BiG Breaking – बिहार शरीफ से जुड़ा है कुख्यात तब्बू उर्फ तबरेज आलम की राजधानी में हुई सरेआम हत्या के तार,पुलिस को मिले अहम सुराग

पटना Live डेस्क। राजधानी पटना की सड़क पर उस वक्त कोहराम मच गया जब अचानक कोतवाली थाने से महज कुछ मीटर की दूरी पर एक युवक तो ताबड़तोड़ 6 गोलियां मार दी गई। अचानक हुई इस गोलीबारी से भगदड़ मच गई। दरअसल हत्या की इस वारदात को  बाइक पर सवार अपराधियों ने बिल्कुल फिल्मी अंदाज में अंजाम दिया और जबतक लोगबाग कुछ समझ पाते अपराधी ग्रे कलर की बाइक पर सवार होकर नौ दो ग्यारह हो  गए। वही मृतक की पहचान जहानाबाद के कुख्यात अपराधी तबरेज आलम उर्फ तब्बू के रूप में हुई है। मकतूल तबरेज़ के पिता जफरउद्दीन जिया जहानाबाद के पूर्व नगर पार्षद रह चुके हैं। एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि अपराधियों को दबोचने के लिए पुलिस की कई टीमें लगी हुई है।                                 
इस खुरेजी की घटना को कोतवाली थाने के पीछे इंडेन गैस एजेंसी के पास शुक्रवार को दिनदहाड़े बीच सड़क अंजाम दिया गया। मकतूल की पहचान मो. तबरेज़ आलम उर्फ तब्बू उम्र लगभग 45 साल को अपराधियों ने गोली मार कर मौत की नींद सुला दिया। मारा गया शख्स कुख्यात अपराधी रह चुका था। इस का लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास रहा था। लेकिन वर्त्तमान में खादी पहनकर सियासत में उपस्थिति दर्ज कराने की कवायद में था। तब्बू  फ्रेजर रोड में ग्रैंड चंद्रा अपार्टमेंट में रहता था। मूल रूप से तबरेज़ जहानाबाद के गरेरियाखंड का रहनेवाला था। जहानाबाद से इसने वर्ष 2010 में विधान सभा का चुनाव भी लड़ चुका है। तबरेज़ इन दिनों ठेकेदारी करता था।                              16 साल में किया पहला कत्ल

पटना कोतवाली थाना से महज चंद कदमो की दूरी पर ताबड़तोड़ 6 गोलिया मारकर मौत की नींद सुला दिए गए मो. तबरेज आलम उर्फ तब्बू का अंडरवर्ल्ड से बेहद गहरा और नज़दीकी रिश्ता रहा था। दरसअल दोपहर के लगभग ढाई बजे थे,पटना कोतवाली थाना के पास स्थित मस्जिद से जुम्मे की नमाज अता कर बाहर निकले तबरेज़ अपनी कोतवाली थाना से महज सौ गज की दुरी पर एक गली में खड़ी सफारी गाडी की तरफ बढ़ा। तब्बू ने अभी गाड़ी का गेट खोला ही था कि तभी एक ग्रे कलर की ग्लैमर बाइक सवार दो युवक उसके पास पहुंचे और उसपर गोलियों की बौछार कर दी। हमलावरों ने एक-एक कर छह गोलिया शख्स के सीने में दाग दी और वहाँ से फरार हो गए। हमलावरों में एक ने हेलमेट पहन रखा था,जबकि दूसरे हमलावर ने टोपी लगा रखी थी। वही गोलीबारी की घटना से वहां अफरा-तफरी मच गया। घायल शख्स को आनन्-फानन में अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।तबरेज के खिलाफ जहानाबाद में हत्या और रंगदारी के कई मामले दर्ज है।
मिली जानकारी के अनुसार मारा गया तबरेज़ बेहद शातिर और दुःसाहसी था। मूल रूप से जहानाबाद के रहने वाले तबरेज़ ने 16 साल की उम्र में ही जहानाबाद में एक शख्स की हत्या कर  दी थी और फिर पुलिस के डर से भाग कर पटना शिफ्ट हो गया था। राजधानी में ही धीरे धीरे इसने जरायमपेशा लोगो से दोस्ती गाँठनी शुरू की और फिर इसके तार बाहुबली शाहाबुद्दीन से जुड़े अपराधियो के संपर्क में आया और एक शार्प शूटर की पहचान बना ली।                  असलहे संग हो गया फरार

तबरेज़ आलम उर्फ तब्बू अबतक जरायम की दुनिया का जानामाना नाम बन चूका था। शहाबुद्दीन के कथित शूटर के तौर पर पहचान बना चूका था।लेकिन वो वक्त भी जल्दी आ गया जब शहाबुद्दीन से तब्बू का 36 का रिश्ता बन गया। दरअसल मिली जानकारी के अनुसार तब्बू बाहुबली राजनेता का वर्ष 1997 में एके 47 लेकर फरार हो गया। इस बात की जानकारी होते ही बाहुबली के  शूटरों की फौज इसकी तलाश में धनबाद से लेकर रांची तक खाक छान डाली थी। पर शातिर तबरेज़ उनके हाथ नही लगा। तब से लेकर तब्बू और उस राजनेता के साथ उसके छत्तीस के आंकड़े थे। एक समय में तब्बू ने अपने इसी आका के इशारे पर दर्जनों को मौत की नींद सुला दिया था।पटना पुलिस की शुरूआती जांच में मकतूल तब्बू की पत्नी ने बताया कि तीन दिन पहले उसके पति को जान से मारने की धमकी दी मिली थी।
दरअसल, फुलवारी शरीफ के नौसा में एक ही जमीन के टुकड़े पर मो.तबरेज के अलावा बिहार शरीफ के  कुख्यात अपराधी रूमी मलिक गुट के डब्लू मुखिया, फारूख आजम और अंजार खान ने दावा ठोक रखा था। रूमी मलिक गिरोह  विवादित जमीन पर अपार्टमेंट बनवा रहे थे। जिस पर तब्बू ने 3 दिन पहले कड़ी आपत्ति जताते हुए निर्माण को बंद करवा दिया था।शमा परवीन का कहना है कि इन्हीं चारों ने मिलकर उसे पति की हत्या की है। पत्नी के बयान पर कोतवाली थाना में रूमी मलिक, डब्लू मुखिया, अंजार खान और फारुख आज़म पर नामजद एफआईआर दर्ज कर लिया गया है।

इस हत्याकांड के तार पिछले साल यानी 2017 में जहानाबाद के चर्चित रेस्टुरेंट जायका के मालिक से 2 करोड़ की रंगदारी की मांग से जुड़ा है। जिसका आॅडियो भी काफी वायरल हुआ था। इस कांड में रूमी मलिक का नाम इस्तेमाल किया गया था। जबकि रूमी उन दिनों बिहार शरीफ में बिल्कुल जरायम की दुनिया से नाता रिश्ता खत्म कर प्रॉपर्टी डीलिंग के धंधे में पटना के फुलवारी शरीफ, जहानाबाद और गया वैगरह में मुतमइन था। अपना नाम जबरिया घसीटे जाने से रूमी गुस्से से फट पड़ा और जब इस बाबत उसने अपने सूत्रों से मालूमात हासिल किया तो जानकारी मिली कि उसके नाम का इस्तेमाल किया गया है। तब से तब्बू और रूमी के बीच दुश्मनी और बढ़ गई।