बड़ी खबर — महादलित विकास मिशन में करोड़ो का घोटाला, दो आईएएस व दो रिटायर्ड आईएएस सहित 10 के खिलाफ एफआईआर, जल्द होगी गिरफ्तारी

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पटना Live डेस्क।बिहार में एक और बड़े घोटाले के खुलासे से सुशासन कि सरकार की धुकधुकी बढ़ती प्रतीत हो रही हैं। इस घोटाले के उजागर होने के साथ ही बिहार निगरानी विभाग ने दो आईएएस,दो रिटायर्ड आईएएस समेत 10 के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है।एफआईआर में आरोपी बनाये गए एक आरोपी फिलहाल बीएलटी के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। प्रथम दृष्टा में सारे साक्ष्य आरोपियों के खिलाफ हैं।इसलिए आरोपियों पर जल्द गिरफ्तारी की तलवार लटक गई हैं।सूबे में महादलितों के उत्थान के लिए बिहार सरकार ने वर्ष 2007 में महादलित विकास निगम का गठन किया। कुछ तकनीकी और सरकारी प्रक्रिया के तहत महादलित विकास निगम वर्ष 2010 में आरम्भ हुआ और सूचारू तौर पर काम करना शुरू किया।महादलित विकास निगम के अंतर्गत विकास मित्र,सामुदायिक भवन सह वर्क शेड,सहायता कॉल सेंटर ,विशेष विद्यालय सह छात्रावास, दशरथ मांझी कौशल विकास योजन ,मैनुयल स्कैनेचर, मुख्यमंत्री महादलित रेडियो योजना,मुख्यमंत्री महादलित पोशाक योजना की स्वीकृति सरकार ने दिया और इस मद में करोड़ों रूपये आवंटित कर दिया। महादलित वर्ग से आने वाले प्रशिक्षणार्थियों के सुविधाएं और साधन के लिए श्रीराम न्यू हौरीजोन एवं आईआईआईएम लिमिटेड को टेंडर दिया गया।


लेकिन,टेंडर मिलते ही सरकारी धन की लूट की कवायद प्रशिक्षणार्थियों का गलत आकड़ा एवं गलत खर्च राशि दिखाकर वित्तीय वर्ष 2010 से लेकर 2016 के अंतराल में महादलित विकास निगम में उपयुक्त योजनाओं के नाम पर करोड़ों करोड़ रूपये का घोटाला किये जाने का मामला प्रकाश में आया, तो महादलित विकास निगम ने मुख्य सचिव को जानकारी दिया एवं कानूनी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा। मुख्य सचिव के निर्देश के बाद महादलित विकास निगम में करोड़ों रूपये के घोटाले की जांच निगरानी को सौंप दिया गया।


निगरानी डीजी रविन्द्र कुमार ने चस्पा किये गए आरोपों की सत्यता के लिए एक जांच टीम डीएसपी अरूण कुमार के नेतृत्व में गठित किया। फिर निगरानी डीएसपी अरूण कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर निगरानी कांड संख्या 81 /17 धारा- 406 ,409 ,420 ,467,468 ,471 ,(ए) एवं 120 (बी) के तहत मामला दर्ज किया गया हैं। इसमें तत्कालीन मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ,महादलित विकास निगम के एस एम राजू (आईएएस,तत्कालीन मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ),रवि मनु भाई (आईएएस), केपी रमैया (रिटायर्ड आईएएस,तत्कालीन मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी),रामा आशिष पासवान (रिटायर्ड आईएएस,तत्कालीन निदेशक),प्रभात कुमार (रिटायर्ड ,बीपीएस),श्रीमती देव जानी, उमेश कुमार मांझी, शरद कुमार झा ,सौरभ वशु, जयदीप कौर सहित अज्ञात को आरोपी बनाया गया हैं। इन सभी आरोपियों पर महादलित विकास निगम के 4 करोड़ रूपये से ऊपर का घोटाला करने का आरोप हैं। निगरानी सुत्रों की मानें तो भ्रष्टाचार में शामिल नामजद आरोपियों को जल्द गिरफ्तारी हो सकती हैं। इस मामले के आरोपी रिटायर्ड आईएएस केपी रमैया,बीएलटी के कार्यकारी अध्यक्ष हैं।भ्रष्टाचार का आरोप लगने पर इनका छुट्टी होने की सम्भावना हैं।