Exclusive(खुलासा)–पटना में शराबबंदी का सच -10 हज़ार में बिक जाता है थाना, छोड़ देता है शराब कारोबारी को,बेटे पर जानलेवा हमले के बाद एक माँ ने खोले राज़

पटना Live डेस्क। सूबे में जारी पूर्ण शरबाबन्दी को लगातार पलीता लगाने की कोशिश उन्हीं कंधो द्वारा किया जा रहा है जिन कंधो पर इसको लागू करने का दारोमदार है। हालात ये है कि बिहार में शराबबन्दी अब एक मज़ाक में तब्दील होता जा रहा है। बिहार में अब भी जाम झलक रहे है और बेहिचक छलकाए जा रहे है।पहले आठ किलोमीटर के दायरे में दारू की सरकारी लाइसेंसी दो दुकानें थीं,अभी अनगिनत हैं। सुविधाएं भी बढ़ी हैं होम डिलीवरी बेखटक की जा रही है।l कारण मोटे मुनाफ़े से शराब माफ़िया का लगातार पावरफुल होना और ख़ाकी को अपने पाले में करने खातिर रुपयों की बरसात करने की कुव्वत का होना। शराबबन्दी का एक सच ये भी है मिलता है बिकता है और आम आदमी पीटता है भी शराब माफिया से ये हाल पटना के है।

ख़ैर,हालात से पूरा बिहार वाकिफ़ है। हालात का अंदाज़ा आप इस बात से भी लगा सकते है कि राजधानी पटना के थानों पर भी लगातार शराब माफिया को संरक्षण देने का आरोप लग रहा है और कार्रवाई भी लगातार हो रही है। फिर भी सरकार की नाक के नीचे भी इस कारोबार को ख़ाकी का संरक्षण लगतारा मिल रहा है बारम्बार मिल रहा है। इस बात का खुलासा एक बार फिर हुआ जब नौबतपुर थाने की करतूत को एक माँ ने उस वक्त उजागर कर दिया जब उसके बेटे पर इलाके के दबंद शराबमाफिया ने सरेआम दौड़ा दौड़ा कर क़ातिलाना हमला किया और पुलिस को सुबूत देने के बाद भी स्थानीय नौबतपुर थाने ने टरकाने का सिलसिला जारी रखा। आप खुद सुनिए वो सच

वो नाम पता सब कुछ बता रही है पर कोई कार्रवाइ नही हो रही है।