सुशासन का सच देखिये …. कई मामले में फरार होने के बाद भी ज़मानत पर बाहर निकल गया हेलियस का चेयरमैन संजय सिंह

पटना Live डेस्क। सूबे में महागठबंधन की सरकार है। दावा सुशासन का है। पर ज़मीनी हक़ीक़त क्या है ये आप को हम बताते है।

उल्लेखनीय है कि बिहार के बेहद चर्चित नॉन बैंकिंग घोटाले में नामज़द और लाखों निवेशकों का करोड़ों रूपये हड़पने वाले हेलियस ग्रुप के चेयरमैन संजय सिंह को एसआईटी ने पिछले सप्ताह यानी 5 दिन पहले गुरुवार को गिरफ्तार किया। मामला बाढ़ एवं कोतवाली थाना के कई मामलों में संजय सिंह वर्षों से फरार था। जोनल आईजी नैयर हसनैन खां ने कोतवाली थाने का निरीक्षण के दौरान पाया था कि हेलियस ग्रुप के चेयरमैन संजय सिंह के खिलाफ कोर्ट से वारंट निर्गत हैं। वहीं यह भी जानकारी आईजी को मिली थीं की बाढ़ थाना कांड संख्या 215 /98 ,दलित उत्पीड़न मामले में संजय सिंह वर्षों से फरार हैं और पुलिस ने फरार घोषित करते हुये चार्जशीट दाखिल कर चुकी हैं।


उच्च अधिकारियों द्वारा मील दिशा निर्देश पर एसआईटी ने संजय सिंह की गिरफ्तारी की कोशिश शुरू की तो सूत्रों से सूचना मिली की संजय सिंह, हाईकोर्ट पटना से जुड़े एक मामले में सुनवाई के लिए गुरुवार को पटना आनेवाला हैं। हाईकोर्ट में जैसे ही संजय सिंह ने प्रवेश किया सभी पुलिसकर्मी सजग हो गये। खुद पटना एसएसपी मामले पर निगरानी रखें हुये थे। जैसे ही संजय सिंह हाईकोर्ट की कार्रवाई समाप्त कर गेट से बाहर निकला की एसआईटी ने संजय सिंह को दबोच लिया था।गिरफ्तार  संजय सिंह को गिरफ्तारी के अगले दिन यानी शुक्रवार को ही एक मामले 567/99 में पटना कोर्ट ने ज़मानत दे दी थी। वही दूसरे मामले दानापुर कांड संख्या -486/16 में मिली आज यानी मंगलवार को ज़मानत तब मिली जब दोनो इंनवेस्टर का रूपये लौटाया गया।
संजय के खिलाफ राजधानी के कई थाने में मामले लंबित है। साथ ही अभी भी संजय पर कई मामले दर्ज है। साथ ही बाढ़ थाना कांड संख्या 215 /98 ,दलित उत्पीड़न मामले में संजय सिंह वर्षों से फरार हैं और पुलिस ने फरार घोषित करते हुये चार्जशीट दाखिल कर चुकी हैं। वही जेल से ही निखील प्रियदर्शन ने रूपसपुर थाने में करोड़ों के ठगी का मामला दर्ज कराया था। इस मामले में भी समय पर प्रोडक्शन नही लगने से संजय सिंह जमानत मिलने के बाद बाहर निकल गया है।