समाज मे व्याप्त ढकोसले और टूटती वर्जनाएं जहानाबाद में दो बेटियों ने पिता की अर्थी को दिया कन्धा दी मुखाग्नि

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पटना Live डेस्क। समाज में जारी रूढ़िवादिता को बिहार में करार जवाब मिल रहा है। शिक्षा के प्रसार प्रचार और बढ़ी जागरूकता अब सदियों से व्यापत तमाम ढकोसलों और वर्जनाओं को तोड़ने में मदद कर रही है। इसी कड़ी बिहार के जहानाबाद में बेटियों ने पिता की अर्थी को कंधा देकर श्मशान पहुचाया। इस घटना की चर्चा चहुओर है।
जहानाबाद के पुरानी सिविल कोर्ट के पीछे रहने वाले विनोद कुमार की मौत ब्रेन हेमरेज के कारण पटना स्थित पीएमसीएच हो गई। पटना से शव को बुधवार दोपहर जहानाबाद स्थित घर लाया गया।  पिता का शव देखकर दोनों बेटिया ज्योति और सुरुचि बेसुध पड़ गई। दोनों के आंसू रुकने का नाम नही ले रहे थे। लेकिन हालात उस वक्त बदल गए जब विनोद के शव को कंधा देने के लिए कोई बेटा नहीं था। इतना ही नहीं कोई ऐसा नहीं था जो विनोद के शव को शमशान घाट तक ले जाए। तब बेटियों ने तय किया और बेटे का फर्ज निभाते हुए पिता की अर्थी को कंधा देकर शमशान ले कर जाने लगी साथ ही पिता को  मुखाग्नि भी दी।जब इस बात की सूचना आस-पास के लोगों को मिली तब वार्ड पार्षद के पति राजीव कुमार, बाडू यादव पहुंचे और बच्चियों के साथ अर्थी को कंधा देकर जहानाबाद के गौरी घाट तक ले गये। जहां उनकी बेटियों ने अंतिम संस्कार किया।शोकाकुल बेटी ने कहा कि पापा मैं तुम्हारी जगह तो पूरी नहीं कर सकती, लेकिन तुम्हारी बेटी होने का हक जरूर अदा करूंगी। मुझे गर्व है कि मैं आपकी संतान हूँ।