जानिए बीजेपी प्रवक्ता राजीव रंजन के किस एलान के बाद चढ़ा जेडीयू का पारा,और जेडीयू ने दिलायी अतीत की याद

पटना Live डेस्क. राजनीति में एक कहावत बड़ी सटीक है..कहा जाता है कि इसमें सबकुछ बहुत दिनों तक आराम से नहीं चल सकता..खबरों की सुर्खियां बनने के लिए कुछ न कुछ करना ही पड़ता है..बिहार में सत्ता बदली जेडीयू और बीजेपी फिर से एक हो गए…शासन भी आराम से चल रहा है लेकिन बीजेपी नेता राजीव रंजन के एक शगूफे ने अंदरखाने में ही बीजेपी और जेडीयू की बीच की राजनीति को गरमा दिया है..चुंकि गठबंधन है इसलिए दोनों दल इस मसले पर खुलकर कुछ नहीं बोल रहे हैं..लेकिन राजीव रंजन के एक फैसले ने दोनों दलों के नेताओं की धड़कनें जरुर तेज कर दी हैं…बीजेपी प्रवक्ता और पूर्व एमएलसी राजीव रंजन ने पटना में कुर्मी सम्मेलन करने का एलान कर दिया है…जाहिर है राजीव रंजन के इस एलाने के बाद जेडीयू नेताओं में बेचैनी स्वाभाविक थी..कारण कि प्रेदश के मुखिया कुर्मी समाज से आते हैं और पार्टी का मानना है कि कुर्मी जाति उनका परंपरागत वोटर रहा है…सो जेडीयू को राजीव रंजन की यह बात नागवार गुजरी और पार्टी ने बिना समय बिताए राजीव रंजन पर तीखा हमला किया…और उन्हें अतीत की याद दिलायी…लेकिन राजीव रंजन का दावा कुछ और है…वो कहते हैं कि कुर्मी समाज बीजेपी का वोट बैंक रहा है…और यूपी विधानसभा में भी इस समाज के लोगों ने बीजेपी को शत प्रतिशत वोट किया था…

बीजेपी के प्रवक्ता राजीव रंजन ने दावा किया कि बिहार में कुर्मी समाज तीन भागों में बंटा हुआ है. कुर्मी समाज को एकत्रित करने के लिए वे 5 नवंबर को सरदार पटेल की जंयती के मौके पर पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में कुर्मी सम्मेनल का आयोजन किया जाएगा…हालांकि राजीव रंजन ने यह साफ कर दिया कि यह उनका व्यक्तिगत आयोजन है और इससे बीजेपी का कोई लेना-देना नहीं है…उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में बीजेपी के नेता भी हिस्सा लेंगे…

वहीं राजीव रंजन की कुर्मी सम्मेलन पर जेडीयू ने पलटवार किया है… जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि राजीव रंजन को किसने विधायक बनाया था वो ये भूल गए… नीतीश कुमार किसी एक जाति के नेता नहीं है. कौन क्या कर रहा है इससे कोई फर्क नही पड़ता है.

बीजेपी प्रवक्ता की कुर्मी सम्मेलन की घोषणा के बाद अब ये कयास लगाये जा रहे हैं कि क्या वाकई बीजेपी नीतीश कुमार के वोट बैंक में सेंध लगाना चाहती है या फिर सिर्फ बीजेपी के नेता ने सुर्खियों में बने रहने के लिए बयान हैं. राजीव रंजन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा से आते हैं जहां कुर्मी की अच्छी आबादी है.