Exclusive (ब्रेकिंग) बीएसईबी ने दिया बिहार को 238 करोड़ का झुनझुना और 8 लाख छात्र फेल,अब तक 19 छात्रों ने की खुदकुशी और अब 10th का डाटा हैक का शगूफा

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पटना Live डेस्क। टॉपर घोटाले के बाद बड़े अरमानों से पटना के कमिश्नर आंनद किशोर को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के चेयरमैन बनाया था सरकार ने। अब आप जरा इनके जिम्मेदारियों का लेखा जोखा जान लीजिए। महज दावो और आश्वासनो के अलावे बिहार को इनके नेतृत्व में मिला फ़र्ज़ी टॉपर और आठ लाख फेल छात्र। वही अब तक 19 छात्रों ने अब तक पूरे सुबे में फ़ासी लगाकर जान दे दी है। अब जरा बोर्ड चेयर मैन आनंद किशोर का सच जान ले।

वर्ष 2016 में बिहार की शिक्षा व्यवस्था की चुले हीला देने वाले इंटर रिजल्ट घोटाले को लेकर विवादों में आए बिहार बोर्ड के अध्यक्ष बनाये गए  आइएएस अधिकारी आनंद किशोर हैं। घोटाले में संलिप्तता उजागर होने के बाद बोर्ड के अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह ने कल पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद पटना के कमिश्नर आनंद किशोर ने विधिवत पदभार संभाल लिया था।  इसके अलावे भी आनंद किशोर अभी बिहार के कारा महानिरीक्षक के पद पर भी हैं।
इसकी अधिसूचना जारी होने के बाद उन्होंने पदभार ग्रहण किया और फिर पदभार ग्रहण के बाद उन्होंने बोर्ड की व्यवस्था दुरुरस्त करने का लंबा चौड़ा आश्वासन दिया था। लेकिन जब रिजल्ट आया तो पूरे सुबे में कोहराम मच गया। रिजल्ट के बाद खुलासों का दौर जारी है। लापरवाही और महज खानापूर्ति का सच रिस रिस कर बाहर आ रहा है।

शिक्षा मंत्री बोले, बोर्ड और उसके चेयरमैन भी जांच के घेरे में

इंटर की परीक्षा में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद कल तक गणेश कुमार से सवाल करने वाले पत्रकारों पर हमलावर रहे बिहार के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने शुक्रवार को बिहार बोर्ड और उसके चेयरमैन पर गुस्सा निकाला। उन्होंने कहा कि इंटर ऑटर्स टॉपर घोटाला उजागर होने के बाद बोर्ड की कार्यप्रणाली व उसके चेयरमैन आनंद किशोर भी जांच के घेरे में हैं। जिसके स्तर पर भी गलती हुई है उसे बख्शा नहीं जाएगा।
अशोक चौधरी ने कहा कि पूर्व में ही बोर्ड को निर्देश दिए गए थे कि सभी स्तर से जांच-पड़ताल के बाद ही रिजल्ट प्रकाशित किए जाएं। भले ही इस कार्य में दो दिन का वक्त ज्यादा लग जाए। बावजूद सरकार के आदेश का पालन नहीं हुआ और इतनी बड़ी चूक हो गई। गणेश के मामले को देखने से लगता है कि बोर्ड ने आदेश का पालन नहीं किया।
वही अब एक नया खुलासा हुआ है कि बोर्ड के 10वी की रिजल्ट का डाटा हैक हो गया है। अब आप अन्दाज़ा लगाइये की ये कैसा दावा  जो 238 करोड़ रुपये ख़र्च करने के बाद 19 बेशकीमती जिंदगियों को मौत की  निंद असमय सुला देता है।