अनन्त सिह की रिहाई में फसा पेंच अभी रहेंगे बेउर में कैद

पटना Live डेस्क। मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें कम होने का नाम नही ले रही है।सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद विधायक के जल्द जेल से बाहर आने को लेकर समर्थकों में उत्साह का माहौल था। चुकी राज्य सरकार की ओर से अनंत सिंह के खिलाफ लगाए गए सीसीए प्रस्ताव को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इससे उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया था। निर्दलीय विधायक के समर्थकों का दावा था कि फिलहाल कोई मामला जमानत के लिए लंबित नहीं है। तीन महीने पहले ही सभी मामलों में अनंत सिंह को जमानत हो गई थी। इस लिए अनन्त सिह उर्फ छोटे सरकार की रिहाई की ज़ोरदार तैयारिया समर्थकों द्वारा की जा रही थी।
लेकिन गया जिले के खिंजसराय थाना कांड संख्या 33/15 में ज़मानत नही मिलने के कारण फ़िलहाल बाहुबली अनंत सिंह को अभी जेल में कुछ वक्त गुजरना पड़ेगा। यह मामला पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से जुड़ा है। पूर्व सीएम जीतन राम मांझी के खिलाफ अपशब्द और जातिसूचक शब्द कहने के मामले में मोकामा विधायक अनंत सिंह के खिलाफ प्रोडक्टशन वारंट जारी हुआ है। मंगलवार को गया की एससीएसटी कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट जारी हुआ। वारंट की कॉपी बेऊर जेल को भिजवा दी गई है। जिससे इस मामले में कोर्ट के समक्ष सुनवाई के लिए उनकी पेशी हो सके। 28 अप्रैल को इस मामले में सुनवाई होनी है। दरअसल इस केस के जांचकर्ता नीमचक बथानी डीएसपी विजय कुमार ने कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट के लिए प्रार्थना की थी। मंगलवार एससीएसटी कोर्ट के प्रभारी जज सच्चिानंद सिंह ने विभिन्न प्रकार के साक्ष्य जैसे बयान की सीडी, केस डायरी आदि देखने के बाद प्रोडेक्शन वारंट जारी किया। गया के महकार गांव के रहने वाले जीतन राम मांझी का भगिना उपेन्द्र मांझी ने खिजरसराय थाना में अनंत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज (33/15) कराया था। अपनी शिकायत में उन्होंने कहा था कि 11 फरवरी 2015 को नेशनल और रीजनल चैनल पर विधायक अनंत सिंह ने मेरे मामा जीतन राम मांझी के खिलाफ जातिसूचक शब्द, गाली गलौज और जान से मारने की धमकी दी है। विधायक जी की आपराधिक पृष्ठभूमि को देख कर हमलोग आहत और प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं। जिस समय यह केस दर्ज किया गया था जीतन राम मांझी बिहार के मुख्यमंत्री थे। नीमचक बथानी डीएसपी ने बताया कि 28 अप्रैल को मामले की सुनवाई के दौरान बेऊर जेल प्रशासन द्वारा अनंत सिंह को गया लाने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि पटना जिला प्रशासन द्वारा सीसीए के लगाये जाने के कारण अनंत सिंह बेउर जेल में कैद थे। 17 जून 2015 को बाढ़ के पुटूस यादव की हत्या के बाद अनंत सिंह पर कार्रवाई हुई थी। उन्हें 24 जून को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। विधायक को तमाम मामलों में जमानत मिलने के बाद पिछले साल सितंबर में एसएसपी मनु महाराज के प्रतिवेदन के आधार पर जिलाधिकारी संजय अग्रवाल ने सीसीए लगाए जाने का आदेश पारित किया था। जिला प्रशासन के सीसीए प्रस्ताव को राज्य सरकार के गृह विभाग तथा पटना उच्च न्यायालय की एडवाइजरी कमेटी ने भी अनुमोदित किया था। राज्य सरकार द्वारा सीसीए लगाए जाने के फैसले को पटना हाईकोर्ट में विधायक द्वारा चुनौती दी गई थी लेकिन हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के फैसले को कायम रखा था। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अनंत सिंह सुप्रीम कोर्ट गए। जहां से उन्हें राहत मिली।