Exclusive (खुलासा) – दुर्गेश की गिरफ्तारी का पूरा सच कैसे , कब और कहा से हुई गिरफ्तारी ? चलेगा स्पीडी ट्रायल, लगेगा सीसीए, समाप्ति होगी कुर्क

पटना Live डेस्क। राजधानी पटना के टॉप टेन कुख्यात अपराधियों में शुमार 50 हज़ार का ईनामी दुर्गेश शर्मा की गिरफ्तारी पटना में हुई है। दुर्गेश की गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब यह अपराधी अपने परिवार के साथ ट्रेन में सवार था। गिरफ्तारी के वक्त दुर्गेश अपने बच्चों और पति के साथ ट्रेन में सफर कर रहा था। लंबे समय से आईजी कुंदन कृष्णन की टीम उस कुख्यात की सुरागकसी में लगी थी। लगातार इसके गुर्गों पर नज़र गड़ाए एसओजी और एसटीएफ के कर्मियों को तकरीबन 25 दिन पहले इसका एक मोबाइल नंबर मिला और फिर इस नंबर की मॉनिटरिंग शुरू की गई। इसी मोबाइल नबर के लोकेश और लिसनिंग से एसटीएफ को इसके मूवमेंट और पटना में होने की  जानकारी मिली।

                       इस बेहद अहम और महत्वपूर्ण सूचना पर एसटीएफ आईजी कुंदन कृष्णन ने जाल बिछाया और भेष बदलकर आईजी स्वयं राजेन्द्र नगर स्टेशन पहुचे और बेसब्री से अपने टार्गेट के ट्रेन सवार होने का  इंतज़ार करने लगे और फिर जैसे ही राजेन्द्रनगर टर्मिनल पर तिनसुकिया ट्रेन में सवार होने ख़ातिर सपरिवार दुर्गेश शर्मा अपने बच्चों और पत्नी के साथ पहुचा बिना वक्त गवाये इस कुख्यात को गिरफ्तार कर लिया गया। सिविल ड्रेस में पुलिस वालों से घिरा देखा बिना किसी प्रतिरोध के खुद को दुर्गेश ने पुलिस के हवाले कर दिया। चुकी पत्नी और बच्चों पर किसी प्रकार का कोई मामला नही है एसटीएफ उन्हें छोड़ दिया और दुर्गेश को लेकर अज्ञात स्थान पर चली गई।
उल्लेखनीय है कि दुर्गेश ने लव मैरिज किया है।

दुर्गेश पर लगेगा सीसीए, चलेगा स्पीडी ट्रायल व सम्पत्ति होगी

कुख्यात दुर्गेश को एसटीएफ टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। इस कुख्यात की गिरफ्तारी के बाबत जोनल आईजी नैयर हसनैन खां ने सीसीए लगाने ,स्पीडी ट्रायल चलाने एवं सम्पत्ति जब्त करने का आदेश दिया हैं । जोनल आईजी ,पटना नैयर हसनैन खां ने दुर्गेश शर्मा पर सीसीए लगाने,स्पीडी ट्रायल चलाने एवं अवैध सम्पत्ति जब्त करने का आदेश पटना पुलिस को दिया हैं। देर शाम से ही पटना पुलिस कुख्यात दुर्गेश के आपराधिक  इतिहास खंगालने में जुट गयी हैं ।

                 उल्लेखनीय है कि दुर्गेश शर्मा पर राजधानी पटना के दीघा, पाटलीपुत्रा, राजीवनगर आदी थाने में हत्या ,लूट, अपहरण ,रंगदारी के दर्जनों मामले दर्ज हैं । दीघा में स्वर्ण व्यवसायी रवीकांत के हत्या के बाद क्या मजाल की कोई उसके खिलाफ आवाज उठाएं। मकान बनाने के लिए हर आमो खास को रंगदारी देना पड़ता था। दर्जनों गुर्गे उसके इशारे पर किसी की भी हत्या करने से गुरेज नहीं करते थे।
दुर्गेश शर्मा का कई बिल्डरों से गहरा संबंध हैं।लम्बे समय से फरार चल रहा कुख्यात दुर्गेश शर्मा पर सरकार ने 50 हजार रूपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस मुख्यालय ने दुर्गेश की फाइल एसटीएफ को सौंपी थीं।