सिपाही वर्दी घोटाले में पूर्व आईजी रामचंद्र खां दोषी करार,सीबीआई कोर्ट ने सुनाई तीन साल की सजा

पटना Live डेस्क. सिपाही वर्दी घोटाले में रांची की सीबीआई कोर्ट ने बिहार के पूर्व आईजी रामचंद्र खां को दोषी करार दिया है…कोर्ट ने रामचंद्र खां को तीन साल की सजा सुनाई है….उनके साथ तीन अन्य आरोपियों को भी तीन-तीन साल की सजा सुनाई गई है…इस मामले में कुल दस आरोपी थे जिनमें छह की मौत हो चुकी है…अस्सी के दशक में हुए इस वर्दी घोटाले में उंचे दामों पर वर्दी खरीदकर 44 लाख रुपए का घोटाला किया गया था जिसमें रामचंद्र खां सहित दस लोगों को आरोपी बनाया गया था…वर्दी घोटाले का मामला सामने आने के बाद  2014 में इस केस में रामचंद्र खां की गिरफ्तारी हुई थी… इस मामले की सुनवाई रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में चल रही थी.. पूर्व आईजी जमानत पर थे.. लेकिन सुनवाई के क्रम में वे अदालत में पेश नहीं हुए.. कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया और उनकी जमानत रद्द कर दी थी.. साथ ही उनकी गिरफ्तारी के लिए वारंट भी जारी किया गया था.. उनके फरार रहने से इस मामले की सुनवाई रुक गई थी…

बिहार में पहले सिपाहियों को वर्दी दी जाती थी.. वर्ष 1983 से 84 के बीच ऐसी खरीदारी की गई जिसमें स्वीकृत दर से अधिक पर वर्दी की खरीद की गई थी… उस दौरान रामचंद्र खां एआईजी बजट के पद पर तैनात थे… उन्होंने इस खरीद को मंजूरी दी थी.. मामला सामने आने के बाद सरकार ने 1986 में जांच सीबीआई को सौंप दी… काफी समय तक जांच के बाद रामचंद्र खां सहित 9 लोगों को सीबीआई ने आरोपी बनाया था..

सीबीआई ने कानून की धारा 120 बी, 420 और 468 के तहत केस दर्ज किए थे.. जांच में 34 लाख की हेराफेरी पकड़ी थी.. सिर्फ दस लाख की ही वर्दी की खरीददारी के प्रमाण मिले.. जबकि खरीद 44 लाख की दिखाई गई थी..