खुलासा – ना वो जासूस है ना कोई एजेंट वो महज एक हाइटेक नटवरलाल है जो क्लोन चेक से पैसे निकालकर ऐय्याशी को जाता था “बीच और ब्रोथल” देश साइप्रस

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पटना Live डेस्क। चेक क्लोनिंग के मामले में गिरफ्तार प्रसन्नजीत कुमार की पहचान मसौढ़ी थाना क्षेत्र के कैलुचक निवासी आवास विभाग में कार्यरत प्रशाखा पदाधिकारी रामकुमार प्रसाद के बेटे प्रसन्नजीत कुमार उर्फ चार्ल्स ब्रोकलिन उर्फ रेहान खान उर्फ नुरुद्दीन के रूप में हुई है। उसके पास से सौ देशों की मुद्रा मिली, जिसमें से एक देश का एक लाख रुपये तक का नोट भी है। दो पासपोर्ट के अलावा उसने विभिन्न नामों से तीन ड्राइविंग लाइसेंस बनवा रखे हैं।तलाशी के क्रम में घर से विभिन्न बैंक के 124 एटीएम कार्ड, 65 चेकबुक, 90 पासबुक, 50 सिम कार्ड, 59 मुहर, प्रिंटर लैपटॉप और कई नामों से बने पैन कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य कागजात बरामद हुए। वह घर से फर्जी सरकारी कागजात तैयार करता था। गिरफ्तार उसकी प्रेमिका शफकत फाखरा उर्फ शैली उर्फ फखरान का भी पासपोर्ट मिला। प्रसन्नजीत पर पासपोर्ट एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।

वही गिरफ़्तारी के बाद कई अखबारों में छपा की वो साइप्रस का एजेंट है तो कुछ समाचार माध्यमो ने तो उसके आईएस से लिंक जोड़ने से भी गुरेज नही किया। लेकिन अब धीरे धीरे मामला महज अपनी गर्ल फ्रेंड को इम्प्रेस और उसपर रौब ग़ालिब करने खातिर शातिर द्वारा बोला गया एक झूठ साबित होता जा रहा है। वही पुलिस को उसके फर्जीवाड़े के अलावे अब तक कोई सुबूत हाथ नही लगा है जो उसके एजेंट या ख़ुफ़िया अधिकारी होने को प्रमाणित करे। पुलिस को गर्दनीबाग के अपार्टमेंट के फ्लैट से भी कोई ऐसा दस्तावेज नहीं बरामद किया गया है। जिससे उसके अधिकारी होने की बात की पुष्टि हो सके। उल्टा ,प्रसनजीत के पास से चार फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस मिले हैं। साथ ही आइजी के अलावा कई पुलिस पदाधिकारियों, स्कूलों के प्राचार्य, डीटीओ कार्यालय के फर्जी मुहर भी बरामद किये गये हैं। जिसके कारण यह स्पष्ट है कि यह फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, चरित्र प्रमाणपत्र, शैक्षणिक प्रमाणपत्र और अन्य फर्जी दस्तावेजों काे भी बनाने का गोरखधंधा भी करता था।
वही अब यह बिल्कुल साफ होता जा रहा कि उसने अपने गर्लफ्रेंड नरगिस को इंप्रेस करने के लिये अपना नाम नुरूद्धीन बताया और अपने आप को साइप्रस के इंटेलिजेंस ब्यूरो का अधिकारी बताया था। साथ ही वह साइप्रस में लिये गये अपने फोटो को भी दिखाता था।।वह गर्लफ्रेंड को यह भी बताता था कि वे लोग साइप्रस में जल्द ही बस जायेंगे। लेकिन, पुलिस को इस संबंध में किसी प्रकार के प्रमाण नहीं मिले हैं। बस ये सब बातें पुलिस को उसकी गिरफ़्तार गर्ल फ्रेंड के जुबानी सुनने को मिली।
इस बात की पुष्टि पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक के बयान से भी होता है। मनु महाराज ने बताया है कि प्रसनजीत के गर्लफ्रेंड से जानकारी मिली है कि वह खुद को साइप्रस के इंटेलिजेंस ब्यूरो का अधिकारी बताता था।लेकिन, अभी तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि जिससे इस बात की पुष्टि हो सके। उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जायेगी। साथ ही हर बिंदु  पर छानबीन की जा रही है। चार फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस भी बरामद किये गये हैं।

