खुलासा Exclusive (Pics) — रिश्ते की बेवफाई में खुद को मिटा गए डीएम मुकेश पांडेय – न पत्नी से थे सहज रिश्ते न परिजनों से रह गया था लगाव

पटना Live डेस्क। बक्सर के डीएम मुकेश कुमार पांडे ने दिल्ली में की खुदकुशी कर ली, बुधवार को ही बक्सर से छुट्टी लेकर प्रभार बक्सर के उप विकास आयुक्त मोबिन अलि अंसारी को सौप के दिल्ली पहुचे थे। बक्सर जिले के नवनियुक्त कलेक्टर मुकेश पांडेय का शव गुरुवार शाम गाजियाबाद स्टेशन से करीब एक किमी दूर कोटगांव के पास रेलवे ट्रैक पर मिला। मुकेश पांडेय ने नई दिल्ली के चाणक्यपुरी में स्थित 7 स्टार होटल लीला के कमरा संख्या 742 में सुसाइड नोट और जनकपुरी इलाके में मोबाइल छोड़ा था। 2012 बैच के आईएएस अधिकारी पांडेय यूपीएससी परीक्षा में 14वें स्थान पर थे।

                    पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच से यह पता चला है कि वे बुधवार को दिल्ली आये थे। डीएम के रूप में उनकी पहली पोस्टिंग पिछले ही हफ्ते बक्सर हुई थी। तमाम सुबूत और हालात इस तरफ इशारा कर रहे है कि एक बेहद कामयाब कैरियर के बावजूद निजी जिंदगी में आईएएस पांडेय बहुत तनावग्रस्त और दुखी थे। रिश्तों के बिखराव और असहज होते घरेलू वातावरण से मिल रहे मानसिक प्रताड़ना की वजह से अवसादग्रस्त होते जा रहे थे। उनको जानने वालों का दावा है कि बेहद कड़क और ईमानदार छवि के मुकेश का घरवालों से तनाव अपने चरम पर था।

सारण से गुवाहाटी तक मातमी सन्नाटा

सारण के लाल मुकेश पांडेय के बक्सर में डीएम बनने की खुशी छह दिन भी कायम रह सकी और मुकेश अनन्त की यात्रा पर निकल गए। समाचार के विभिन्न माध्यमो से जैसे ही यह खबर पहुची की दिल्ली में मुकेश  के आत्महत्या करने की खबर गांव में पहुंची, लोग हक्के-बक्के रह गए। हर कोई घटना का कारण जानने को बेचैन था। रात भर लोग एक-दूसरे से घटना की विस्तृत खबर लेने का प्रयास करते रहे। कई लोग टीवी के सामने बैठ गए तो कुछ लोग मोबाइल से अपने परिचितों से घटना की जानकारी लेने में लग गए।
उल्लेखनीय है कि मुकेश पांडेय के पिता डॉक्टर सुदेश्वर पांडेय असम के गुवाहाटी में पोस्टेड थे। मुकेश पांडेय मूल रूप से सारण जिले के दरियापुर थाना क्षेत्र के विश्वम्भरपुर पंचायत के साँझा गांव के निवासी थे। रिटायरमेंट के बाद से पिता डॉ सिद्धेश्वर पाण्डेय अपनी पत्नी गीता पांडेय के साथ हाल ही में गाँव आये थे। इन दिनों डॉ पांडेय न्यू गोवाहाटी के आंनद नगर में रहते है और वही निजी क्लीनकी भी चलाते है। वही मुकेश केे चाचा वशिष्ठ नारायण पांडेय पूर्वाचंल प्रहरी हिंदी दैनिक (गुवाहाटी) में कार्यकारी संपादक हैं। उनके एक भाई राकेश पांडेय भारतीय विदेश सेवा के अंतर्गत रूस की राजधानी मॉस्को में पदस्थापित हैं। मुकेश की स्कूली पढ़ाई गुवाहाटी में ही हुई थी। मुकेश ने फैकल्टी हायर सेकंडरी स्कूल गुवाहाटी से 10वी पास किया फिर मारिया’ज़ पब्लिक स्कूल से 12वी की परीक्षा पास की। फिर मुजेश ने गुवहाटी के प्रतिष्ठित कॉलेज कॉटन कॉलेज से इंग्लिश लिटरेचर में बी.ए ऑनर्स किया। फिर मुकेश ने दिल्ली का रुख किया ताकि यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी की जा सके। दिल्ली में दूसरे एटेम्पट में यूपीएससी की परीक्षा न केवल पास की बल्कि 14वी रैंक लाकर चर्चा का विषय बन गए थे। मुकेश 2012 बैच के आईएएस अधिकारी थे। मुकेश दो भाइयों में छोटे थे।उनके बड़े भाई राकेश पांडेय मास्को में हैं। उन्हें भी घटना की जानकारी दे दी गई है।

