यौवन शोषण मामले में निखिल प्रियदर्शी को मिली बडी राहत,पास्को नही एसी एसटी कोर्ट करेगा मामले की सुवाई

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पटना Live डेस्क। सूबे के बहुचर्चित कांग्रेस के पूर्व मंत्री की बेटी के साथ यौन शोषण मामले में मुख्य आरोपी निखिल प्रियेदर्शी समेत अन्य आरोपियों की बड़ी राहत मिली है। अब इस मामले का टॉयल एसटी एसी कोर्ट में ही चलेगा। यानी पोस्को के बेहद सख्त कानूनी धाराओं से निखिल को मुक्ति मिलता प्रतीत हो रहा है।
पीड़िता द्वारा खुद को नाबालिक बताते हुए पोस्को के तहत मामले का टॉयल करने की याचिका को जिला जज को खारिज कर दिया। इधर ,पीड़िता द्वारा उम्र के बाबत पेश की गई फर्जी टीसी के मिलने के बाद एसआईटी मामले की जांच एवं कार्रवाई में बेहद सक्रियता के साथ इस फर्ज़ीवाड़े को खांगलने में जुट गयी हैं ।
सनद रहे कि पूर्व मंत्री की बेटी ने पटना के एससी/एसटी थाने में कारोबारी निखिल प्रियदर्शी सहित कई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आवेदन में पूर्व मंत्री की बेटी ने अपने आप को नाबालिग बताया था। इस आधार पर पोक्सो की धारा के तहत कांड संख्या 26 /2016 अंकित हुई थीं। कांड के अनुसंधानकर्ता ने एससी/एसटी कोर्ट में एफआईआर को सुनवाई के लिए पेश किया था।
इस दौरान पूर्व पीड़िता ने अपने मामले की सुनवाई पोक्सो कोर्ट में कराने के लिए जिला जज के यहां ट्रांसफर पर्टिशन भी फाइल करते हुए माननीय कोर्ट से अनुरोध किया था कि चुकी मैं घटना के वक्त नाबालिक थी मेरे केस का ट्रायल स्पेशल पोक्सो कोर्ट मेंकी जाएं। इस बाबत कोर्ट ने याचिका संख्या 47 /2017 पर सुनवाई करते हुए पीडि़ता की याचिका को खारिज कर दिया।
यानी अब इस बेहद हाई प्रोफाइल यौन शोषण मामले की सुनवाई अब एससी/एसटी कोर्ट में ही होगी। जिला जज के आदेश की प्रति एससी/एसटी कोर्ट को भेज दी गयी हैं। इधर पीडि़ता की टीसी फर्जी पाएं जाने के बाद एसआईटी पारा माउंट स्कूल के संचालक अरूण ठाकुर को खोज रहीं हैं।अरूण ठाकुर पुलिस की डर से मुजफ्फरपुर छोड़ चुका हैं।
इस मामले की जांच कर रहीं एसआईटी को बीएसएसई में घोटाले की संकेत मिले हैं।एसआईटी ने सीबीएसई एवं नेट्रोडम को पत्र लिखकर दो-दो सर्टिफिकेट के बारे में अविलंब जानकारी मांगी हैं । नेट्रोडम स्कूल ने 15 दिनों के अंदर जबाब उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था।