सूबे से खत्म होगा बाल विवाह और दहेज प्रथा,सामाजिक बुराईयों को खत्म करने का सीएम का आह्वान

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पटना Live डेस्क. समाज की दो बड़ी बुराइयों को खत्म करने का आह्वान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गांधी जयंती के दिन किया..बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ महाभियान का आगाज करते हुए राजधानी पटना के अशोका कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बाल विवाह की दर 39 प्रतिशत है जबकि पूरे देश मे इसका प्रतिशत 26.8 है…नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार सरकार बाल विवाह और दहेज विरोधी अभियान के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग सिस्टम तैयार करेगी…बाल विवाह और दहेज प्रथा को रोकने के लिए शराबबंदी के बाद समाज सुधार की दिशा में बिहार सरकार का यह बड़ा कदम है…

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार ने शराबबंदी का जो अभियान चलाया उससे समाज में बदलाव आया है.. लोग खुशहाल हैं… महिलाओं की आवाज पर इस अभियान की शुरूआत की तो लोगों ने इसका मजाक उड़ाया, लेकिन मुझे विश्वास नहीं होता कि कुछ लोग शराब को अपना अधिकार समझते हैं, अपनी आजादी से जोड़कर देखते हैं..

एेसे लोगों को कम से कम यह सोचना चाहिए कि इसकी लत की वजह से लाखों लोगों के घर बर्बाद हो गए, कितने लोगों को दो जून का खाना नसीब नहीं होता था.. शराबबंदी कर एेेसे घरों में खुशहाली लौट आई है क्या यह बदलाव कम है.. जो लोग इसे अपना मौलिक अधिकार समझते हैं उन्हें तो देश की सर्वोच्च न्यायालय ने भी बता दिया है कि शराब का सेवन किसी का मौलिक अधिकार नहीं…

सीएम ने कहा कि शराबबंदी कर हमने जो सामाजिक परिवर्तन की बुनियाद रखी है उसे पूरी दुनिया ने सराहा है इसे हमें और आगे लेकर जाना है.. उन्होंने कहा कि अब दहेज प्रथा और बाल विवाह पर लगाम लगाना जरूरी है.. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाल विवाह और दहेज विरोधी अभियान के लिए एक स्टैंडर्ड अॉपरेटिंग सिस्टम तैयार करेगी…

समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि बिहार में आज से एक बड़ा सामाजिक आंदोलन शुरू हो रहा है…. दहेजबंदी और बाल विवाह पर रोक… उन्होंने कहा कि वैदिक काल मे ना तो बाल विवाह होता था और ना ही दहेज की प्रथा थी…

उन्होंने कहा कि यदि किसी पंचायत में बाल विवाह होता है तो उस पंचायत का मुखिया ही इसके लिए जिम्मेवार हो, एेसा कानून बनाना चाहिए.. उन्होंने कहा कि,हम संकल्प लें ….हम जहां भी रहते हैं वहां बाल विवाह नहीं  होने देंगे ….यदि ऐसा हुआ तो 2 साल के अंदर बाल विवाह बिहार से खत्म हो जायेगा…

उपमुख्यमंत्री  ने बताया कि जेपी आंदोलन के समय हमलोगों ने संकल्प लिया था कि दहेज से होने वाली शादी में नहीं जायेंगे, लेकिन विधायक बनने के बाद चुनाव हारने के डर से हम शादियों में जाने लगे..

वहीं आज गांधी जयंती के मौके पर राज्यभर के लोग यह संकल्प लेंगे कि ऐसे किसी आयोजन में शामिल नहीं होंगे जहां बाल विवाह किया जा रहा हो… साथ ही ऐसे शादी समारोह का पूरी तरह बहिष्कार करेंगे जिसमें दहेज का लेन देन हुआ हो… बाल विवाह और दहेज की लेन देन सामाजिक बुराई और कानूनी अपराध है..

राज्य मुख्यालय के साथ साथ सभी जिलों में भी एक साथ इसको लेकर कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं.. जिलों को इस संबंध में दिशा निर्देश भी दिए गए हैं…

इस अवसर पर पूरे बिहार में जागरूकता अभियान  चलाया जा रहा है.. और इसके लिए बने कानून को सख्ती से लागू किया जाएगा.. ताकि समाज में व्याप्त दोनों बुराईयों को जड़ से मिटाया जा सके…