प्रसन्नजीत का सच -ऐय्याशी और सिर्फ ऐय्याशी

पटना पुलिस के हत्थे चढ़े मसौढ़ी के मूल निवासी और
क्लोन चेक से पैसा निकालने में मास्टर प्रसनजीत “बीच और ब्रोथल(वेश्यालय) खातिर मशहूर देश साइप्रस में ऐय्याशी के लिये जाता था। यही वो वजह है कि वो की बार बार साइप्रस जाता रहा है। यही नही वो उन देशों में ही गया है जहाँ ऐय्याशी के साधन आसानी से उपलब्ध है।साइप्रस के बगल में ही तुर्की है और वहां भी ऐयाशी के कई साधन आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। अपने शातिरपने से चेकक्लाेन कर दूसरे के खातों में सेंध लगा करोड़ों की रकम उड़ाने वाले शातिर के गर्दनीबाग स्थित मकान से चार दर्जन सीडिया भी जब्त की गई थी।  पुलिस ने इनमें सीडियों को खंगाला तो वह ब्लू फिल्म की निकली। इससे कयास लगाया जा रहा है शराब, शबाब के साथ वह ब्लू फिल्म देखने का भी शौकीन था। मुफ्त के पैसे से ऐय्याशी करने के लिए कई देशों का भ्रमण करता था। पूछताछ में उसने इन देशों में केवल घूमने की ही जानकारी दी है। पुलिस ने उसके पास से जो मोबाइल फोन बरामद किया है,उसमें कई विदेशी लड़कियों के साथ उसके फोटोग्राफ हैं।साथ ही उसके लैपटॉप में भी उसकी ऐयाशी के ढेरो प्रमाण मौजूद है। प्रसनजीत के पास से दो पासपोर्ट मिले हैं,जिसकी जांच शुरू कर दी गयी। पुलिस ने दोनों पासपोर्ट की जांच की, तो उसमें एक पासपोर्ट में उसकी उम्र 18 वर्ष से कम थी। फिलहाल पुलिस को कोई ऐसा साक्ष्य हाथ नहीं लगा है, जिससे क्लोन चेक के अलावा किसी और कनेक्शन की जानकारी मिल सके। इधर ,पासपोर्ट अधिकारी भी कदमकुआं थाने पहुंचे और पासपोर्ट के संबंध में जांच की. दूसरी ओर बैंककर्मियों की मिलीभगत के संबंध में उससे जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसने केवल इतनी जानकारी दी कि उसके साथ दो और लोग शामिल थे और उनदोनों को हीबैंककर्मियों के कनेक्शन की जानकारी हो सकती है। वही बरामद शराब के बारे में बताया कि वे लोग दिल्ली से शराब की बोतल को ट्रेन के माध्यम से पटना लाये थे। पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
उल्लेखनीय है कि पटना के कई थाना क्षेत्रों में बैंकों से क्लोन चेक के माध्यम से करोड़ों की निकासी करनेवाले गिरोह के सरगना प्रसनजीत उर्फ अमित के साथ पुलिस ने उसकी प्रेमिका नरगिस और सहयोगी पिंटू को गर्दनीबाग के महादेवपुरी इलाके के एक अपार्टमेंट से बुधवार की रात गिरफ्तार किया था। उसके फ्लैट से पुलिस की टीम ने एटीएम कार्ड, पासबुक, मुहर, विदेशी करेंसी, शराब की बोतल के साथ ही तीन पासपोर्ट भी बरामद किये थे।

 

 

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