‘विशेष राज्य की मांग को केंद्र ने किया खारिज,अब सीएम जनता को क्या जवाब देंगे’-पप्पू यादव

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पटना Live डेस्क. जन अधिकार पार्टी के संरक्षक और सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग खारिज कर दी है… मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब जनता को क्या जवाब देंगे? पटना में पत्रकारों से चर्चा में करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्रीय योजना राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने उनके एक पत्र के जवाब में सूचित किया है कि पिछड़े राज्यों के लिए बने मानदंड के अनुसार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देना संभव नहीं है… यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव में विशेष राज्य के दर्जे को मुख्य मुद्दा बनाया था, लेकिन अब केंद्र सरकार ने इसे खारिज कर दिया है… उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि अब मुख्यमंत्री 11 करोड़ जनता को क्या जवाब देंगे?

सांसद ने बिहार को विशेष पैकेज देने की मांग करते हुए कहा, “बिहार में कृषि आधारित उद्योगों के लिए आधारभूत संरचनाओं का विकास के लिए बिहार को विशेष पैकेज दिया जाना चाहिए… फरक्का बैराज के पुनर्निर्माण और भीमनगर बांध के निर्माण के लिए विशेष व्यवस्था करनी चाहिए…इससे पहले मधेपुरा से सांसद पप्पू यादव ने राज्य को विशेष राज्य संबंधी प्रश्न को लेकर पीएमओ को पत्र भेजा था..पत्र के जवाब में केंद्रीय योजना मंत्री ने लिखा है कि 14वें वित्त आयोग ने सभी राज्यों को समस्तरीय अंतरण का एक समान फार्मूला दिया.. संघ सरकार ने 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया.. इसमें संघीय बजट 2015-16 से विवेकाधिकार का उपयोग कर किए जाने वाले अंतर को कम करने का निर्णय भी शामिल है.. मंत्री ने कहा है कि इसी प्रकार 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करने के निर्णय में रघुराम राजन समिति की सिफारिशों को भी समायोजित कर लिया गया है…

मंत्री ने कहा है कि सामान्य श्रेणी के राज्यों और विशेष श्रेणी के राज्यों के बीच कोई विभेद नहीं किया गया है.. इसमें केन्द्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 32 से बढ़ाकर 42 कर दी गई है.. इससे राज्यों के लिए अधिक असंबद्ध संसाधन उपलब्ध हुए हैं..