बड़ी खबर – लवगुरु को छोड़ प्रेमिका जुली हो गई लापता बोले मटुक- प्रेम की प्यास तो मेरे भीतर जीवन भर बनी रहेगी

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पटना Live डेस्क। बिहार के फेमस लवगुरू जिसके प्यार की कहानी के चर्चे काफी अर्से से गाहे-बगाहे सुनने को मिलते रहते हैं। ये लवस्टोरी है प्रोफेसर मटुकनाथ और उनकी छात्रा जूली की। मटुकनाथ ने अपनी ही कॉलेज की 30 साल छोटी छात्रा से लव मैरिज की थी जिसके बाद उनकी खूब चर्चा हुई। ‘लव गुरु’ के नाम से चर्चित पटना विश्वविद्यालय के बी एन कॉलेज के हिन्दी के प्रोफेसर मटुकनाथ चौधरी की लवस्टोरी का एन्ड हो चुका है। दरअसल जूली मटुकनाथ के साथ 2007 से 2014 तक लिव इन रिलेशनशिप में भी रही। लेकिन इसके बाद वो पटना से चली गई। उसके पटना से जाने के बाद मटुकनाथ कोई जानकारी नहीं है।

राजधानी पटना के शास्त्रीनगर मोहल्ले में अपने तीन बेड रूम वाले फ्लैट में अकेले बैठे मटुक अक्सर उन तस्वीरों और उस कार को निहारते है जो उन्होने अपने इश्क की वजह से कई साल नौकरी से बर्खास्तगी झेलनी पड़ी थी। हालांकि, 2013 में 13 फरवरी को पटना यूनिवर्सिटी ने मटुकनाथ को पिछले पांच साल के एरियर का 20 लाख रुपए दिया था। पैसे से अगले दिन यानी 14 फरवरी यानी प्रेम दिवस के दिन कार खरीद कर जूली को गिफ्ट की थी।जुली के चले जाने के सवाल पर दर्शकनिक अंदाज़ में मटुक कहते है “जूली और मेरे ज़रिए इतना बड़ा काम हो गया, प्रेम का प्रकाश पूरी दुनिया में फैला, ऐसे में पछतावा कैसा? प्रेम अभी प्राप्त हुआ, ये कल भी प्राप्त हो, इसकी कामना नहीं, लेकिन मिल जाए तो अहो भाग्य।”

रातों-रात सुर्खियां बन गए थे प्रो. मटुकनाथ

दरअसल, बात साल 2004 की है। पटना यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मटुकनाथ ने एक कैंप लगाया था जिसमें पटना यूनिवर्सिटी की ही स्टूडेंट जूली भी पहुंची थी।  इस दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। दोनों ने एक-दूसरे का नंबर लिया। इसके बाद दोनों के बीच घंटों फोन पर बात होने लगी। बात चीत का सिलसिल प्यार में बदला और फिर दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगे। इसके कुछ दिनों बाद दोनों ने शादी भी की।

जूली ने फोन कर ऐसे किया था प्रपोज

 मटुकनाथ के मुताबिक, एक दिन जूली का फोन आया और उसने कहा कि वो मुझे पसंद करती हैं और मुझसे शादी करना चाहती हैं। हालांकि, इसके बाद मटुकनाथ ने जूली को समझाया कि ये पॉसिबल नहीं है। उन्होंने बताया, वे पहले से शादीशुदा हैं और उनके बच्चे भी हैं। पर धीरे-धीरे मटुक भी जूली से प्यार करने लगे।साल 2004 में शुरू हुई ये प्रेम कहानी दो साल तक ठीक चली। इसके बाद 15 जुलाई, 2006 को स्टूडेंट से अफेयर के बाद मटुकनाथ को हिंदी डिपार्टमेंट के रीडर पद से सस्पेंड कर दिया था। बाद में 20 जुलाई, 2009 को उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

