Super Exclusive (सीसीटीवी फुटेज) अजय वर्मा और कुल एक दर्जन बदमाश, घंटो का इंतज़ार बम का झोला, बाइक सवार और वो कुख्यात ……दिलेर ड्राइवर

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बृजभूषण कुमार,ब्यूरो प्रमुख, पटना सिटी  

पटना Live डेस्क। तारीख -29 नवम्बर, दिन-बुधवार
समय -लगभग साढ़े बारह बजे,स्थान- गुलाबी घाट चौराहा पर अचानक गोली चलने से अफरातफरी मच गई, लोग बाग कुछ समझ पाते इससे पहले इसी बीच बड़ी तेजी से एक काले रंग की सफारी गाड़ी बेलगाम रफ्तार से बिजली के पोल से टकराते एक गाड़ी को बैक में ही टक्कर मारते हुए बेलगाम हालात में दौड़ पड़ी।
ये कोई फिल्मी सीन नही था बल्कि हक़ीक़त में घटी घटना थी और गोलीबारी का निशाना बने अजय वर्मा। अजय अपने घर से सफारी गाड़ी पर सवार होकर पेशी के लिए सिविल कोर्ट जाने को निकले थे। सफारी उनका विश्वस्त सहयोगी ड्राइवर पंकज चला रहा था। वह बायी ओर बैठे था और पीछे की सीट पर उसका साथी राकेश बैठा था।अजय की गाड़ी जैसे ही घघा घाट स्थित घर से महज कुछ दूरी पहुची ही थी कि सुलतानगंज थाना क्षेत्र के गुलबी घाट चौराहा के पास पहले से घात लगाए बैठे अपराधियों की हमलावर टोली में शामिल रहे बाइक पर सवार 3 की संख्या में रहे शूटरों ने उनकी गाड़ी रोकवायी और अजय को प्रणाम किया। जैसे ही गाड़ी धीरे हुई युवकों में से एक ने फौरन हथियार निकाल कर अजय वर्मा पर निशाना साधते हुए  फायरिंग कर दी। गोली उसके गर्दन में लग गई।अजय को लहुलूहान देख ड्राइवर पंकज ने हिम्मत दिखाते हुए गाड़ी को तेजी से भगाया और सामने पोल में टक्कर मारी फिर बैक में पीछे खड़ी गाडी को टक्कर मारी इस दौरान हमलावर अचानक हुई इस घटना से अकचका गए और फिर ड्राइवर ने बडी तेजी से गाड़ी को घटना स्थल से भगा ले जाने में सफल हो गया। घायल अजय को लेकर ड्राइवर सफारी को बेतहाशा रफ्तार में चलाता हुए सीधे पीएमसीएच जा पहुंचा।.                              राजधानी पटना में 29 नवम्बर को दोपहर में अपराधियों ने पुलिस को खुली चुनौती देते हुए अजय वर्मा के ऊपर हत्या की नियत से फायरिंग कर दी। हमले घायल अजय वर्मा को पहले पीएमसीएच और फिर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।गोली उनके गले में लगी थी। हालांकि ये घटना अपराधियों के आपसी वर्चस्व का नतीजा है।अजय वर्मा पर भी दो दर्जन से आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वही  वर्त्तमान में अपराध की दुनिया से दूरी बनाकर अजय अब समाजसेवा और सियासत में सक्रिय है। साथ ही विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं से जुड़े है। साथ ही चित्रगुप्त समाज के एक संस्थान में पदाधिकारी भी है। वही, खुरेजी की इस घटना में घायल होकर वर्त्तमान में गोली लगने के बाद बेहतर इलाज खातिर दिल्ली प्रस्थान कर गए है। पटना Live ने इस हमले की तस्वीरें सबसे पहले हमले अपने पाठकों और दर्शकों को दिखाई थी …देखिये

पूरी तैयारी से पहुचे थे हमलावर                                                         सरेआम अजय वर्मा को उनके घर के समीप मार गिराने की नीयत से इस दुःसाहसिक घटना को अंजाम देने खातिर हमलावर अपराधियों की टोली ने मुकम्मल तैयारी की थी। शूटरों द्वारा अजय पर गोलीबारी के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने खातिर भी बैकअप खातिर भी अपराधी मौका-ए-वारदात पर मौजूद थे। साथ ही कांड को अंजाम देकर शूटरों को घटना स्थल से सही सलामत फरार होने ने मदद खातिर बम पटकर दहशत फैलाने की  भी तैयारी की गई थी। पटना पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज से भी इस बात की पुष्टी होती है।अजय वर्मा को कत्ल करने की नियत से हुए कातिलाना हमलें को अंजाम देने से तकरीबन डेढ़ दो घंटे पहले से ही हमलावरों की टोली गुलाबी घाट के शमशान घाट जाने वाले रास्ते पर 2-3 की संख्या में गुट बनाकर तकरीबन कुल मिलाकर एक दर्जन से ज्यादा लोग फैले थे।जो लगातार इधर उधर मडरा रहे थे।सीसीटीवी से खुले राज़                                        वही, बात अगर पटना पुलिस को हमले के बाद मिले बेहद अहम सुराग यानी सीसीटीवी फुटेज की करे तो सब कुछ साफ साफ दिखता है।इस कांड में कुल एक दर्जन लोग चिन्हित होते जो वर्मा पर हमले को अंजाम देने में संलिप्त दिखते है। साथ ही इस बात की भी पुष्टी होती है कि अपराधियों के हमलावर दस्ते में एक व्यक्ति काले रंग का बैग भी लिए दिखता है। बैंग में बम रखे होने अन्देशा है।
पुलिस को मिले सीसीटीवी में सबसे पहले एक युवक बहुत तेजी से जाता दिखता है। आगे बढ़ता है तो एक मकान के पास से गुुुजरते वक्त अपना चेहरा छुपा लेता है इससे स्पष्ट होता है कि उसे मालूम है कि वो सीसीटीवी में कैद हो सकता है। यानी उसे मालूम है कि गली के किस मकान में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है।इससे यह स्पष्ट होता है कि अपराधियों का यह दल हमला करने से पहले बेहद बारीकी से गली में रेकी कर चुका था या फिर वो लोकल है जो सबकुछ जानता है।खैर,फिर उसके ठीक पीछे एक टोपी पहने व्यक्ति आता दिखता है। फिर एक एक कर सभी दर्ज़न भर अपराधी अजय वर्मा पर हमले के बाद घटना स्थल से पैदल ही निकल जाते है। वही बाइक सवार शूटर और हमलावर भी हेलमेट पहनकर इस फुटेज में जाते दिखते है। देखिये वो…कैसे एक एक कर हमलवार टोली हमले के बाद फरार हुए …

20 दिन बाद भी पटना पुलिस खाली हाथ             अजय वर्मा पर कातिलाना हमला करने के बाद भागने के दौरान सभी अपराधियों की फुटेज घटना के बाद पटना पुलिस को हासिल हो गई है। इस फुटेज के सहारे पटना पुलिस ने कांड में शामिल सभी अपराधियों की पहचान भी कर ली है। लेकिन,घटना के 20 दिन बाद भी पुलिस के हाथ अब भी खाली है। अबतक किसी भी अपराधी की गिरफ्तारी नही हो पाई है।