Exclusive-“महागठबन्धन पर महासंकट” पर सट्टा बाजार में करोड़ो रूपये दाव पर, बाजार का आंकलन तेजस्वी होंगे कुर्बान चलती रहेगी सरकार

पटना Live डेस्क। सूबे में महागठबन्धन की सरकार के भविष्य को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। पल पल बदलते हालात और बयानबाजी के बीच एक बाजार ऐसा है जो कहता है कि महागठबंधन जारी रहेगा पर तेजस्वी यादव को इस्तीफा देना पड़ेगा।अब आप सोच रहे होंगे आखिर इतने विश्वास से कोई कैसे कह सकता है ? तो ज़नाब पेशे ख़िदमत है सट्टा बाजार का वह गणित जो अमूमन फेल नही होता। यह एक ऐसा बाजार है जो हर बात हर घटना हर खेल और हर पल  पर पैसे कमाने की जुगत भिड़ा लेता है। चुकी एक झटके में लाखों लाख आर या पार के इस खेल के दीवाने करोड़ो है। सट्टा बिहार सरकार के भविष्य पर भी लग गया है। रेट 3 जगहों से खुला है। पहला रेट नेपाल की राजधानी काठमाण्डू से,तो दूसरा भारत की आर्थिक राजधानी मुम्बई से और तीसरा कोलकाता से। तीनो जगहों के रेट में बहुत मामूली अंतर है। सट्टा बाजार के  नेटवर्क यानी बुकियों के लिंक देश के हर कोने में एयर हर बड़ी मंडी में है।

भारत मे सट्टेबाज़ी को गैरकानूनी धंधा माना जाता है। लेकिन यह एक ऐसी हक़ीक़त में तब्दील हो चुका है की लाख कोशिशों के बावजूद सरकार इस पर रोक लगाने में कामयाब नही हो पाती है। इस दो नंबर के धंधे में ईमानदारी हरिश्चन्द्र को भी शर्मा ने पर मजबूर कर देती है। खैर,बात करते है सट्टा बाजार की लालू यादव और नीतीश कुमार के बीच जारी शह मात के इस खेल को लेकर सट्टा बाजार में जमकर सट्टा लगाया जा रहा है। बीते शुक्रवार को सीबीआई की 27 सदस्यों वाले दस्ते द्वारा 10 सर्कुलर रोड़ स्थित लालू राबडी के सरकारी पते पर छापेमारी के बाद से सियासी कोहराम और सूबे की सरकार के भविष्य पर मंडराते खतरे को देखकर सत्ता के इस तमाशे पर सबसे पहले मुम्बई में शनिवार 3 बजे से सट्टा लगना शुरू हुआ और शुरुआत में “सरकार गिरने” पर कुछ इस प्रकार रहा।
अगर कोई व्यक्ति इस बात पर सट्टा लगाता है कि बिहार की महागठबन्धन सरकार गिरेगी तो अगर वो एक रुपया लगाता है और अगर सरकार गिर जाती है तो बुकी उसे एक रुपये 70 पैसे देगा। यानी एक रुपया लगाइए एक रुपया 70 पैसे पाइए। लेकिन अगर महागठबन्धन सरकार नही गिरती है तो आपके एक रुपये गए बुकी के झोली में। जैसे जैसे बिहार में सत्ता का समीकरण और जदयू राजद की आक्रामकता बढ़ती गई सट्टा बाजार का रेट बढ़ता घटता गया। अंतर महज 10 पैसे 35 पैसे तक का है।

सरकार चलती रहेगी और तेजस्वी होंगे कुर्बान

अमूमन करोड़ो करोड़ के इस खेल में सटोरियों का आंकलन और इन्फॉर्मेशन बेहद सटीक और अंदरूनी हालात को परख कर रेट तय किये जाते है। इसलिए अक्सर देखा गया है कि सट्टा बाजार का आकलन तकरीबन 85% तक सही बैठता है। वही अगर बात करे इस सट्टा मार्केट की तो तकरीबन 65% पैसा सरकार के गिरने पर लगा है। यानी ज्यादातर सट्टा लगाने वालों को उम्मीद है कि नीतीश सरकार धड़ाम होगी। लेकिन बाजार में बैठे बुकीज का दावा है कि नीतीश कुमार की सरकार चलती रहेगी लालू के बेटे को कुर्बानी देनी पड़ेगी। यानी महागठबन्धन पर कोई संकट नही है बस लालू नीतीश के बीच जोर आजमाइश चल रही है। जो जल्द ही यानी अगले मंगलवार तक खत्म हो जायेगी।

मारूगंज से मुम्बई तक सूरत से सतना तक

राजधानी पटना में भी जमकर सट्टा लग रहा है। खास कर तमाम मंडियों में भी सरकार के भविष्य को लेकर दाव लगाए जा रहे है।अगर सट्टा बजार के सूत्रों पर यकीन करें तो सिर्फ पटना में अब तक लगभग 9 करोड़ रुपये दाव पर लग चुके है। वही देश के विभिन्न बड़े शहरों और कारोबारी क्षेत्रो में शुक्रवार की शाम तक यानी रात्रि 10 बजे तक “बिहार सरकार” के भविष्य पर लगभग 87 करोड़ रुपये दाव पर लग चुके है। ये आंकड़े सट्टा बाजार के सूत्रों द्वार दिए गए है। वही बुकीज का यह भी आकलन है कि बिहार में जितना लम्बा यह सियासी तमाशा चलेगा सरकार के गिरने की सभावना उतनी ही कम होती जाएगी।
यानी सट्टा बाजार का अनुमान है कि कुर्सी का मोह त्याग कर सियासी भविष्य और कानूनी दांवपेचों से निजात खातिर लालू यादव आखिरकार बेटे को इस्तीफ़ा दिलवा देंगें यानी फिर से एक बार समय की नजाकत और शरारत के आगे मजबूर होकर “विष का प्याला” पीकर महागठबन्धन को बचा लेंगे और भरत मिलाप हो जाएगा।