Exclusive – इश्क में घरबार छोड़ पटना पहुची फिर पुलिस कंट्रोल रूम के बाहर खा लिया ज़हर आखिर क्यों ? जवाब दीजिये एसएसपी साहब

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# एसएसपी साहब आपकी पुलिस ने एक मासूम को म

# पीरबहोर थाना , महिला थाना और डीएसपी टाउन पर क्या एसएसपी पटना कोई कार्रवाही करेंगे ?

पटना Live डेस्क। पटना पुलिस का अमानवीय चेहरा एक बार फिर सामने आया है। ख़ाकी की बेरुखी ने प्यार में धोखा मिलने वाले दिल्ली की एक लड़की को इतना दौड़ा की उसने थकहार कर पुलिस कंट्रोल रूम के बाहर ज़हर खाकर खुद को खत्म करने जैसा ख़ौफ़नाक कदम उठा लिया। लड़की के जहर खाकर गिरते ही पुकिस कंट्रोल रूम के बाहर अफ़रातफ़री मच गई। वहां मौजूद पुलिस वालो को साँप सूंघ गया। फिर शुरू हुआ लीपापोती का खेल। चुपके से लड़की को 2 महिला पुलिसकर्मियों की देखरेख में पीएमसीएच में भर्ती करा दिया गया। लेकिन पटना Live के वरीय संवाददाता रोहित कुमार की खोजी पत्रकारिता ने पटना पुलिस के इस कुकृत्य का सच सामने ला दिया है। रोहित ने स्वयं हर पहलू की जाँच परख कर जब इस घटना की सच्चाई को ढूढ निकाला तो कहानी कुछ यूं खुलकर सामने आई है।

पीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड के  बेड पर बेसुध पड़ी यह लड़की जिंदगी खातिर संघर्ष की जद्दोजहद कर रही है। इसकी इस नाज़ुक हालत के लिए ज़िम्मेदार है पटना पुलिस, पीरबहोर थाना, महिला थाना और पटना के सब्जी -बाग का रहने वाला एक लड़का जिसका नाम इंतखाब खान है। ये कहानी एक साल पहले दिल्ली के रोहिणी से शुरू हुई। जहां पटना के पीरबहोर थाना क्षेत्र का रहने वाला इंतखाब प्राइवेट नौकरी करने के दौरान रहा करता था। वही शिवानी से उसकी आँखें चार हुई और इश्क परवान चढ़ा। वक़्क्त अपनी रवानी पर था और मोहब्बत में गाफिल इंतखाब और शिवानी साथ जीने मरने की कसमें खाकर दो जिस्म एक जान बन गए। पर अचानक एक दिन इंतखाब पटना लौट आया।


इंतखाब के पटना लौटने के बाद लड़की लगतारा इसके संपर्क में रही पर धीरे धीरे अब इंतखाब शिवानी से पीछा छुड़ाने की कोशिश करने लगा पर इश्क में अपना सब कुछ सौप कर शिवानी इतनी आसानी से इंतखाब को छोड़ने को तैयार नही थी। एक दिन अचानक शिवानी अपने माँ बाप और अपने शहर दिल्ली को छोड़ कर पटना आ गई। अब मरता क्या न करता इंतखाब ने उसे एक होटल में शिफ्ट कर जल्द ही घर वालो से मिलाने की बात कही।शिवानी अपने घर से ढेर सारा पैसा लेकर आई थी ये बात जब उसने इंतखाब को बताई तो इंतखाब की बाछे खिल गई। फिर शुरू हुआ मोहब्बत और साथ जीने मरने का दूसरा दौर खूब शॉपिंग और तोहफे वगैरह की खरीदारी की गई। वक़्क्त बितात गया और शिवानी अब इंतखाब को घर वालो से मिलाने की ज़िद्द करने लगी तो एक दिन इंतखाब शिवानी को घर लेकर गया। शिवानी चुकी पहली बार उसके घर जा रही थी, सबके के लिए तोहफे वगैरह भी खरीदा।
ख़ैर शिवानी अब बेखटक इंतखाब के घर आने जाने लगी थी। धीरे धीरे उसका पैसा भी खत्म होने लगा तो वो अब इंतखाब के घर पर रहने की जिद्द करने लगी और फिर सामान लेकर सब्जीबाग स्थित इंतखाब के घर भी पहुच गई। शुरुआती आवभगत के बाद दिन बीतने लगे और अब शिवानी का सारा पैसा खत्म हो गया तो इंतखाब और उसके घरवालो ने अपना सही चेहरा दिखाया, बात बात पर शिवानी को प्रताड़ित करने लगे साथ ही इंतखाब भी अब उससे पिंड छुड़ाने की कवायद करने लगा। फिर शनिवार की रात शिवानी की जमकर पिटाई करने के बाद घर से निकाल दिया गया।
सरे बाजार अपना सब कुछ लूटा चुकी शिवानी अब अपनी किस्मत पर आंसू बहाते हुए रविवार को अहले सुबह 6 बजे पीरबहोर थाने पहुची। फिर शुरू हुआ पटना पुलिस का बेरुखी भरा व्यवहार पीरबहोर थाने ने उसे मदद करने की बजाय महिला थाना भेज दिया। खैर वो वहां पहुची तो उसे वहां से फिर पीरबहोर भेज दिया गया। पूरी तरह टूट चुकी शिवानी को पटना पुलिस ने पूरे दिन यहां से वहां दौड़ाया पर कही इस लड़की की मदद नहीं की गई। थक हार कर किसी की सलाह पर वो अपनी किस्मत पर आंसू बहाते हुए डीएसपी टाउन के दफ्तर पहुची। पर वहां से भी निराशा ही हाथ लगी तो शिवानी की हिम्मत अब जवाब दे गई। और फिर उसने खौफ़नाक कदम उठाते हुए रविवार की रात 10 बजे एसएसपी ऑफिस के परिसर में जहां डीआईजी पटना, एसपी पटना और डीएसपी टाउन का दफ्तर के पास पुलिस कंट्रोल रूम के सामने जहर खाकर अपनी जान देने की कोशिश की।


अब सवाल उठता है। खुद को पीपुल्स फ्रेंडली कहने वाली पटना पुलिस का यह चेहरा क्या मानवीय कहा जा सकता है ? एक मजबूर लड़की को मौत के मुँह में ढकेलने के जिम्मेदार पीरबहोर थाना , महिला थाना और डीएसपी टाउन पर क्या एसएसपी पटना कोई कार्रवाही करेंगे ? या महज जांच की बात कह फिर इस मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

 

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