गिरफ्तारी की आशंकाओं के बीच अग्रिम जमानत की तैयारी में जुटे लालू!

रेल टेंडर घोटाला में फंसे लालू परिवार की मुश्किलें समय के साथ-साथ बढ़ने वाली हैं. जानकारी के मुताबिक सीबीआई अगले कुछ दिनों में तीनों लोगों को पूछताछ के लिए दिल्ली तलब कर सकती है. हो सकता है कि इनकी इन मामलों में गिरफ्तारी भी हो जाए. इस बात ने लालू परिवार की चिंताएं बढ़ा दी हैं. इसी बात को ध्यान में रखते हुए लालू प्रसाद अब अग्रिम जमानत की तैयारी में हैं. एक- दो दिनों में दिल्ली में जमानत याचिका दाखिल की जा सकती है,जिससे उन्हें जेल ना जाना पड़े. इस मामले में लालू प्रसाद के साथ-साथ राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव आरोपी हैं. सीबीआई की छापेमारी और उसमें तेजस्वी यादव का नाम आने के बाद सरकार में साझीदार दल जेडीयू ने तेजस्वी के इस्तीफे के लिए राजद पर दबाव बढ़ा दिया है. अगर तेजस्वी गिरफ्तार हो जाते हैं तो फिर उनके पास इस्तीफा देने के सिवाए दूसरा कोई चारा नहीं बचेगा. साथ ही परिवार की राजनीतिक हैसियत को भी झटका लगेगा. इसी बात को ध्यान में रखकर लालू परिवार अग्रिम जमानत लेने की बात पर विचार कर रहा है. लालू प्रसाद अग्रिम जमानत के मामले में देश के शीर्ष वकीलों की भी राय ले रहे हैं.

लालू प्रसाद परिवार के खिलाफ जांच में भी जांच एजेंसियां पूरी सावधानी के साथ आगे बढ़ रही हैं. उऩ्हें पता है कि जरा भी चूक उनकी मेहनतों पर पानी फेर सकता है. जांच एजेंसियां फिलहाल दो स्तर पर कार कर रही हैं. पहला पुरानी सबूतों की गहराई से जांच की जा रही है,जबकि नए मामलों में और सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं.

लालू प्रसाद और उनके परिवार से सीबीआई अगले सप्ताह पूछताछ कर सकती है. सीबीआई ने इस मामले में रेलवे के कुछ अफसरों पर भी अपनी नजर बनाई हुई है. ये वैसे अधिकारी हैं जिन्होंने लालू प्रसाद के रेल मंत्री रहते काम किया है. रेलवे के होटलों को लीज पर दिए जाने में इऩकी भी भूमिका रही है. सीबीआई ने मंत्रालय से साल 2004 से 2007 के बीच वैसी फाइलों की मांग की है, जिसमें बतौर रेलमंत्री लालू ने महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. ये सभी फाइलें रेलवे के वाणिज्यिक कामकाज से संबंधित हैं.