BIG NEWS – पूर्व भाजपा उपाध्यक्ष विशेश्वर ओझा हत्याकांड के अहम गवाह की अन्धाधुन्ध फ़ायरिंग कर हत्या,इलाके में दहशत का माहौल

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पटना Live डेस्क। भोजपुर में पुलिस का खौफ अपराधियों से बिल्कुल खत्म हो चुका है। आये दिन आपराधियों की बंदूकों से निकलने वाला बारूद आवाम  लोगो की जान ले रहा है। वही भोजपुर पुलिस महज FIR दर्ज करने और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराने में मुतमइन है। इसी क्रम में शुक्रवार की अहले सुबह अपराधियों ने बिहार भाजपा के उपाध्यक्ष रहे विशेश्वर ओझा हत्याकांड के सबसे अहम गवाह को  सरेआम कत्ल कर दिया गया है। घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है।
उल्लेखनीय है कि अपराधियों द्वारा प्रदेश उपाध्यक्ष विशेश्वर ओझा की हत्या किए जाने के बहुचर्चित मामले के गवाह कमल किशोर मिश्रा को मई महिने से ही लगातार धमकी मिल रही थी। चुकी
केस में गवाही दिए जाने पर जान से मारने की धमकी मिल रही थी। इसे लेकर भयभीत गवाह कमल मिश्रा ने भोजपुर एसपी अवकाश कुमार को आवेदन देकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी। लेकिन एसपी भोजपुर ने सुरक्षा का कोई इंतजाम नही किया।
मिली जानकारी के अनुसार दिवंगत भाजपा नेता निर्मम हत्याकांड के मुख्य गवाह कमल किशोर मिश्र की बाइक सवार अपराधियों ने कारनामेपुर थाना इलाके के सोनबरसा गांव में सुबह सबेरे गोली मारकर हत्या कर दी और हथियार लहराते मौक़े से फरार हो गये। घटना के बाबत मिली जानकारी के अनुसार गांव वालों ने बताया कि कमल किशोर सुबह खेत से पशुओं के लिए चारा लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान पूर्व से घात लगाए अपराधियों ने कमल किशोर पर अन्धाधुन्ध ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस ताबड़तोड़ फायरिंग में बताया जाता है कि 2 से 3 गोलिया कमल मिश्रा को लगी और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। साथ ही बताया जा रहा है कि इस अन्धाधुन्ध फायरिंग में एक राहगीर को भी गोली लगी है। घायल दूसरे व्यक्ति को आरा सदर अस्पताल लाया गया है।

कौन थे विशेश्वर ओझा कब हुई हत्या

भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष ओझवलिया गांव के मूल निवासी भाजपा के तत्कालीन राज्यस्तरीय नेता विशेश्वर ओझा शादी में शामिल होने के लिए 12 फरवरी, 2016 को कारनामेपुर ओपी गए थे। वही सोनवर्षा गांव के पास ऑटो की आड़ में छिपे अपराधियों ने उन्हें गोलियों से भून दिया था। इसे लेकर काफी बवाल मचा था।