खुलासा(Exclusive) कुख्यात अंजनी ठाकुर का हुआ कत्ल ?मतलब अंजनी ठाकुर के आतंक पर लगा फुलस्टॉप

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रंजन पांडे, ब्यूरो प्रमुख, मुज़फ्फरपुर

पटना Live डेस्क। उत्तर बिहार में एके 47 की तड़तड़ाहट से व्यापारियों , ठेकेदारों सहित ख़ाकी और खादी के जेहन में सिहरन पैदा कर देने वाले कुख्यात अंजनी ठाकुर पर मुजफ्फरपुर,मोतिहारी समेत कई जिलो मे अपराधिक मामले दर्ज है। मुजफ्फरपुर के इस दुर्दांत गिरोहबाज सह कुख्यात शातिर अपराधी अंजनी ठाकुर की हत्या हो चुकी है? इस बात का दावा और खुलासा किया है समस्तीपुर से मोतिहारी पुलिस के हत्थे चढा़ शातिर कुशेष सिंह ने किया है।
पुलिस गिरफ्त में कुशेष ने बताया कि अपने मामा राजेश सिंह की हत्या का बदला लेने के लिए उसने सिरहा कांड को अंजाम दिया था। वह पूर्व में भी तीन बार जेल जा चुका है। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि उसने भिखारी सहनी सहित तीन की हत्या की थी। भिखारी सहनी की हत्या में उसके अलावे सिरहा के ही राकेश सिंह, मुजफ्फरपुर के कुख्यात अंजनी ठाकुर, सीतामढ़ी माधवपुर के राजेश सिंह शामिल थे। वही राकेश आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार हो जेल जा चुका है।


मोतिहारी पुलिस की पूछताछ में कुशेष ने जो सबसे चौंकाने वाली बात बतायी की कुख्यात अंजनी ठाकुर की भी हत्या हो चुकी है। उसकी हत्या के बाद ही शागिर्द मुकुंद ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इधर पकड़ी दयाल इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है कि सही क्या है।
मुलतः मुजफ्फरपुर के मुशहरी थाना क्षेत्र के रजवाड़ा गांव निवासी अंंजनी ठाकुर पर मोतिहारी, मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में मामले दर्ज है। वही 6 अप्रैल को उसने वीसी लेन में ठेकेदार अतुल शाही की एके 47 से फायरिंग कर हत्या कर दी थी। इसके पूर्व 10 अक्टूबर 2016 को मुशहरी के रोहुआ गांव में पिंटू ठाकुर की हत्या कर दी थी।।दोनों हत्या के बाद मुशहरी व मिठनपुरा के एक दर्जन व्यवसायियों से उसने रंगदारी मांगी थी। साथ ही पूर्व पार्षद विशेश्वर शंभु को पांच लाख रंगदारी नहीं चुकता करने पर हत्या करने की धमकी दी थी। पार्षद के जान पर आफत को देखते हुए पुलिस द्वारा उन्हें सुरक्षा गार्ड मुहैया कराया गया था।
गिरफ्तार कुशेष सिंह अहियापुरपुर थाने के दादर का रहने वाला है। इस अपराधी ने पुलिस के समक्ष मोतिहारी के पकड़ीदयाल के चर्चित सिरहा सामुहिक हत्याकांड मे शामिल होने की बात स्वीकार किया है। इस खुलासे के बाद मुजफ्फरपुर पुलिस राहत तो महसूस कर रही है पर किसी भी दावे से पहले सच्चाई का पता लगाकर इत्मिदान करने की कवायद के तहत मामले की जांच की जा रहीहै कि गिरफ्तार अपराधी के बयान मे कितनी सच्चाई है। लेकिन जो बात कुख्यात अंजनी ठाकुर के मारे जाने की घटना के सच होने की तरफ इशारा करता है वही मुजफ्फरपुर पुलिस को भी यकीनन अंजनी के आतंक पर फुलस्टॉप लगने के प्रति आश्वस्त होने का भी इशारा है। वह घटना है पूर्व पार्षद विशेश्वर शंभु जो अंजनी के निशाने पर थे से पुलिस गॉर्ड का वापस ले लिया जाना। मतलब साफ है अंजनी ठाकुर का विकेट डाउन होने की पुख्ता जानकारी पुलिस को है तभी तो पुलिस गार्ड वापस ले लिया गया।