कड़वा सच – “नमामि गंगे” का हश्र -पटना में गंगा  स्वच्छता अभियान पर संकट, कचरे के अंबार से अटे पड़े है गंगा घाट

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बृज भूषण कुमार, ब्यूरो प्रमुख, पटनासिटी

पटना Live डेस्क। स्वच्छ गंगा परियोजना का आधिकारिक नाम एकीकृत गंगा संरक्षण मिशन परियोजना या ‘नमामि गंगे’ है।यह मूल रुप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम मिशन है। अपने वादे के अनुसार उन्होंने प्रधानमंत्री बनते ही कुछ महीनों में यह परियोजना शुरु कर दीया था। केंद्रीय बजट 2014-15 में 2,037 करोड़ रुपयों की आरंभिक राशि के साथनमामि गंगे नाम की एकीकृत गंगा संरक्षण मिशन परियोजना शुरु की गई। तब केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि अब तक इस नदी की सफाई और संरक्षण पर बहुत बड़ी राशि खर्च की गई है।लेकिन गंगा नदी की हालत में कोई अंतर नहीं आया है अबतक। इस परियोजना को शुरु करने का यह आधिकारिक कारण है। इसके अलावा कई सालों से अनुपचारित सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट को भारी मात्रा में नदी में छोड़े जाने के कारण नदी की खराब हालत को भी ध्यान में रखने की आवश्यकता है।


वही दूसरी तरफ 2 अक्टूबर गाँधी जयंती पर जहाँ पुरे देश स्वच्छता अभियान मनाने की तैयारी जोरो पर है।वही बात अगर राजधानी पटना के गंगा घाटों की करे तो चारो तरफ कचरो का अम्बार फ़ैला दिखता है। वही विजय दसवीं में मूर्ति विसर्जन के बाद तो हालात और भी खराब हो गए है। गंगा जल में भी पूजा सामग्री के कारण चहु ओर कचरो से भरा पड़ा है।श्रद्धालु भी उसी कचरे वाले गंगा जल में स्नान करने को मजबूर है। हालत ऐसे प्रतीत हो रहे है जैसे राजधानी पटना के घाटों पर “नामामि गंगा” योजना दम तोड़ चूकी है।


पटना सिटी का ऐतिहासिक भद्र घाट और गाय घाट पर भी चारो ओर कचरो का अम्बार से भरा पड़ा है। जबकि मूर्ति विसर्जन के पूर्व नगर निगम प्रशासन ने घाटों का निरक्षण किया था और घाटों पर नगर निगम के द्वारा डस्ट बिन लगाने की बात कही गई थी। साथ ही आम लोगो से भी अपील किया गया था की मूर्ति विसर्जन के दौरान पूजा से जुड़े सामान को गंगा में न फेक कर उसे डस्ट बीन में डाले।इस पर नगर निगम की ओर से गंगा घाट पर मात्र एक डस्टबीन रखा गया जो बिल्कुल नाकाम प्रयोग रहा।
ऐसे में कहा जा सकता है की देश में भले ही इसको लेकर अभियान चलाया जा रहा है। पर इस अभियान के प्रति लोगो को जागरूक अबतक नही आ पाई है। जबकि सरकार द्वारा इसके लिए जोरशोर से अभियान चलाया गया और चलाया जा रहा है। पर स्वच्छता के प्रति अवाम की जागरूकता नही आई है। और ना ही पटना नगर निगम की ओर से कोई ठोस पहल की गई है या किया जा रहा है। देश में आज भी स्वच्छता पर लोगो में जागरूकता की घोर कमी है