(वीडियो) बिहार बोर्ड की लापरवाही का चरम,  42000 बच्चो का भविष्य लटका आधार में, कॉपियां चोरी मामले में प्राचार्य गिरफ्तार

Patna Live डेस्क। बिहार की शिक्षा में 10वीं और 12वीं की परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी जिस बोर्ड को दी गई है उसके कारनामो ने शिक्षा व्यवस्था की भद्द पीट कर रख दी है। हर साल और बार बार लगातार का नया कारनामा सामने आया है।बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) के इस नए कारनामे ने 42000 हजार छात्रों का भविष्य अधर में लटका दिया है। न केवल कॉपिया चोरी चली गई है बल्कि बोर्ड के कार्यक्रलाप और त्रुटिरहित परीक्षा आयोजन के दावो की पुनः एक बार धज़्ज़िया उड़ाकर रख दी है।दरअसल ये घटना से बिहार बोर्ड की कार्यशैली पर तो सवाल उठ ही रहे हैं। बिहार के स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रश्नचिन्ह लग गया है। यह सीधे सीधे बच्चो के भविष्य के साथ खिलवाड़ जैसा है।
मामला बिहार बोर्ड द्वारा मैट्रिक रिजल्ट से जुड़ा है। मैट्रिक के करीब 42 हजार स्टूडेंट्स की आंसरशीट गायब हो गई है। इन आंसरशीट्स को मूल्यांकन के बाद गोपालगंज के एक स्कूल के स्ट्रांग रूम में रखा गया था।इस मामले में गोपालगंज के नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। यहमामला गोपालगंज के एस एस बालिका इंटर स्तरीय स्कूल का है। स्कूल के प्रिंसिपल प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने नगर थाना में कांड संख्या 265/18 के अंतर्गत मामला दर्ज कराया है।इसमें विभिन्न विषयों के 213 बंडल  मूल्यांकित आंसरशीट के स्ट्रांग रूम से गायब होने की बात कही गई है।ये कॉपियां नवादा समेत अन्य जिलों के स्कूल की बताई गई है। स्कूल के प्रिंसिपल प्रमोद श्रीवास्तव के अनुसार वे कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) के निवासी हैं। ईद की छुट्टियों के दौरान अपने घर गए हुए थे  इसी बीच 15 जून को सुजीत कुमार नाम के बिहार बोर्ड के एक कर्मचारी का उन्हें फोन आया।उन्हें फोन पर कहा गया कि बोर्ड ने कुछ आंसरशीट्स की मांग की है। इसके लिए वे इसी दिन अपने घर से गोपालगंज पहुंचे और आंसरशीट्स की खोजबीन की।

                      इसी क्रम में खोजने पर कई आंसरशीट्स नहीं मिली और पता चला कि कॉपियां तो गायब है बोर्ड के उक्त कर्मचारी मिल चुकी कापियां लेकर चले गए।साथ ही नहीं मिली कापियां जल्द खोजकर भेजने का आग्रह किया। श्रीवास्तव ने बताया है कि बाद में इसी खोजबीन के क्रम में स्ट्रांग रूम से 213 बंडल कापियां गायब पायी गई हैं। उन्होंने बताया कि विगत 5 अप्रैल को ही कापियों की जांच कर उन्हें स्ट्रांग रूम में सील कर रख दिया गया था।इस पूरे घटना के बाद BSEB इस मामले को गंभीरता से लिया और प्राचार्य से बिहार बोर्ड पूछताछ के लिए बकाए गए प्राचार्य को घंटो बिहार बोर्ड में रहने के बादकोतवाली पुलिस मौके पर आई और प्राचार्य को गिरफ्तार किया गया। जब मीडिया ने प्रमोद कुमार से जानकारी लेने की कोशिश की तो उनका स्पष्ट कहना रहा कि मैं बेकसूर हूँ। प्राचार्य को गिरफ्तार कर गोपालगंज पुलिस साथ ले गई।