वैवाहिक जीवन और खुदकुशी

एक मध्यम वर्गीय परिवार के लाल द्वारा अपनी शिक्षा के बल पर सफलता का झंडा बुलंद करने पर मुकेश पांडेय की शादी 18 नवम्बर 2013 में पटना के एक बड़े नामचीन रसूखदार कारोबारी घराने में हुई थी। बाढ़ निवासी राकेश कुमार सिंह जो शहर के बड़े पैसेवालों में शुमार करते है। मुकेश पांडेय शादी तो बहुत धूमधाम से हुई थी। शहर के मौर्य होटल में एक बेहद ग्रैंड आयोजन में शादी का आयोजन किया गया था। लेकिन वैवाहिक जीवन सुखी नहीं था। महज कुछ ही महिनो में रिश्तों में बहुत ज्यादा खटास आ गई थी।कारण बेमेल शादी जहां लडक़ी का हाईफ़ाइ होना तो मुकेश का मध्यमवर्गीय संस्कार और सोच कही से मेल नही खाता था।रिश्ते के बारे में करीब से जाननेवाले यह भी कह रहे हैं कि शादी के बाद भी मुकेश की पत्नी बहुत दिनों तक साथ नहीं रही क्योकि उसके अरमानों और सोच के विपरीत मुकेश एक बेहद अभिमानी और कड़क मिज़ाज़ ईमानदार आईएएस थे। वर्त्तमान में उनकी पत्नी एनसीआर में ही रहती है।

बेदाग और कड़क अफसर थे मुकेश पांडे

मुकेश मूलतः छपरा के रहने वाले थे।अपने दूसरे प्रयास में बिना किसी कोचिंग के मुकेश ने वर्ष 2012 में ऑल इंडिया में 14वीं रैंक प्राप्त किया था। मुकेश पांडेय तेज तर्रार, बेदाग और कड़क अफसर थे। उन्हें वर्ष 2015 में संयुक्त सचिव रैंक में प्रमोशन मिला था।

ख़ुदख़ुशी से कुछ पल पहले

आत्महत्या से पहले उन्होंने घर मोबाइल से संदेश भेजा कि वे जिन्दगी से तंग आ चुके हैं और अच्छाई से यकीन उठ गया है।उन्होंने यह भी कहा,आत्महत्या करने जा रहे हैं।परिजनों से इसकी सूचना मिलते ही बिहार पुलिस ने दिल्ली पुलिस से मदद मांगी। एनसीआर गाजियाबाद के एसएसपी एचएन सिंह ने शव मिलने की पुष्टि की है। शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार को किया जाएगा।
मूल रूप से बिहार के सारण जिले के निवासी मुकेश पांडेय सुबह ही बक्सर के उपविकास आयुक्त मोबिन अली अंसारी को प्रभार सौंप दिल्ली गए थे। वे लीला पैलेस होटल में ठहरे थे। पिछले दिनों ही बक्सर डीएम के तौर पर पदस्थापित किए गए थे। बक्सर में पदस्थापना से पहले वे कटिहार में डीडीसी थे।

पहले घरवालों को संदेश भेजा

पांडेय ने आत्महत्या से पहले शाम 6 बजे घरवालों को वाट्सएप किया था कि वे दिल्ली की एक इमारत से छलांग लगा आत्महत्या करने जा रहे हैं। घरवालों ने तुरंत दिल्ली पुलिस को जानकारी दी। दिल्ली पुलिस जब तक कुछ कर पाती पांडेय गाजियाबाद चले गए और ट्रेन से कटकर जान दे दी। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार मुकेश पांडेय ने वाट्सएप के जरिये घर में यह संदेश भेजा था कि मैं अपनी जिंदगी से तंग आकर आत्महत्या करने जा रहा हूं। मेरा अच्छाई पर से विश्वास उठ गया है। संदेश में उन्होंने कहा था कि मैं दिल्ली के जनकपुरी स्थित डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल मॉल की दसवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या करने जा रहा हूं। मेरा सुसाइड नोट दिल्ली के लीला पैलेस होटल के कमरा नंबर 742 में मेरे बैग में रखा हुआ है। मुझे माफ कर दें। मैं आप सबको बहुत प्यार करता हूं।

ट्रैक पर मिली लाश

पुलिस को मुकेश पांडेय की लाश गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से 200 मीटर आगे यार्ड में रेलवे ट्रैक पर मिली। उनकी जेब से पर्स और सुसाइड नोट बरामद हुआ।सीसीटीवी में मेट्रो स्टेशन की ओर जाते दिखे है। दिल्ली वेस्ट के डीसीपी विजय कुमार ने  बताया कि मुकेश पांडेय के साथियों का फोन शाम करीब साढ़े छह बजे आया। पुलिस तुरंत डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल मॉल पहुंची लेकिन वहां ऐसी किसी तरह की घटना की जानकारी नहीं मिली। एक सीसीटीवी फुटेज देखने से पता चला कि मुकेश पांडेय शाम 5:55 बजे मॉल से बाहर जा रहे थे। अन्य सीसीटीवी फुटेज में मेट्रो स्टेशन की तरफ जाते दिखे।डीसीपी ने बताया कि हमने मेट्रो का भी सीसीटीवी फुटेज चेक किया लेकिन उसमें वे नहीं दिखे। रात करीब 9 बजे हमें जानकारी मिली कि मुकेश पांडेय का शव गाजियाबाद इलाके में मिला है।

माता पिता छपरा अपने गाँव

वर्त्तमान में मुकेश की माँ गीता पांडेय और पिता छपरा स्थित अपने गाँव मे रहते है।।दिल्ली से गुरुवार देर रात जैसे ही उनके आत्महत्या करने की खबर गांव में पहुंची, लोग हक्के-बक्के रह गए। हर कोई घटना का कारण जानने को बेचैन था। रात भर लोग एक-दूसरे से घटना की विस्तृत खबर लेने का प्रयास करते रहे। कई लोग टीवी के सामने बैठ गए तो कुछ लोग मोबाइल से अपने परिचितों से घटना की जानकारी लेने में लग गए।