मटुकनाथ की पत्नी ने भिजवा दिया था जेल

सस्पेंड और बर्खास्तगी के बाद मटुकनाथ के लिए मुश्किलें कम नहीं हुई थी। उनके खिलाफ कई जगहों पर स्टूडेंट्स और लोगों ने नारेबाजी की। उनके जूली के साथ रिश्ते को गलत बताया। कहा ये भी जाता है कि इसे लेकर प्रोफ़ेसर के साथ उनके रिश्तेदारों ने मारपीट की। ये सबकुछ तो अलग था। मटुकनाथ की पत्नी को जब उनकी लव स्टोरी की खबर लगी तो उन्होंने दोनों को जेल भिजवा दिया था। हालांकि, जेल से छूटने के बाद दोनों की लाइफ सामान्य हो गई।उस समय अपनी ही छात्रा जूली से प्रेम सम्बंधों और फिर तथाकथित शादी के बाद चर्चित हुए पटना विश्वविद्यालय प्रोफेसर मटुकनाथ रातों-रात सुर्खियां बन गए थे।जूली के साथ प्रेम संबंध में पड़ने के बाद छात्रों के बीच उनका विरोध शुरू हो गया था। छात्रों से होते हुए जब यह विरोध उनके घर के अंदर पहुंचा तो बवाल शुरू हो गया।एक दिन अचानक उनकी पहली पत्नी आभा चौधरी ने गुरु जी की प्रेमलीला पकड़ ली और शुरू हो गई मारपीट। इस दौरान आभा चौधरी ने दोनों के चेहरे पर कालिख भी पोत दी।इस दंपति का एक बेेटा है जो स्वीडन में रहता है।   आखिरकार छोड़ गई साथ  

लेकिन, कहते है ना की प्रेम सचमुच अंधा होता है। तमाम विरोधों के बावजूद मटुकनाथ और जूली ने एक-दूसरे का साथ नहीं छोडे की बात कहा करते थे। पर अब यह हकीकत है कि जुली जा चुकी है मटुक नाथ को छोड़कर कभी वापस न आने को।उस दौर में मटुक नाथ को जुली से मोहब्बत करने की वजह से पटना विश्वविद्यालय ने उन्हें बर्खास्त भी कर दिया था। पटना विश्वविद्यालय ने 15 जुलाई, 2006 को मटुकनाथ को बी एन कॉलेज के हिंदी विभाग के रीडर पद से निलम्बित कर दिया। बाद में 20 जुलाई, 2009 को उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। उन पर अपनी कक्षा में बाहरी लोगों को बैठाने व अमर्यादित आचरण करने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद मामले प्रोफेसर मटुकनाथ को लेकर पटना विश्वविद्यालय प्रशासन से लेकर कुलापति तक न्याय की गुहार लगाई।

प्रेमिका के साथ आमरण अनशन पर बैठे थे जब गुरु जी को कही न्याय नहीं मिला था तो पटना उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की। इस बीच वे जूली के साथ इस मामले को लेकर पटना के कारगिल चौक पर आमरण अनशन पर बैठे गए। नवंबर 2011 में आमरण अनशन के बाद राज्य सरकार ने गुरु जी की बर्खास्तगी का आदेश वापस ले लिया। राजभवन ने पटना विश्वविद्यालय को उनकी बहाली का निर्देश जारी किया। इसके बाद गुरु जी की प्रेमिका जूली ने उन्हें जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।अनशन तोड़ने के बाद ‘लव गुरु’ नाम से चर्चित मटुकनाथ ने कहा थ कि उन्हें लम्बे समय के बाद न्याय मिला है और यह लोकतंत्र की जीत है।

मटुकनाथ ने खोला था ‘लव स्‍कूल’

              गुरु जी ने अपने गांव जयरामपुर में एक ‘लव स्‍कूल’ भी खोला था। इस स्‍कूल के बारे में वे कहते थे कि प्यार हमें रचनात्मक बनाता है। प्यार का मतलब है बलिदान, इसमें स्वार्थ के लिए कोई जगह नहीं होती। प्यार के दो चेहरे होते हैं-पहला विध्वंसात्मक होता है और दूसरा रचनात्मक। दुख की बात है कि आज के युवा प्यार के सही तरीके को नहीं पहचान पा रहे। हम उन्हें सिखाएंगे कि कैसे सर्वोच्च बलिदान करते हुए समाज के लिए उदाहरण पेश किया जाए और कैसे रचनात्मक प्यार किया जाए।मटुकनाथ ने इस स्कूल को मान्यता दिलाने के लिए सीबीएसई में आवेदन भी किया। मटुकनाथ के अनुसार इस जीवन जागृति पाठशाला में जूली केन्द्रीय भूमिका में होंगी और उन्हें स्कूल की माता बनाया जाएगा।वही जुली के लापता होने के बावजूद मटुक नाथ के मुताबिक जूली अध्यात्म की तरफ जा चुकी हैं। वो अपने प्रेम संबंध पर कहते है,”जूली के साथ मन से मेरा अलगाव नहीं हुआ है, हमारा प्रेम चालू है, बस हम दोनों ने अलग-अलग रहने का फैसला किया है, बाकी प्रेम की प्यास तो मेरे भीतर जीवन भर बनी रहेगी।”