आईजी ने पूरी रात सड़को और नदी मार्गो पर छानी ख़ाक ,शराब माफिया और लापरवाह पुलिस वालो खातिर ब्लूप्रिंट तैयार

पटना Live डेस्क। सीएम नीतीश कुमार द्वारा लागू पूर्ण शराबबंदी मुहीम के बीच बिहार के रोहतास जिले में जहरीली शराब पीने से 5 लोगो की मौत ने सुशासन वाली सरकार के माथे पर शिकन ला दिया है।डेढ़ साल से लागू होने के बाद भी अवैध रूप से शराब की बिक्री जारी है। लाख कोशिशों के बावजूद इस पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पाई है। रोहतास के कराकाट इलाके के दनवार में जहरीली शराब पीने से 5 लोगों की जान चली गई। ये गांव सोन नदी के तटीय इलाके में पड़ता है। यहां सोन दियारा इलाके में अवैध रूप से शराब बनाई जाती है। वहीं से शराब मंगाई गई थी। यह महज 5 लोगो की मौत नहीं विपक्ष को सरकार की नीतियों और नागरिक सुरक्षा के दावो के खिलाफ बड़ा मुद्दा मिल गया है। साथ ही सुशासन के दावो पर भी सवालिया निशान लग रहे है। इस हादसे का असर भी व्यापक हुआ है। इसी का असर है कि शराब पीकर पांच लोगों की मौत मामले में नीतीश कुमार ने स्वतः संज्ञान लिया और बिहार पुलिस के मुखिया से इस बाबत दरयाफ़्त कर दिया और सीएम नीतीश कुमार ने तत्काल पूरी घटना की रिपोर्ट मांगी।सीएम द्वारा मामले पर चिंता व्यक्त करने के बाद पुलिस मुख्यालय मामले में बेहद गंभीर दिख रहा है। इसी कवायद के तहत जोनल आईजी नैयर हसनैन खान बीते शनिवार को रोहतास जिले के कछवा थाना क्षेत्र में घटना स्थल पर पहुचकर मामले के सच को न केवल टटोल आये है बल्कि दोषियों के खिलाफ अविलंब कार्रवाई भी कर आये है तथा डीआईजी मो. रहमान,एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो व डीएम अनिमेष पराशर के साथ समीक्षा बैठक की।वही, मौका-ए-वारदात के निरीक्षण के दौरान बेहद बारीकी से जोनल आईजी ने घटना स्थल से जुड़े सभी तथ्यों को जैसे शराब तस्करी के मार्गो,नदी से घिरे क्षेत्र में पेट्रोलिंग की व्यवस्था और शराब सप्लाई के नेटवर्क को रेखांकित करते हुये महज चंद पैसे खातिर इंसानी जिंदगी को ख़त्म करने वाले शराब तस्करों और माफियाओं के खिलाफ अंतिम लड़ाई लड़ने की ठान ली है। न केवल ठान लिया है बल्कि इसको मुहीम की शक्ल में शुरू करने की कवायद को अमलीजामा भी पहनाना शुरू कर दिया है।

आईजी खान को सूबे के चन्द बेहद जहीन,संवेदनशील और कानून के बेहद सख्त पहरुआ वरीयतम आईपीएस अधिकारियों में शुमार किया जाता है। रोहतास जहरीली शराब हादसे का शिकार होकर मौत की नींद सो चुके लोगो के परिजनों की कारुण पुकार का असर जोनल आईजी पर नुमाया हो रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि जहरीली शराब पीकर मरे मकतुलों के परिजनो और घटना स्थल के निरीक्षण के दौरान ही आईजी खान ने तय कर लिया था कि अब शराब से किसी ज़िन्दगी की लौ न बुझने देंगे। इसी कवायद के तहत घटना स्थल के दौरे के बाद मुख्यालय लौटने के तय कार्यक्रम के तहत निकले जरूर पर पटना न लौट कर उन्होंने ने स्वयं जिले में रात भर जागकर जीटी रोड, एनएच एवं सोन नदी के कछार और दियारा समेत उन तमाम जगहों का बारीकी से मुआयना किया जहाँ से शराब माफिया पड़ोसी राज्य और अन्य राज्यो से शराब तस्करी करता है या करने की कोशिश करता है।इस पूरी कवायद के दौरान जोनल आईजी ने ज़मीनी हकीकत से रुबरु होने के खातिर न केवल बेहद सतर्कता बरती बल्कि इस विशेष मुहीम की भनक तक स्थानीय पुलिस पदाधिकारियों को नहीं लगने दिया। पूरी रात बेहद बारीकी से माफिया के नेटवर्क के स्याह पहलुओं को जीतोड़ ढंग से खंगाले व तफ्तीश करने और सैकड़ो किलोमीटर के सफर का नतीजा भी निकला है। आईजी द्वारा ज़ोन में शराब माफिया को जड़ से उखाड़ फेंकने की एक बेहद कारगर और सटीक योजना का ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है।मोटे मुनाफे खातिर सूबे के माफियाओं द्वारा शराब की तस्करी खातिर तमाम तरीक़े आज़माये और उपयोग किये जा रहे है। मुख्यतः सड़क मार्ग से शराब की तस्करी होती है पर पुलिसिया दबिश से बचने खातिर शराब माफिया लगातार नए नए तरीके और रास्ते ढूढता है। इस कवायद में नदी मार्ग से भी नाव के द्वारा शराब तस्करी की जा रही है।पूरी रात जिले की स्याह सड़को और घुप्प अंधेरे में नदी मार्गो की खाक छानने के दौरान आईजी इस सच को न केवल ढूढ निकाला बल्कि अपनी कवायद में इन मार्गो का इन्ही वजहों से शराब तस्करी में बेहद मुफीद होने के सचभी सझबुझ लिया।अब बारी है इन मार्गो को बंद कर शराब माफिया को समूल उखाड़ फेंकने की मुहिम पर बेहद सटीक और कठोर कार्रवाई करने की। इसके तहत आईजी खान ने पडोसी राज्य के सीमावर्ती जिले औरंगाबाद, रोहतास, कैमुर, भोजपुर और राजधानी में शराब माफिया को समूल नेस्तनाबूत करने का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। इस ब्लू प्रिंट में बेहद बारीकी से उन तथ्यों को समाहित किया गया है जो ज़मीनी हकीकत आईजी ने स्वयं तलाश और जाना है। साथ ही उन तमाम बड़े शराब माफियाओं को भी चिन्हित करते हुये उनके तमाम नेटवर्क के बाबत भी सूचनाएं संग्रहित की गई है जिनके नेटवर्क और तस्करी के जाल को मिट्टी में मिलाने की आईजी नैयर हसनैन खान ने पुरी तैयारी कर ली हैं।

