राजद सीटों का ‘बब्बर शेर’ तो हम नैतिक मूल्यों के ‘बब्बर शेर’:JDU

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पटना Live डेस्क.  राज्य में महागठबंधन में शामिल दो बड़े दलों की आपसी खींचतान खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. मंगलवार को तेजस्वी यादव की नीतीश कुमार के साथ बैठक के बाद इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि शायद अब विवाद खत्म हो जाए. लेकिन बैठक के एक दिन बाद ही दोनों पार्टियों की कलह एकबार फिर सतह पर आ गई. जेडीयू ने राजद के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के सामने सारी बातें रख दी और अब मामला सुलझ गया है. जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि, “नीतीश कुमार और तेजस्वी के बीच हुई बैठक में क्या बात हुई इस बारे में किसी को कुछ नहीं पता है. जो इस बात का दावा कर रहे हैं कि चीजें खत्म हो गई हैं वो सरासर गलत कह रहे हैं”. नीरज कुमार ने कहा कि जेडीयू ने तेजस्वी यादव से कुछ सवालों का जवाब मांगे थे,लेकिन लालू ने शिवानंद तिवारी को तेजस्वी के बदले जवाब देने के लिए कहा है. सवालिय लहजे में नीरज कुमार ने पूछा कि आखिर शिवानंद तिवारी तेजस्वी के बदले जवाब क्यों देंगे? जेडीयू नेता ने कहा कि शिवानंद तिवारी राज्यसभा जाने के लिए बेताब हैं और इसी वजह से वो लालू के करीब बने हुए हैं. नीरज कुमार ने दावा किया कि साल 2015 में जेडीयू ने महागठबंधन के लिए अपनी सीटें कुर्बान की थी और आरजेडी को इस बात को नहीं भूलना चाहिए. जेडीयू नेता ने कहा कि, आरजेडी संख्या के आधार पर महगठबंधन में ‘बब्बर शेर’ हो सकती है लेकिन नैतिक मूल्यों में हम ‘बब्बर शेर’ हैं. जेडीयू नेता ने कहा कि राजद को 80 सीटों का घमंड दिखाने की बजाए तेजस्वी यादव के ऊपर लगे आरोपों को तथ्यों से साफ करना चाहिए.

बता दें कि सीबीआई की छापेमारी और नामजद होने के बाद जेडीयू ने तेजस्वी यादव के इस्तीफे को लेकर दवाब बनाया है. जेडीयू ने इस मामले में आरजेडी से तेजस्वी को लेकर कार्रवाई करने की बात कही है वहीं राजद ने एकसुर के तेजस्वी के इस्तीफे से इनकार किया है. लालू प्रसाद ने भी कहा है कि इस मामले में तेजस्वी के इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता. दरअसल आरोपों-प्रत्यारोपों के इस दौर में मनेर से राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा था कि उनकी पार्टी के पास 80 विधायक हैं और वो जैसा चाहेंगे वैसा होगा.

 

 

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