गुटबाजी से फर्जीवाड़े तक पहुंची प्रदेश कांग्रेस की राजनीति,फर्जी लेटर में चार कार्यकारी अध्यक्ष के नाम हुए घोषित

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पटना Live डेस्क. प्रदेश कांग्रेस पार्टी में टूट की खबरों के बीच अब काग्रेस में बात फर्जीवाड़े तक पहुंच गयी है…जनार्दन द्विवेदी के लेटरहेड पर जारी हुए एक पत्र ने इऩ दिनों कांग्रेस पार्टी में  हलचल मचा रखी है…दरअसल जारी इस पत्र में प्रदेश कांग्रेस के चार नेताओं को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की बात लिखी है.. अखिलेश सिंह, डॉ. मदन मोहन झा, अशोक राम और शकीलुजमां अंसारी को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की बात कही गई थी..

ये पत्र मंगलवार रात्रि सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ जिसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अशोक चौधरी ने पार्टी आलाकमान से पूरे प्रकरण की जांच की गुहार लगाई है… उन्होंने कहा, यह एक गंभीर मामला है, जिससे पार्टी की साख को क्षति पहुंची है..

बिहार में महागठबंधन के टूटने के बाद से ही कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है.. महागठबंधन टूटने के बाद बिहार में कांग्रेस सत्ता से अलग हुई और पार्टी में टूट की अफवाहें जोर पकडऩे लगीं.. पार्टी का एक गुट लगातार आरोप लगा रहा था कि पार्टी के ही कुछ वरिष्ठ नेता पार्टी को तोडऩे की कोशिश कर रहे हैं..

इसके बाद बिहार कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक दल के नेता सदानंद सिंह को सोनिया गांधी ने दिल्ली तलब कर उनसे जवाब मांगा.. फिर पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी दिल्ली बुलाकर बिहार के विधायक और विधान पार्षदों से अलग-अलग मुलाकात की और पार्टी टूट की चर्चा पर बात की..

दिल्ली में लगातार चली बैठकों के बाद से यह कयास लगाए जाने लगे कि बिहार कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक दल के नेता की जल्द ही छुट्टी होगी.. लेकिन, आलाकमान द्वारा फैसला लेने में हो रहे विलंब को देखते हुए अब एक गुट फर्जीवाड़े की राजनीति में लग गया है..

जब इस पत्र की सत्यता जांची गई तो पता चला कि यह किसी की करतूत थी.. इसके पीछे की साजिश का पता लगाने की कोशिश की जा रही है… इस बीच बिहार कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अशोक चौधरी ने आरोप लगाया है कि पार्टी विरोधी कुछ नेता बिहार कांग्रेस की छवि को बदनाम करने की साजिश रहे हैं.. इस बहाने उन्हें भी अपमानित करने की कोशिश हो रही है.. उन्होंने आलाकमान से इस प्रकरण की जांच कराने का आग्रह किया है..