तमाम गैरकानूनी धंधे को बेहद सुनियोजित ढंग से अंजाम देना रहा है।