   जोनल आईजी नैयर हसनैन खां ने पुरी रात जागकर सड़क और सोन नदी के जरिए होने वाली माफिया की गतिविधियों की जो बेहद बारीकी से जानकारी इकट्ठा
की है। उसका असर भी उनके जबरदस्त एक्शन प्लान को बेहद कारगर और प्रभावशाली बनाने का जरिया बना है। आईजी खान द्वारा निर्मित एक्शन प्लान पर शुरू होने वाले कार्रवाई शराब माफियाओं के लिए कयामत से कम नहीं होने वाली हैं।                                                                                    साथ ही लापरवाह पुलिस पदाधिकारी तथा शराब माफिया से मिलीभगत व संपर्क रखने वाले पुलिस पदाधिकारियों से भी इस ब्लू प्रिंट में बेहद सख्ती से निपटने को विशेष तवज़्ज़ो दी गई है। न केवल ऐसे खाकी धारियों को निलंबित किया जायेगा,बल्कि महज एक माह के अंदर जांच रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया कर दोषी पाए जाने पर सीधे विभाग से बर्खास्त करने की कार्रवाई की जायेगी।

वही,दूसरी तरफ डीएसपी पर भी सीधे जबाबदेही तय की जायेगी की आपके अनुमंडल क्षेत्र में शराब की तस्कर ,सेवन एवं निर्माण कैसे हो रहा हैं? साथ ही उन्हें ये भी जानकारी भी देनी होगी की सप्ताह में कितनी छापेमारी में डीएसी ने भागीदारी की है। इस बाबत जिले के एसपी हर दिन रिपोर्ट लेकर और पूरी कवायद और कार्रवाई के बाबत डीआईजी को सूचित करेंगे और पुरी रिपोर्ट आईजी कार्यालय भेजी जाएगी।

वही,शराब माफिया के खिलाफ मुहीम के बाबत आईजी ने बताया कि शराब माफिया को किसी हाल में बख़्शा नहीं जायेगा और साथ ही लापरवाह पुलिस पदाधिकारियों की भी हमेशा -हमेशा के लिए छुट्टी की जायेगी। जीटी रोड सहित जिले के मुख्य मार्गो पर बैरियर लगाकर वाहनों की चेकिंग की जायेगी,साथ ही सोन नदी में स्टीमर से पेट्रोलिंग होगी। इसके लिए पुलिस का विशेष बल गठित किया जायेगा। सोन नदी के किनारो पर भी लगातार गश्त होगी।आईजी ने पुलिस को शराब माफिया के खिलाफ ताकतवर बनाते हुये कहां की शराब की बड़ी खेप पकड़े जाने पर दूसरे राज्यों में जाकर वहाँ से शराब माफिया को उठाकर लाएं और सलाखों के पीछे डालकर स्पीडी ट्रायल चलाएं। कानून में प्रावधान के अनुसार कोर्ट से आदेश प्राप्त कर सम्पत्ति जब्त की कार्रवाई की अविलंब पहल करेंगे।
यही नही आईजी नैयर हसनैन खां ने शराबबंदी को बेहद कड़ाई से लागू करने में जो बड़ा कदम उठाने की सोची हैं वह एक बेहद कारगर कदम होगा। इस नई सोच के तहत प्रावधान होना चाहिये कि अगर कोई भी व्यक्ति तीन बार किसी भी तरीके से शराब से जुड़े मामले में शामिल पाया जायेगा तो पुलिस उस आदमी पर सीसीए के तहत कार्रवाई करेंगी।अब देखना ही की आईजी खान की इस नई पहलभरी सोच नियम में कब तब्दील होता है क्योकि कानून का डर अवाम में हों ही चाहिए तभी अपराध और मुहीम कारागार होंगे।