Big News (Exclusive वीडियो) बिहटा के आतंक माणिक गिरोह को दो कुख्यातो को मय हथियार पटना पुलिस ने दबोचा,पकड़ा गया शूटर है डॉन का खास

पटना Live डेस्क। राजधानी पटना के बिहटा में पिछले कई महिनो  से व्यापारियों के बीच आतंक का पर्याय बना कुख्यात माणिक गिरोह के 2 कुख्यात सदस्यों को पटना पुलिस ने मय हथियार गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के वक्त दोनो अपराधी रंगदारी वसूलने पहुचे थे। हाथ में पिस्टल लेकर फोटो खिंचवाना और फिर फोटो को सोशल साइटों और व्हाट्सअप पर वायरल कर दहशत फैलाना इनके के मॉडस औरेंडी का तरीका है। डॉन बनने की चाहत है। तो बकायदा इलाके के कुख्यात बाप-बेटे के गैंग यानी मनोज-माणिक गैंग से जुड़ गए। लेकिन यही आदत महंगा साबित हुया और  दोनों शातिर अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़ गये हैं।
एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए दोनों अपराधी रवि सिंह और अजीत कुमार शंभुपुरा निवासी कुख्यात अपराधी मनोज सिंह और माणिक सिंह के खास गुर्गे हैं।।हाल के दिनों में बिहटा के कन्हौली, सदिसोपुर और नौबतपुर में रंगदारी मांग कर दहशत फैलाने का काम कर रहे थे। ये हत्या, लूट और रंगदारी कर सरेआम आसानी से घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते थे। दरअसल मनु महाराज ने एक विशेष टीम बना रखी है। टीम को रविवार को खबर मिली कि बाप-बेटा गिरोह से जुड़ा शूटर रवि व अजीत बिहटा के कन्हौली व सदिसोपुर बाजार में रंगदारी वसूलने आनेवाले है। मिली टीप ऑफ के बाद टीम के जवान मौके पर पहुचे और  दोनों को रंगदारी वसूलते धरदबोचा तो दोनों की जामा तलाशी में दोनों के पास से दो पिस्टल व चार जिंदा कारतूस बरामद किया गया। फिर जब दोनों से पुछताछ की गई तो मनोज माणिक गैंग के बाबत कई अहम सुराग पुलिस को मिले है।पिस्तौल की नोंक पर वसूलते थे सरेआम रंगदारी

दरसअल बिहटा में आतंक राज़ कायम कर रखे माणिक गिरोह मुख्यरूप से रंगदारी मांगने का काम करता है। यह गिरोह दुकानदार के पास जाकर पिस्टल की नोंक पर खुलेआम रंगदारी मांगता रहा है। गिरोह के आतंक से लोगों में खौंफ पैदा हो गया था। भयभीत और हलकान दुकानदारो और लोकल लोगों ने पहले से ही पुलिस को इस बात की शिकायत कर दी थी।
इन शिकायतों के आधार पर पुलिस माणिक गिरोह के गुर्गे की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी शुरू कर दी थी। यह बिहटा बाजार, कन्हौली बाजार और सदीसोपुर बाजार में काफी आतंक फैलाए हुए था।रविवार को पुलिस द्वारा दोनो की गिरफ्तारी के बिहटा समेत आसपास के दुकानदारों ने चैन की सांस ली है।                मनोज-माणिक यानी बाप-बेटा गैंग

पटना जिले का सबसे तेजी से विकसित हो रहे बिहटा प्रखंड में अपनी जरायम की दुनिया कायम करने वाले
बाप-बेटा गिरोह यानी कुख्यात मनोज सिंह व उसका बेटा माणिक। दोनों मिलकर जरायम की दुनिया पर एकछत्र राज कर रहे हैं।वर्त्तमान में इस कुख्यात बाप बेटे की जोड़ी वाले गैंग को माणिक ही हैंडल कर रहा है। पुलिस के हत्थे चढ़े दोनों गुर्गे भी माणिक के इशारे पर ही वारदातों के अंजाम देते आ रहे थे। गिरफ्तार रवि सिंह डॉन माणिक का बेहद चहेता है। कैसे देखियेे

डॉन माणिक के बारे में कहा जाता है कि उसने तकरीबन एक दर्जनो हत्याकांड को अंजाम दिया है।बाप-बेटा गिरोह यानी कुख्यात मनोज सिंह व उसका बेटा माणिक की तूती पटना, बिहटा,नौबतपुर व उसके आसपास के इलाकों में बोलती है।बाप-बेटे के गिरोह ने बिहार,झारखंड व यूपी तक अपना साम्राज्य फैला रखा है। कहा जाता है कि कई बड़े व्यवसायी उसके एक कॉल पर रंगदारी की रकम उसतक पहुंचा देते हैं। झारखंड व यूपी में भी उसके गुर्गे रंगदारी वसूलने का काम करते हैं।

रंगदारी वसूलते है बाप-बेटापटना,पालीगंज, बिक्रम, बिहटा, नौबतपुर व उसके आसपास के इलाकों में अपना आतंक कायम कर चुके बाप-बेटा गिरोह का खास काम रंगदारी वसूलना है। बड़े व्यवसायी उनलोगों के निशाने पर होते हैं।।गिरोह के सदस्यों द्वारा बिहटा, कन्हौली एवं सदिसोपुर इलाके में इन दिनों रंगदारी व फिरौती की मांग लगातार की जा रही थी। इसी शिकायत पर पुलिस गिरोह के सदस्यों पर लगातार नजर रख रही थी और मौका मिलते ही दो गुर्गों को धर-दबोचा गया। कुख्यात मनोज सिंह नौबतपुर थाना के शम्भूपुरा गांव का रहनेवाला है।

जरायम की दुनिया का मॉडल है और माणिक

जरायम की दुनिया का मॉडल है माणिक। जी हां, उसके साथी उसे मॉडल कहकर बुलाते हैं। अपने गिरोह में वो इसी नाम से चर्चित है। मनोज सिंह का बेटा माणिक अपने कारनामों से लगातार अपनी ताकत बढ़ा रहा है। बताया जाता है कि कहीं भी किसी पर गोली चलाने में वो उस्ताद है। बिहटा के रेमण्ड शोरूम पर भी माणिक ने ही अपने गुर्गों से ही गोली चलवायी थी। बाद में उसके चार गुर्गों को पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार किया था। पड़ोसी राज्य झारखंड के जमशेदपुर के बड़े ठीकेदार रामसकल सिंह यादव की हत्या में भी उसका नाम सामने आया था। कहा जाता है कि रंजीत चौधरी के साथ मिलकर उसने इस हत्याकांड को अंजाम दिया था। बाप-बेटा यानी कुख्यात मनोज सिंह व माणिक सिंह अभी तक फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं। हालांकि पुलिस के आलाधिकारियों का दावा है कि जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह को नेस्तनाबूद कर दिया जायेगा।