वो दर्द की सुनी रातें,खामोशी का शोर और बेउर जेल के खुरदरे फर्श पर एक रिटायर्ड आईएएस का काव्य संग्रह

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# निखिल प्रियदर्शी के पिता और भाई को मिलीं जमानत

#आदर्श केन्द्रीय कारा बेऊर में रहते सांसद पप्पू यादव एवं अमरनाथ झा ने भी लिखी है किताब

पटना  Live डेस्क। आखिर कार लंबे इंतजार और स्याह रातों के महिनो में तब्दील होने के बाद ही सही पर
दलित अत्याचार मामले में बेऊर जेल नें बंद निखिल प्रियदर्शी के पिता रिटायर्ड आईएएस केबीपी सिन्हा एवं भाई मनीष प्रियदर्शी को पटना हाईकोर्ट ने जमानत दे दिया। केबीपी सिन्हा ने जेल में रहते हुये कविता संग्रह ” मंजूषा ” लिख दिया। इस किताब को जानकी प्रकाशन ने प्रसारित किया हैं। बीते दिसंबर माह में कांग्रेस के पूर्व मंत्री की बेटी सुरभी ने ऑटोमोबाइल कारोबारी निखिल प्रियदर्शी सहित रिटायर्ड आईएएस केबीपी सिन्हा एवं मनीष प्रियदर्शी पर दलित ,यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज करायी थीं। पटना पुलिस ने उत्तराखंड से निखिल प्रियदर्शी एवं उसके पिता केबीपी सिन्हा को गिरफ्तार किया था। केबीपी सिन्हा एवं मनीष प्रियदर्शी द्वारा एससी/एसटी एवं बुद्धा कालोनी थाने में दर्ज मामले में नियमित जमानत के लिए क्रीमनल अपील 1271 /2017 एवं 1359 /2017 फाइल किया था। बुधवार को दोनों मामले पर पटना हाईकोर्ट के जज अरविंद श्रीवास्तव ने सुनवाई करते हुये नियमित जमानत दे दिया। हाईकोर्ट से आर्डर आते दो-तीन लगेगा। इसके बाद एससी/एसटी कोर्ट में बेल बांड भरा जायेगा।

अमूमन जेल की कालकोठरियों के खुरदरे फर्श पर इंसान बेहद तन्हा और अकेलापन महसूस करता है। वही अगर रिटायर्ड आईएएस केबीपी सिन्हा के बारे में बात करें तो आदर्श केन्द्रीय कारा बेऊर में रहते हुये दो माह के अंदर कविता संग्रह “मंजूषा” किताब लिख यह संदेश देने का प्रयास किया की पढ़ा-लिखा इंसान कही भी हो अपनी छाप छोड़ सकता हैं । इस किताब को पटना अशोक राजपथ स्थित जानकी प्रकाशन ने प्रकाशित किया हैं।यह किताब मार्केट में 200 रूपये में उपलब्ध है। कृष्ण बिहारी प्रसाद ,मगध विश्व विद्यालय के अधिन कालेज में प्रोफेसर के पद पर रहें हैं। इसके बाद बीपीएससी परीक्षा पास किये और अपने सेवाकाल में कई जगहों पर एसडीओ, उप विकास आयुक्त के पद पर रहें। इस दौरान आईएएस में प्रोन्नती मिलीं और कई जिले के जिलाधिकारी रहें और अंत में झारखंड सरकार के सचिव पद से सेवानिवृत्त हो गये। मालूम हो की इससे पहले आदर्श केन्द्रीय कारा बेऊर में रहते सांसद पप्पू यादव एवं अमरनाथ झा ने रेड अलर्ट नामक पुस्तक लिख चुके हैं।