Super Exclusive- (वीडियो)जेल में नशे की खेप पहुचाने का नायाब तरीका, पकड़ी गई गेंद तो खुला खेल

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पटना Live डेस्क। बिहार के तमाम जेलो में कैद दबंग कैदियों की जेल से चलने वाली सल्तनत का हर बार और कई बार खुलासा हुआ है। इसी तरह सूबे की जेल में जब भी छापेमारी मारी होती है तो गांजे की पुड़िया जरूर बरामद होती है।तब सवाल उठता आख़िर तमाम तलाशी और सतर्कता के बाद जेलों में नशीली वस्तुएं जैसे गांजा, अफीम चरस और नशे की गोलियां पहुचती कैसे है?
सिवान मंडलकारा की सूबे में अपनी एक अलग पहचान बन चुकी है। कभी जेल के अंदर से फोन पर हत्या का सुपारी दी जाती हैं तो कभी जेल के अंदर मार पीट का तो कभी कुछ और लेकिन लगातार सिवान कारा समाचार की सुर्खियों में सदैव बना रहता है। लेकिन जो खुलासा पटना Live संवाददाता विजय राज़ जो खुलासा करने जा रहे है। उसको देख आप भी सन्न रह जाएंगे। हुआ यूं कि सूबे की बेहद चर्चित मंडल जेलो में शुमार सिवान मंडल कारा परिषद के गेट के पास कारा कर्मियों को एका एक गुरुवार की दोपहर कैदियों से मुलाकात का सिलसिला खत्म ही हुआ था तभी क्रिकेट खेलने में प्रयोग होने वाली 2 गेंदे पड़ी हुई मिली हैं। यह एक असामान्य सी घटना थी लेकिन जब कारा कर्मियों बॉल को हाथों में लिया तो कुछ गड़बड़ महसूस किया।
वही जब गेट के पास बरामद दोनों गेंदों का बारीकी से देखा गया तो उसकी सिलाई टूटी हुई और फिर जुड़ी हुई दिखी। फिर क्या था गेंदों को खोला गया तो अंदर से एक गेंद में गांजा और दूसरे में नशीली दवाएं मिली तो फिर गेंदों को स्थानीय मुफस्सिल थाना पुलिस को सुपुर्द करते हुए अज्ञात कैदियों पर मामला दर्ज करा दिया गया है।

लेकिन,जेल मीनू के मताबिक ये आपत्ति जनक पदार्थ है। इसके इसका पाया जाना सिवान जेल प्रशासन पर फिर एक बार सवालिया प्रश्न चिन्ह लगाता है। ये हालात तब है जब सिवान कारा के अंदर लगातार अनीमिया और कैदियों को नशे की ओवर डोज़ की गिरफ्तार में आकर बीमार पड़ने की खबरे आ रही है। आखिकार इसका जिमेवार कौन है ? कैसे जेल के अंदर आपत्तिजनक पदार्थ पहुच रहा है? यानी नशीले पदार्थ पहुच रहे है तभी तो बरामद हो रहा है न?

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