तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सूबे के राजनीतिक दलों ने किया स्वागत,मुस्लिम महिलाओं ने भी जताई खुशी

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पटना Live डेस्क. मुस्लिम महिलाओं में ट्रिपल तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला आया है. कोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक करार देते हुए इसपर छह महीने की रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस मसले पर कानून बनाने को कहा है. वहीं सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लेकर राज्य में भी मिली-जिली प्रतिक्रियाएं आयी हैं. इस फैसले का अलग-अलग राजनीतिक दलों ने स्वागत किया है. बीजेपी नेता और सूबे के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने इसे एक अभूतपूर्व फैसला बताया है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाओ के लिए यह फैसला बेहद जरुरी था. वहीं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने इस फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है. लालू प्रसाद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 6 महीने की रोक लगायी है, अभी फैसले का पूरा अध्ययन नहीं किया है. लालू यादव की पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी सुप्रीम कोर्ट के तीन तलाक के फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि इस मामले में  ‘अब गेंद केंद्र सरकार के पाले में है.

तीन तलाक के मसले पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का कांग्रेस ने भी स्वागत किया है. बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता एचके वर्मा ने कहा कि देश संविधान से चलता है. केंद्र सरकार को कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए कानून बनाना चाहिये.

वहीं बिहार के मुस्लिम समुदायों और महिलाओं ने खुशी जाहिर की है. मुस्लिम महिलाओं के बीच काफी खुशी देखी जा रही है. उन्होंने इस फैसले का स्वागत किया है.

सुप्रीम कोर्ट ने उम्मीद जताई कि केंद्र जो कानून बनाएगा उसमें मुस्लिम संगठनों और शरिया कानून संबंधी चिंताओं का खयाल रखा जाएगा. केंद्र ने राजनीतिक दलों से अपने मतभेदों को दरकिनार रखने और तीन तलाक के संबंध में कानून बनाने में केन्द्र की मदद करने को कहा है.

कोर्ट ने कहा कि अगर छह महीने में कानून नहीं बनाया जाता है तो तीन तलाक पर शीर्ष अदालत का आदेश जारी रहेगा. कोर्ट ने कहा कि इस्लामिक देशों में तीन तलाक खत्म किए जाने का हवाला दिया और पूछा कि स्वतंत्र भारत इससे निजात क्यों नहीं पा सकता? कोर्ट में 3 जज इसे अंसवैधानिक घोषित करने के पक्ष में थे, वहीं 2 जज इसके पक्ष में नहीं थे.