Big News (वीडियो) भागलपुर में BJP, और बजरंग दल के जुलूस से भड़की साप्रदायिक दंगे का खौफनाक सच जानकर आपके होश उड़ जायेंगे, देखिये 

कुलदीप भारद्वाज, मैनेजिंग एडिटर, पटना Live

पटना Live डेस्क। बिहार के भागलपुर में विक्रम संवंत के दिन भाजपा और बजरंग दल के जुलूस के दौरान दो समुदायों में भिडंत हो गई थी। इसमें कई लोग घायल हो गये थे। कारण बना था विक्रम संवंत जुलूस के दौरान मेदनीनगर चौक पर एक पक्ष के लोगों ने गाना बजाने और चौक पर जुलूस ठहरने से मना किया। इसको लेकर जुलूस में शामिल लोग और स्थानीय लोगों में जमकर टकराव हुआ था। फिर मामला शांत हो गया और जुलूस आगे बढ़ गया था। यहां मामला शांत होने के बाद जुलूस नाथनगर से गुजरा रहा था कि तभी मेदनीनगर चौक पर चंपानगर और बाबू टोला के लोग आमने सामने हो गए और एक-दूसरे पर पथराव करने लगी। इस दौरान जमकर बमबाजी भी की गई। इस दौरान एक बाइक में आग लगा दी गई थी।दुकानों में तोड़फोड भी की गई। पुलिस द्वारा फिर भागलपुर में सांप्रदायिक हिंसा के मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत और दस अन्य के ख़िलाफ़ पुलिस ने मामला दर्ज किया।
भागलपुर पुलिस द्वारा दो अलग अलग FIR दर्ज किया है।भाजपा,आरएसएस और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के शोभायात्रा निकालने के दो दिन बाद पुलिस ने ये कार्रवाई की है।पुलिस के अनुसार बिहार के भागलपुर में बीजेपी ,आरएसएस और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की रैली का नेतृत्व केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के बेटे अरिजीत शाश्वत ने किया था। जुलूस के दौरान इन कार्यकर्ताओं ने ही कथित तौर पर न केवल भड़काऊ नारे लगाए बल्कि एक गाना लगातार जुलूस में बजता रहा था, जिससे सांप्रदायिक तनाव फैला था।
पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे में अर्जित पर दंगा करने,हिंसा फैलाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।अर्जित के अलावा इलाके के 10 अन्य लोगों के ख़िलाफ़ भी आर्म्स एक्ट के तहत एफ़आईआर दर्ज की गई है।
इस बाबत भागलपुर के उप पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव के अनुसार “हमने दो अलग-अलग एफ़आईआर दर्ज की हैं।अर्जित शास्वत और आठ अन्य के ख़िलाफ़ आईपीसी और लाउड- स्पीकर एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। मोटर साइकिल रैली के लिए इजाज़त नहीं ली गई थी।अगर प्रशासन ने मंज़ूरी दी होती तो वह शोभायात्रा के रास्ते का निर्णय लेता और उसके मुताबिक इंतज़ाम करता।
अब तक कि खबर पढ़कर आपको अंदाजा हो गया होगा कि भागलपुर शहर को दंगे की आग में झोंकने में सबसे बड़ा बना था – जुलूस के दौरान बज रहा एक गाना बना साथ ही जुलूस के दौरान DJ पर लगातार एक बेहद आपत्तिजनक गाना और नारेबाजी होती रही थी। इसी को लेकर मेदनीनगर चौक पर एक पक्ष के लोगों ने गाना बजाने और चौक पर जुलूस को ठहरने से मना किया। इसको इसको लेकर जुलूस में शामिल लोग और स्थानीय लोगों में टकराव हुआ था और फिर शहर दंगे की आग में झुलस गया था। आइए हम वो गाना और नारेबाजी के वीडियो आपको दिखाते है जिसने एक बार फिर भागलपुर की शांति और सौहार्द को आग लगाने की कोशिश की गई थी।